July 17, 2024

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मिर्जापुर 30 जून 24*बच्चों का रखें खास ख्याल, बार.बार कराएं हाथों को साफ - डॉ अनिल कुमार ओझा*

मिर्जापुर 30 जून 24*बच्चों का रखें खास ख्याल, बार.बार कराएं हाथों को साफ – डॉ अनिल कुमार ओझा*

मिर्जापुर से बसन्त कुमार गुप्ता की रिपोर्ट यूपी आजतक

मिर्जापुर 30 जून 24*बच्चों का रखें खास ख्याल, बार.बार कराएं हाथों को साफ – डॉ अनिल कुमार ओझा*

*डायरिया रोको अभियान आज से शुरू*

31 अगस्त 2024 तक जिले में चलेगा अभियान

मिर्जापुरए वर्तमान में तेजी से फैलते संक्रमण के बीच बच्चों की देखरेख में जरा सी भी लापरवाही गंभीर रूप ले सकती है। विशेषकर इस मौसम में होने वाला वायरल डायरिया बच्चों को मुश्किल में डाल सकता है। इसलिए छोटे बच्चों के हाथों को बार.बार अच्छी तरह से साफ कराते रहना चाहिए। यह कहना है. अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ अनिल कुमार ओझा का ।
डॉ अनिल का कहना है कि इस वक्त मौसम के बदलाव की वजह से बुखार आम हो चुका है और हर घरों में बुखार से पीड़ित लोग हैं। बुखार के साथ खांसी और जुकाम का होना मुश्किलों को बढ़ा देने वाला है। ऐसे समय में बिना देर किये हुये नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर डाक्टर के परामर्श से ही दवा लें और उपचार के दौरान आराम करें जिससे जल्द से जल्द बीमारी को भगाया जा सके। उसके साथ ही विभाग कीे ओर से झायरिया रोको अभियान 31 अगस्त 2024 तक चलया जायेगा जिसके तहत 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को 02 पैकेट ओ0आर0एस0 से आच्छादित किया जाना है। इसके साथ ही डायरिया से ग्रसित बच्चो को 14 दिनो के लिये जिंक टैबलेट उपलब्ध करायी जायेगी। जनजागरूकता हेतु डायरिया से बचाव एवं प्रबन्धन हेतु विभिन्न स्तरो पर प्रचार.प्रसार किया जायेगा।
जिला कार्यक्रम प्रबन्धक अजय सिंह ने बताया कि पांच माह से ऊपर के बच्चों को इस मौसम में मौसमी बुखार व डायरिया होने की अधिक संम्भावना बनी रहती है। इस रोग में बच्चे दूध पीने के साथ ही दस्त दस्त कर देते हैं । ऐसे में बच्चों की साफ.सफाई का विशेष ख्याल रखना चाहिए। दिन में कई बार बच्चों के हाथों को साफ करते रहना चाहिए क्योंकि बच्चे हर चीज को छूते हैं और फिर वही हाथ मुंह में डाल लेते हैं ।ऐसी स्थिति में वायरल डायरिया होने की संभावना ज्यादा होती है। माता.पिता दांत निकलने की बात सोचकर बच्चों का उपचार नहीं कराते और स्थिति गंभीर हो जाती है ।

दिनकर लाल ने ने बताया कि बच्चों में बुखार भी तेजी से फैल रहा हैए ऐसे में बच्चों की टीएलसी और प्लेटलेट्स कम हो जाती है। इस तरह का बुखार 5 से 7 दिन तक रहता है, इसलिए नियमित उपचार और दवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करना चाहिए।
डायरिया में खतरे का लक्षण –
स्तनपान न करना, बच्चे का सुस्त होना, बच्चे को कुछ भी खिलाने व पिलाने में कठिनाई होना या उल्टी होना, बच्चे की सूखी एवं धंसी हुई आंखे, बुखार का होना एवं दस्त के दौरान खून का आना,
डायरिया की रोकथाम कैसे करे-
06 माह के बच्चे को सिर्फ स्तनपान व इसके उपर वाले बच्चे को स्तनपान के साथ ही घर का पोषक आहार, विटामिन ए की खुराक के अनुसार पूरक खुराक, हाथो की साफ सफाई, पीने के लिये साफ पानी का प्रयोग, रोटावायरस एवं खसरा टीकाकरण
डायरिया का इलाज-
दस्त के तुरन्त बाद बच्चे को ओआरएस का घोल अवश्य दे। जिंक की गोली दिन में एक बार 14 दिनो तक दे।

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