मथुरा19दिसम्बर23*कृष्ण जन्मभूमि/शाही ईदगाह हाईकोर्ट अपडेट–*
*भगवान केशव देव को पैरवी के लिए ले जाया गया हाईकोर्ट, हाईकोर्ट ने पहली बार जारी किया भगवान केशव देव का एंट्री पास–* कार्ड में लिखा उम्र,केस और मोबाइल नंबर 11 जनवरी को आ सकता है श्री कृष्ण जन्म स्थान मामले में फैसला–
श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मामले में विवादित स्थल का सर्वे के लिए कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में हाईकोर्ट 11 जनवरी को फैसला सुना सकता है। कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करने के मामले में हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट में अलग नजर देखने को मिला। यहां मथुरा से भगवान केशव देव खुद केस की पैरवी करने पहुंचे। इसके लिए अन्य वादियों की तरह भगवान का भी पास जारी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के वकील सार्थक चतुर्वेदी ने बताया कि यह पहला मामला है। जिसमें भगवान के लिए पास जारी किया है।
*भगवान केशव देव को ले जाएगा मथुरा से इलाहाबाद, भगवान के लिए जारी किया पास–* श्री कृष्ण जन्मभूमि शाही ईद के मामले में कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करने को लेकर हुई सुनवाई के दौरान मथुरा से भगवान केशव देव को इलाहाबाद हाईकोर्ट ले जाया गया। श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के द्वारा दाखिल वाद में अध्यक्ष आशुतोष पांडे ने भगवान के मित्र के रूप में वाद दाखिल किया हुआ है। इसमें भगवान केशव देव को भी वादी बनाया गया है। सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान भगवान केशव देव को मथुरा से इलाहाबाद ले जाया गया। इसके लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भगवान का भी पास जारी किया है। इस पास के जरिए भगवान केशव देव और अन्य वादकारियों को कोर्ट के गेट नंबर 3 से प्रवेश दिया गया है।
*पास में भगवान की उम्र लिखी 0 वर्ष, कोर्ट ने दोनों पक्षों की बात सुनी–* श्रीकृष्ण जन्मभूमि निर्माण ट्रस्ट द्वारा दाखिल वाद में भगवान केशव देव वादी नंबर 6 है। इसलिए भगवान को कोर्ट ले जाया गया। भगवान के प्रवेश के लिए कोर्ट द्वारा जारी किए गए एंट्री पास में नाम के आगे ठाकुर केशव जी महाराज लिखा तो उम्र के आगे 0 लिखा था। इसमें पता की जगह ठाकुर केशव देव जी महाराज विराजमान मंदिर कटरा केशव देव मौजा मथुरा बांगर तहसील मथुरा लिखा था। इसके अलावा केस नंबर कोड नंबर भी पास में अंकित किया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय में दोनों पक्षों को सुना। सुनवाई के दौरान वफ्फ बोर्ड ने कहा कि 9 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। इसलिए थोड़ा समय देना चाहिए इसके बाद हाई कोर्ट के जस्टिस ने फैसला सुरक्षित करते हुए 11 जनवरी की तारीख थी है

More Stories
बुलन्दशहर१ जुलाई 26* औरंगाबाद मेंन बाजार में नगर पंचायत की लापरवाही के चलते ही दुकानो में भरा बारिश का पानी लोग परेशान
हरदोई १ जुलाई २६ * रिश्तों की मर्यादा भूला जीजा! इंस्टाग्राम पर साली की एडिटेड फोटो पोस्ट करने का आरोप, लाइक्स के चक्कर में पहुंचा थाने
हमीरपुर १ जुलाई २६ * भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने वर्तमान की कुत्सित मानसिकता ने समाज को दो धड़ों में बाँट दिया है।