मथुरा 21 फरवरी 26*मोबाइल हैकर से 99,000/- रूपये खाते मे बापस कराये
थाना राया व साइबर सेल पुलिस टीम की संयुक्त कार्यवाही से आवेदक के मोबाईल पर लिंक भेजकर मोबाईल हैक कर आवेदक के साथ साइबर अपराध कर 99,000/- रुपया स्थानान्तरित करा लेने के प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही करते हुए खाते से निकाली गयी सम्पूर्ण धनराशि आवेदक के खाते में वापस करायी गई ।*
थाना राया पुलिस व साइबर सेल पुलिस टीम जनपद मथुरा की संयुक्त कार्यवाही से आवेदक/पीड़ित के साथ हुई धोखाधडी के संदर्भ मे दिनांक 20.12.2025 को अज्ञात व्यक्ति द्वारा आवेदक के पास लिंक भेजकर आवेदक के मोबाइल को हैक कर आवेदक के खाते से कुल 99000/- रुपये ट्रांसफर करा लेने के सम्बन्ध में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करायी थी । ऑनलाइन शिकायत पर थाना राया पुलिस टीम व साइबर सैल पुलिस टीम मथुरा द्वारा उपलब्ध करायी गयी जानकारी व प्रस्तुत किये गये बैंक स्टेटमेन्ट के आधार पर थाना राया प्रभारी द्वारा साइबर सैल प्रभारी के निर्देशन में कार्यवाही करते हुए स्थानान्तरित हुई धनराशि के सम्बन्ध में आवेदक / पीड़ित की स्थानान्तरित हुई धनराशि कुल 99,000/- रुपये को साइबर अपराधी के खाते में लीन कराया गया । लीन कराई गई राशि को आवेदक/पीडित के खाते में रिफंड कराने हेतु कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय के आदेशानुसार रिफण्ड कराया गया । आवेदक/पीडित द्वारा साइबर सैल जनपद मथुरा व थाना राया साइबर पुलिस टीम की इस कार्यवाही की भूरि – भूरि प्रशंसा की गई ।
*साइबर सेल/थाना राया पुलिस टीम के सदस्यों के नाम:-*
1.निरीक्षक कर्मवीर सिंह प्रभारी निरीक्षक थाना राया जनपद मथुरा ।
2.उ0नि0 आशीष मलिक प्रभारी साइबर सेल जनपद मथुरा ।
3.उ0नि0 राज वर्मा थाना राया जनपद मथुरा ।
4.उ0नि0 करुणाशंकर दीक्षित थाना राया जनपद मथुरा ।
*नोटः- साइबर सेल मथुरा द्वारा साइबर ठगी से बचने हेतु आम-जनमानस को संदेश-*
1) किसी भी कम्पनी का कस्टमर केयर नम्बर उस कम्पनी के आधिकारिक वेवसाइट से ही प्राप्त करें।
2) कोई भी बैंक अधिकारी फोन पर कभी भी आपसे एटीएम खाते क्रेडिट कार्ड अन्य से सम्बन्धित जानकारी नहीं मांगता इसलिए कभी भी फोन कॉल पर अपने बैंक से सम्बन्धित जानकारी शेयर ना करें।
3) किसी भी क्यूआर कोड से पेमेंट लेते/देते समय यह अवश्य चेक करें कि क्यूआर कोड पेमेंट लेने वाला है या देने वाला है।
4) किसी भी प्रकार का साइबर क्राइम होने पर हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर कॉल कर या https://cybercrime.gov.in/Webform/Accept.aspx पर अपनी शिकायत दर्ज कराये ।
5) खाते में KYC अपडेट कराने के लिये बैकों द्वारा कभी भी किसी से व्यक्तिगत जानकारी/OTP/CVV/पिन नम्बर नही मांगा जाता है।
6) फोन पर आने वाली कॉल पर रिश्तेदार बनकर बातें करने वाला व्यक्ति फ्राड़ हो सकता है, अतः आप अपने कॉनटेक्ट लिस्ट मे पहले से आपके द्वारा सेव किये गये नम्बर पर कॉल कर पहले उससे पुष्टी कर ले।
7) डिजिटल अरेस्ट ब्लैकमेलिंग करने का एक एडवांस तरीका है । डिजिटल अरेस्ट स्कैम के शिकार वही लोग होते हैं जो अधिक पढ़े लिखे और अधिक होशियार होते हैं। डिजिटल अरेस्ट का सीधा मतलब ऐसा है कि कोई आपको ऑनलाइन धमकी देकर वीडियो कॉलिंग के जरिए आप पर नजर रख रहा है । डिजिटल अरेस्ट के दौरान साइबर ठग नकली पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को धमकाते हैं और अपना शिकार बनाते हैं । इस दौरान वे लोगों से वीडियो कॉल पर लगातार बने रहने के लिए कहते हैं और इसी बीच केस को खत्म करने के लिए पैसे भी ट्रांसफर करवाते रहते हैं ।

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