भरथना इटावा 3 दिसंबर*जयोत्री एकेडमी से ईशान पोरवाल ने प्रथम प्रयास में आईआईटी परीक्षा उत्तीर्ण की।
आईआईटी जेईई एडवांश में कई लाख छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कर परीक्षा में हिस्सा लिया जिनमें से कुछ चुनिंदा लोगों के सफलता हासिल की। जिनमें कि एक नाम जिला इटावा के कस्बा भरथना के विधूना रोड स्थित जयोत्री एकेडमी के छात्र ईशान पोरवाल का है। इशान पोरवाल के आईआईटी सिविल में 8537वीं रेंक प्राप्त कर सफलता हासिल की।
ईशान का कहना है कि इस परीक्षा को पास करने के लिये कुछ अलग से तैयारी करने की आवश्यकता नहीं है। अपने स्वयं के नोट्स बनाकर नियमित रूप से ईमानदारी के साथ पढ़ाई करने की है। सुबह 4 बजे उठकर प्रतिदिन 2 घंटे पढाई करने वाले ईशान का कहना है कि जब 2 वर्ष की लगातार पढ़ाई करने के बाद उन्होने स्वयं को अन्य छात्रों, जो कि परीक्षा के कुछ समय पूर्व पढ़ना शुरु करते है, से 730 घंटे आगे पाया। जो कि सफलता का मूल मंत्र रहा।
ईशान ने कहा कि वे अपने 12वीं की पढ़ाई भरथना के जयोत्री की एकेडमी द्वारा पूरी करने के बाद सैल्फ स्टडी में लगभग 8 घंटे पढ़कर और बाद में डाउट्स अध्यापकों द्वारा हल करते थे। वहीं अध्यापकों का कहना है कि ईशान शुरू से ही होनहार छात्र था जो कि अधिक से अधिक समय अपनी पढ़ाई पर ही व्यतीत करता था। इस होनहार छात्र ने सफलता प्राप्त करने के बाद अपने माँ बाप के साथ-साथ अध्यापकों का भी नाम रोशन किया है। ईशान भविष्य में सिविल इंजीनियरिंग के द्वारा देश सेवा करना चाहते है। उन्होने कहा कि अपन कार्य को चुनकर उसी पर फोकस करके कठिन कार्य को भी आसानी से किया जा सकता है।
इंन्जीनियरिग परीक्षा के लिये आमतौर पर किसी विद्यार्थी का यह सपना होता है कि वह आईआईटी परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने पसंद की जॉब हासिल कर सके, क्योंकि आईआईटी देश की उच्च श्रेणी की कठिन परीक्षाओं में से एक है।
गर्व का क्षण माँ-पिता, विद्यालय एवं अध्यापकों के लिये होता है, जो किसी विद्यार्थी को आईआईटी जैसी संस्थानों में सीट सुरक्षित करने में सफलता, दिलाने में सहायक रहे है। ईशान पोरवाल, ने इसी वर्ष, गणित विषय के साथ कक्षा 12वीं की परीक्षा जयोत्री अकादमी, विद्यालय भरथना से 90 प्रतिशत अंको के साथ-साथ आईआईटी सिविल जैसी परीक्षा पासकर अपना मुकाम हासिल किया।
जयोत्री अकादमी के निदेशक नितिन पोरवाल, प्रधानाचार्य योगेंद्र नाथ मिश्रा एवं सभी शिक्षकों ने ईशान पोरवाल एवं उनके माता-पिता को बधाई के साथ-साथ विद्यालय स्वागत समारोह आयोजित किया। ईशान के साथ उनके पिता श्री योगेश पोरवाल, माता इंदू पोरवाल ने ईशान की सफलता का श्रेय सिर्फ ईशान को दी। जबकि ईशान का कहना है कि माता-पिता का सहयोग एवं प्रेरणा माता-पिता से मिलता रहा, जिसके कारण ही प्रथम प्रयास में ही आईआईटी जैसे संस्थानों में स्थान मिल पाया है। ईशान पोरवाल से बातचीत के दौरान उन्होने अपनी पढ़ाई से और तैयारी से सम्बंधित कुछ बातें साझा की है।
भरथना से – अमित गुप्ता की रिपोर्ट यूपी आजतक न्यूज़

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