बाँदा 28/11/25*इटवा खदान के अवैध रोकने में खनिज विभाग नाकाम*- *खदान संचालक के रसूख के आगे बौना साबित हो रहा प्रशासन और खनिज विभाग*
यूपीआजतक बांदा ब्यूरो सुनैना निषाद की रिपोर्ट
बांदा। –लाल सोने की लूट की लिए कुख्यात कथित खनन माफिया की इटवां खदान में अवैध खनन थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। अवैध खनन के मामले में खदान रोजाना नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। प्रदेश की योगी सरकार की जीरो टालरेंस नीति की धज्जियां इस खदान में खुलेआम उड़ाई जा रही हैं। सूत्रों की मानें तो खदान संचालक का सत्ता पक्ष के खादीधारी नेताओं के साथ खासी नजदीकी चर्चा का विषय बनी हुई है। इसी लिए खनन विभाग के अधिकारियों के हांथ इस खदान में डालने में कांप रहे हैं।
अधिकारियों को पर खदान संचालक बालू माफिया का भय इस कदर हावी है कि खदान जाने के बाद भी अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की।
इससे साफ जाहिर होता है कि अधिकारियों को खदान संचालक पूरी तरह से हावी है।
बबेरू तहसील क्षेत्र के अन्तर्गत संचालित होने वाली इटवां खदान के पट्टा धारक द्वारा लगातार वैध पट्टे की आड़ में सीमा क्षेत्र से बाहर जाकर अवैध खनन कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। जिसका वायरल वीडियो और तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है।
कहने को तो पट्टा धारक का पट्टा इटवां खदान के नाम से हैं लेकिन खनन कारोबारी अपने रसूख के दम पर अपने दो प्यादों गुप्ता और यादव के दम पर सीमा क्षेत्र से बाहर मौजा चकरेही में अवैध खनन कार्य को लगातार अंजाम दे रहा है। सबसे बड़ी हैरानी की बात तो यह है कि लगातार हो रहे अवैध खनन पर किसी भी अधिकारी की कोई नजर नहीं पड़ रही है। मानो सबकुम सेट हो।
सूत्रों की मानें तो मंगलवार को खानापूर्ति करने पहुंची जांच टीम ने महज रस्मी अदायगी करके चली आयी। सबसे हैरानी वाली बात तो यह रही कि जांच के सामने मौजूद प्रतिबंधित मशीने और उसके द्वारा सीमा क्षेत्रों से बाहर किया गया अवैध खनन नहीं दिखाई दिया। टीम की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। जांच टीम के लौटने के बाद फिर दोगुनी रफ्तार से खदान में अवैध खनन कार्य लगातार जारी रहा। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि रात के अंधेरे में असलहाधारी बदमाशों के बल पर अवैध खनन कार्य लगातार जारी रहता है। लोकेशनबाजों की लोकेशन के बाद सैकड़ों की संख्या में बालू भरे ट्रक रवाना हो जाते हैं।
वहीं जब जांच टीम की कार्यवाही आदि के संबंध में जब खनिज अधिकारी राज रंजन से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने काल रिसीव नहीं की। खनिज अधिकारी की कार्यशैली लगातार सवालों के घेरे में है। ऐसे मंे योगी सरकारी की जीरो टालरेंस की नीति को खनिज अधिकारी खुले तौर पर बट्टा लगा रहे है। अब देखने वाली बात यह होगी की इटवां खदान में अवैध खनन की बहार कब रूकती है। या फिर गुप्ता जी और यादव जी का जादू यों की चलता रहता है।

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