April 4, 2026

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प्रयागराज19अक्टूबर23*शातिर और जुनूनी भूमाफिया है पिस्टल लगा घूमने वाला भूमाफिया अब्दुर्रहमान*

प्रयागराज19अक्टूबर23*शातिर और जुनूनी भूमाफिया है पिस्टल लगा घूमने वाला भूमाफिया अब्दुर्रहमान*

प्रयागराज19अक्टूबर23*शातिर और जुनूनी भूमाफिया है पिस्टल लगा घूमने वाला भूमाफिया अब्दुर्रहमान*
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√ *_गज्जूपुरवा आराजी की जमीन खरीदकर, निर्माण किया केडीए के करोड़ों के भूखंडों को कब्जाकर_*
√ *_केडीए की मिलीभगत से जाजमऊ और पूरे पूर्व कानपुर में कब्जाई पचास करोड़ से अधिक की जमीनें_*
√ *_हथियारों का भय दिखाकर औने पौने में लोगों से हथियाता है जमीनों के कब्जे, केडीए गायब करता रिकॉर्ड!_*
√ *_संगीन मुकदमों के बावजूद भूमाफिया के बिगड़ैल लड़के के नाम पर 12 साल से जारी है पिस्टल का लाइसेंस_*
√ *_नीचे पढ़िए : खत्म हुए अतीक अहमद गिरोह के बचे गुर्गों से भूमाफिया के संबंधों का शक!_*
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*कानपुर।* कुख्यात भूमाफिया बिल्डर हाजी वसी के शातिर बेटे अब्दुर्रहमान ने केडीए के जोन 1 जाजमऊ में 50 करोड़ से अधिक की सरकारी जमीनों पर कब्जे करके अवैध निर्माण कर डाले हैं। शातिर अब्दुर्रहमान ने जाजमऊ के गज्जूपुरवा में आराजी संख्या 1055 के बदले, इससे लगभग 700 मीटर की दूरी पर, में रोड पर स्थित केडीए के भूखंड संख्या 1068 और 1069 पर कब्जा कर लिया। इससे पूर्व केडीए के इन दोनों प्लाटों पर कब्जा लिए दूसरे शख्स को डरा धमकाकर, थोड़े पैसे चुकाकर उससे कब्जा खरीद लिया। फिर केडीए के जोन अधिकारियों की मिलीभगत से कागजों में रोड के इन दोनों प्लाट संख्या 1068 और 1069 को आराजी संख्या 1055 दिखा दिया। पुराना रिकॉर्ड ही केडीए से गायब करवा दिया गया, जैसा की ‘चाइना रजिस्ट्री’ में किया जाता है। उस वक्त अरविंद उपाध्याय जोन में केडीए के जेई थे। आराजी के नाम पर मेन रोड पर अब्दुर्रहमान द्वारा कब्जाये गए केडीए के भूखंडों में से ये भूखंड करोड़ों कीमत के हैं। जिनपर अब बेसमेंट समेत एक आलीशान छह मंजिला इमारत बन चुकी है। जाजमऊ समेत पूर्वी कानपुर में नटोरियस अब्दुर्रहमान बताते हैं कि दबंगई और गुंडई की दम पर लोगों से कब्जे छुड़वाकर, औने पौने में अपने कब्जे करता है। इसके लिए का कथित तौर पर अवैध हथियारों समेत उस लाइसेंसी पिस्टल का भी प्रयोग करता है, जिसका लाइसेंस उसे तमाम मुकदमे होते हुए जोड़ जुगाड अपने पिता हाजी वसी वाले चमनगंज के पते से 6 जून 2011 को जारी हुआ था। कथित जुनूनी अपराधी अब्दुर्रहमान को चमनगंज थाने से जारी पिस्टल लाइसेंस का नंबर 343 है, जिसको प्रशासन को जांच करके अविलंब रद्द करना चाहिए, क्योंकि ये सुरक्षा के बजाए मासूमों को डराने के काम में आता है। अब्दुर्रहमान ने कथित तौर पर इसी पिस्टल से जाजमऊ की केडीए जमीन से सस्ते में कब्जा छुड़ाने के लिए, उस वक्त के कब्जेदार को डराने के लिए फायर झोंक दिया था। बता दें कि कुख्यात हाजी वसी और उसका शातिर बेटा अब्दुर्रहमान कभी भी अपने नाम से प्रॉपर्टी का धंधा नहीं करते। पिछली खबरों में इन कुछ नामों का खुलासा कर चुके हैं, जिनके नाम से जाजमऊ में अब्दुर्रहमान प्लॉट और फ्लैट आदि खरीदता-बेंचता खरीदता है, वहीं उस महिला का भी नाम उजागर कर चुके हैं जिनके नाम से जेल में रहते हुए शातिर अब्दुर्रहमान ने प्रेमनगर और सिविल लाइंस में संपत्ति क्रय-विक्रय की।

शहर आया था प्रयागराज चकिया निवासी शूटर फैसल!

जेल से बाहर आ चुके कुख्यात भूमाफिया और बिल्डर हाजी वसी के शातिर बेटे अब्दुर्रहमान का संबंध खत्म हो चुके अतीक चकिया गैंग से तो नहीं है? ये सवाल इसलिए भी खड़े हो रहे हैं की पिछले दिनों चमनगंज इलाके के जुबली कालेज वाली रोड पर एक विवाद में प्रयागराज से कुछ लोगों को बुलवाए जाने का शक जताया गया था। पब्लिक का आरोप है कि एक पक्ष ने चकिया के निवासी, अतीक अहमद के शूटर रहे फैसल को अपनी गाढ़े नीले रंग की मारूति सियाज सिडान यूपी 70 जीके 4052 के सांग देखा। कुछ लोगों ने इस कार की और उसके साथ आए दो बाईकों की फोटो भी खींची। बताया गया कि उक्त वाहनों से आए लोग कई दिन यहां ठहरे और फिर कथित तौर पर कुख्यात भूमाफिया के बेटों से भी मिले।

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