May 1, 2026

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पूर्णिया बिहार 30 अप्रैल 26 इंसानियत शर्मसार: ट्रेन में मौलाना तौसीफ की लहूलुहान लाश मिली,

पूर्णिया बिहार 30 अप्रैल 26 इंसानियत शर्मसार: ट्रेन में मौलाना तौसीफ की लहूलुहान लाश मिली,

पूर्णिया बिहार 30 अप्रैल 26 इंसानियत शर्मसार: ट्रेन में मौलाना तौसीफ की लहूलुहान लाश मिली,

बीवी को आखिरी कॉल के बाद तोड़ा दम; बलियावी ने दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग को लिखा पत्र

मोहम्मद इरफान कामिल यूपी आजतक पूर्णिया डिविजन बिहार

*पूर्णिया बिहार ।* चलती ट्रेन में इंसानियत का कत्ल हो गया। उर्स-ए-ताजुश्शरिया से लौट रहे किशनगंज के इमाम मौलाना तौसीफ रजा मजाहरी की ट्रेन में बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उनकी लहूलुहान लाश बरेली कैंट स्टेशन के पास पटरियों पर मिली। इस खौफनाक वारदात ने हर संवेदनशील दिल को दहला दिया है। बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष गुलाम रसूल बलियावी ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, नई दिल्ली को ‘अर्जेंट’ पत्र लिखकर कातिलों के खिलाफ फौरन कार्रवाई की मांग की है।

*मौत से पहले बीवी को किया था आखिरी कॉल*

30 अप्रैल को लिखे गए पत्र में बलियावी ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से इस दर्दनाक हादसे का खुलासा हुआ। किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड की भोगडावर पंचायत निवासी मौलाना तौसीफ रजा मजाहरी गोरखपुर में इमामत करते थे। 26 अप्रैल को वह बरेली में उर्स में शिरकत के बाद ट्रेन नं-04314 के जनरल कोच से सिवान लौट रहे थे।
रास्ते में कुछ असामाजिक तत्वों ने उनका सामान लूटने की कोशिश की। विरोध करने पर उन पर लात-घूंसों और डंडों से हमला कर दिया गया। अधमरी हालत में मौलाना ने अपनी बेगम को फोन कर आपबीती बताई। “मुझे बहुत मारा…” बस यही आखिरी अल्फाज थे। उसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और कुछ घंटों बाद उनकी खून से सनी लाश पटरियों पर पड़ी मिली।

*बलियावी बोले — कत्ल को हादसा बताना शर्मनाक*

आयोग अध्यक्ष गुलाम रसूल बलियावी ने पत्र में गुस्से का इजहार करते हुए लिखा कि परिवार और पूरे इलाके के लोग इसे हत्या बता रहे हैं, सोशल मीडिया इंसाफ मांग रहा है, लेकिन स्थानीय सुरक्षा बल इसे महज दुर्घटना करार देकर लीपापोती में जुटा है। “एक इमाम की लाश और बीवी-बच्चों के आंसुओं को हादसा कहना इंसानियत का कत्ल है,” बलियावी ने कहा।

*राष्ट्रीय आयोग से इंसाफ की गुहार*

गुलाम रसूल बलियावी ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग से मांग की है कि इस वारदात की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त से सख्त सजा दी जाए जिन्होंने एक बेगुनाह की जान ली, एक औरत का सुहाग उजाड़ा और मासूम बच्चों को यतीम कर दिया।
बलियावी ने चेतावनी दी कि अगर आरोपियों को बचाने की कोशिश हुई तो आयोग सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा। बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने राष्ट्रीय आयोग से तुरंत दखल देने की अपील की है, ताकि मौलाना तौसीफ की रूह को सुकून मिले और भविष्य में कोई मुसाफिर ट्रेन में यूं बेरहमी से न मारा जाए।

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