पूर्णिया बिहार 26 मई 26 *ईद-उल-अज़हा से पहले– मुफ्ती जुबेर सिद्दीकी का बड़ा बयान
मोहम्मद इरफान कामिल यूपीआजतक न्यूज़ चैनल पूर्णिया डीवीजन बिहार से
*पूर्णियां बिहार,* ईद-उल-अज़हा से पहले पूर्णिया से अमन और भाईचारे का बड़ा पैगाम आया है, दारुल उलूम मोहम्मदिया अरबिया कॉलेज के प्रिंसिपल अलहाज हजरत मुफ्ती जुबेर आलम सिद्दीकी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कुर्बानी के असल मकसद को दुनिया के सामने रखा,
मुफ्ती जुबेर सिद्दीकी ने दो टूक कहा कि ईद-उल-अज़हा सिर्फ जानवर की कुर्बानी का नाम नहीं है। “यह हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है। इसका सबसे बड़ा पैगाम अपने अंदर की नफरत, घमंड, लालच और बुराई को कुर्बान करना है। जो दिल से नफरत कुर्बान नहीं कर सकता, उसकी कुर्बानी मुकम्मल नहीं,
उन्होंने कुर्बानी को गंगा-जमुनी तहजीब की सबसे बड़ी मिसाल बताया। “इस मुल्क की मिट्टी में मोहब्बत है। जितना हक हिंदू भाइयों का है, उतना ही मुसलमान भाइयों का है,
ईद का त्योहार हमें यही सिखाता है कि पड़ोसी भूखा न सोए, चाहे वो किसी भी मजहब का हो, हिंदू भाइयों को भी मुसलमानों का एहतराम करना चाहिए, तभी यह मुल्क तरक्की करेगा,
बिहार वासियों को खास संदेश देते हुए मुफ्ती साहब ने कहा, “यह मुकद्दस त्योहार खुशगवार माहौल, अमन-चैन और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं, दिखावे और फिजूलखर्ची से बचें। कुर्बानी के बाद साफ-सफाई का ऐसा इंतजाम करें कि किसी दूसरे को तकलीफ न हो। यही असल इबादत है,
प्रशासन पर पूरा भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा, “हर त्योहार में प्रशासन मुस्तैदी से लोगों के बीच रहकर माहौल खुशगवार बनाता है। पूर्णिया जिला प्रशासन ने हमेशा अमन कायम रखा है। इस बार भी ईद के मौके पर सुरक्षा, साफ-सफाई और सौहार्द के लिए खास इंतजाम की उम्मीद है,
आखिर में उन्होंने कहा, “कुर्बानी का गोश्त तीन हिस्से करो – एक गरीब के लिए, एक रिश्तेदार के लिए और एक अपने लिए, जब तक गरीब की थाली में गोश्त नहीं पहुंचेगा, कुर्बानी अधूरी है, नफरत की कुर्बानी दो, मोहब्बत की ईद मनाओ,

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