नई दिल्ली11अप्रैल25 राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस
प्रतिवर्ष 11 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस (National Safe Motherhood Day) मनाया जाताn है। इसको मनाने का उद्देश्य महिलाओं की मातृत्व सुरक्षा को बढ़ावा देना, नवजात शिशु तथा उनकी रक्षा करना है। भारत सरकार ने साल 2003 में 11 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाने की घोषणा की थी तथा इस अभियान की शुरुआत ‘व्हाइट रिबन एलायंस इंडिया’ (White Ribbon Alliance India, डब्ल्यूआरएआई) द्वारा की गई थी।
इस दिन का मुख्य प्रयोजन गर्भावस्था और डिलेवरी (Delivery) के दौरान किसी महिला की मौत न हो। इसी बात को ध्यान में रखते हुए ही भारत सरकार ने यह दिन मनाने का फैसला लिया, क्योंकि बच्चे के जन्म के समय माताओं की मौत के मामले में भारत की स्थिति बेहद खराब मानी जाती है।
भारत में गर्भावस्था के दौरान उनकी देखभाल और प्रसव और नवजात शिशु के जन्म के बाद पहले कुछ हफ्तों में विशेष देखभाल को अधिक महत्व दिया जाता है। अतः राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस का खास लक्ष्य ऐसी महिलाओं को बेहतर देखभाल प्रदान करना है।
बता दें कि वर्ष 2003 से हर साल राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जा रहा है। इसके साथ ही हर साल 11 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस कस्तूरबा गांधी जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। भारत सरकार ने व्हाइट रिबन एलायंस इंडिया (White Ribbon Alliance India) के अनुरोध पर कस्तूरबा गांधी की वर्षगांठ पर इस दिन को मनाना घोषित किया था। तभी से हर साल ‘नेशनल सेफ मदरहुड डे’ के रूप में यह मनाया जाने लगा। कई महत्वपूर्ण दिनों की तरह इस दिन को भी हर साल एक विशेष थीम के साथ मनाया जाता है।
गर्भावस्था तथा प्रसव के दौरान होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए तथा मातृ-नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए इस पर अंकुश लगाना ही इस दिन का उद्देश्य है।
More Stories
पूर्णिया बिहार13सितंबर26* पूर्णिया में राष्ट्रीय लोक अदालत में 9,333 मामलों निष्पादन 18 करोड़ से अधिक का हुआ सेटलमेंट*
बालाघाट13सितंबर 26*आदिवासी बच्चों की मौत पर CJP फाउंडर अभिजीत दीपके का फूटा गुस्सा बोले- स्वास्थ्य सुविधा नहीं
इटावा 13सितंबर 26* UP: इटावा में गरजे सपा महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव, BJP सरकार और पुलिस प्रशासन पर साधा निशाना……!!*