नई दिल्ली 8 जनवरी 26 * कर्नाटक हाईकोर्ट ने (SC) के उम्मीदवार को कैडर में नियुक्त करने का दिया आदेश। ..
सुप्रीम कोर्ट ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा से जुड़े एक अहम मामले में स्पष्ट किया है कि अगर कोई उम्मीदवार परीक्षा के किसी भी चरण में आरक्षण का लाभ लेता है तो वह सामान्य श्रेणी की सीट पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकता, भले ही उसके अंक या रैंक सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार से बेहतर क्यों न हो. यह फैसला मंगलवार (6 जनवरी 2026) को जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने सुनाया. कोर्ट ने केंद्र सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया.
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक अनुसूचित जाति (SC) के उम्मीदवार को सामान्य श्रेणी के कैडर में नियुक्त करने का आदेश दिया था. हाईकोर्ट का तर्क था कि संबंधित उम्मीदवार ने अंतिम मेरिट सूची में सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार से बेहतर रैंक हासिल की थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले से असहमति जताई और कहा कि चूंकि उम्मीदवार ने प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण का लाभ लिया था, इसलिए वह अनारक्षित (General) सीट पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकता.

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