April 1, 2026

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वाराणसी १ अप्रैल २६ * कैथी और डाफी प्लाजा पर पांच से 20 रुपये बढ़ा टोल

नई दिल्ली १ अप्रैल २६ * यूपीआजतक न्यूज चैनल पर दोपहर शाम की देश राज्यों से बड़ी खबरें

नई दिल्ली १ अप्रैल २६ *  यूपीआजतक न्यूज चैनल पर दोपहर शाम की देश राज्यों से बड़ी खबरें

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1 मोदी बोले- कांग्रेस के राजकुमार की हार की सेंचुरी पक्की, असम में भाजपा जीत की हैट्रिक लगाएगी, राज्य की पहचान चाय और चिप से होगी

2 अपनी चुनावी रैली से पहले पीएम डिब्रूगढ़ पहुंचे और चाय के बागान में काम करने वाली महिलाओं से बातचीत की। इसका अनुभव साझा करते हुए पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘चाय असम की आत्मा है! यहां की चाय पूरी दुनिया में मशहूर है।

3 UCC का लागू होना असम की पहचान बचाने के लिए बेहद जरूरी; असम में चुनाव घोषित होने के बाद पीएम मोदी की पहली रैली

4 पीएम मोदी ने असम के चाय बगान में पत्ती तोड़ी, महिला कामगारों के साथ सेल्फी ली; केरलम में राहुल ने बस में सफर किया..

5 अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाने का बिल लोकसभा से पारित, भाजपा-कांग्रेस ने दिया समर्थन

6 जेट फ्यूल 100% महंगा, लेकिन भारत में दाम नहीं बढ़ेंगे, सरकार ने कीमतों पर 25% का कैप लगाया; घरेलू उड़ानों का किराया कंट्रोल में रहेगा

7 बंगाल SIR- 60 लाख में 47 लाख आपत्तियां निपटीं, SC बोला- 7 अप्रैल तक सबका निपटारा होगा; ट्रिब्यूनल गलत तरीके से जोड़े-हटाए नामों को सुधारेंगे

8 पीएलएफएस सर्वे-2025 में दावा- देश में बेरोजगारी घट रही है, 61.3 करोड़ लोगों के पास काम; महिलाओं का इंक्रीमेंट पुरुषों से ज्यादा बढ़ा, लेकिन कुल वेतन 31% कम

9 महंगाई को लेकर सरकार पर हमलावर कांग्रेस, जनता को लूटने और देश को संकट में झोंकने का लगाया आरोप

10 संशोधित बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी, ‘ट्रांसजेंडर अधिकार’ से जुड़े कानून में बदलाव लागू

11 पनडुब्बियों का काल, पानी में छिपकर करेगा वार! नेवी को मिला समंदर का नया सिकंदर ‘मालवन

12 ईरान युद्ध के बीच लॉकडाउन का फेक नोटिस वायरल, सोशल मीडिया पर शेयर पीडीएफ ‘April Fool’ निकला; मंत्री की अफवाह न फैलाने की अपील

13 आज से ₹218 तक महंगा हुआ कॉमर्शियल सिलेंडर, रेल टिकट रिफंड और टोल के नियम बदले, इनहैंड सैलरी भी घटेगी; अप्रैल में 15 बदलाव

14 मार्च में जीएसटी संग्रह दो लाख करोड़ रुपये के पार, सरकार की तिजोरी में जमा हुए 22.27 लाख करोड़

15 ईरान बोला- अमेरिका को सैनिक भेजने की गलती भारी पड़ेगी, 6 महीने तक जंग के लिए तैयार, देश के लिए किसी भी हद तक जाएंगे

16 पश्चिम एशिया में जारी संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, लेकिन पश्चिम एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था पर इसका असर ज्यादा गहरा है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के चलते पश्चिम एशियाई क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है और 40 लाख से ज्यादा लोगों के गरीबी रेखा से नीचे जाने की आशंका है

17 वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड बुधवार को 15% से अधिक गिरकर 99.78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो एक सप्ताह का निचला स्तर है। इससे पहले मंगलवार रात ब्रेंट क्रूड 118.35 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था।

18 यूपी में तेज बारिश, ओले भी गिरे, MP-राजस्थान में भी अलर्ट; जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में एवलांच का खतरा

19 बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है भारतीय शेयर बाजार सेंसेक्स निफ्टी दोनों में शानदार बढ़त,उपरी स्तर से 700 सेंसेक्स लुढ़का
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[16:10, 01/04/2026] +91 98203 71177: ED ने जबरन वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोलकाता में कई जगहों पर छापेमारी की
कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को कोलकाता में कई जगहों पर जबरन वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया. यह अभियान सुबह 7 बजे लगभग एक साथ शुरू किया गया.इस लिस्ट में दक्षिण कोलकाता के कस्बा इलाके में रहने वाले कारोबारी बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ​​सोना पप्पू का घर भी शामिल है. इसके अलावा उन्होंने बालीगंज में एक कंपनी के दफ्तर समेत कई जगहों पर छापेमारी की. प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी के मुताबिक, सोना पप्पू के नाम पर पहले ही कई एफआईआर दर्ज है.
उन पर रंगदारी मांगने और धमकी देने समेत कई तरह के आरोप हैं. इनमें से ईडी के अधिकारी पिछले कुछ दिनों से चार-पांच एफआईआर के आधार पर जांच कर रहे हैं. खबर है कि ईडी के अधिकारी सुबह 7 बजे के कुछ देर बाद ही फर्न रोड स्थित सोना पप्पू के घर पहुंच गए थे. ईडी के अधिकारियों के साथ केंद्रीय बलों के जवान भी थे. ईडी के अधिकारियों के मुताबिक सोना पप्पू कस्बा और बालीगंज इलाकों में कई सिंडिकेट चलाता है.
इस तरह के आरोप मिलने के बाद जांच शुरू की गई. कई सूत्रों से ईडी अधिकारियों को पता चला कि वह विभिन्न निर्माण कंपनियों से करोड़ों रुपये निकालता था. उसके जरिए, वह पैसा ‘असरदार’ लोगों तक पहुँचता था. बुधवार को की गई छापेमारी इन आरोपों की जांच के लिए की गई.
सोना पप्पू के घर के अलावा ईडी ने दक्षिण कोलकाता में कई अन्य जगहों पर भी छापेमारी की है. ईडी अधिकारी एक वित्तीय गबन के मामले में बालीगंज स्थित एक कंपनी के दफ़्तर पर भी छापेमारी की. हालाँकि, अभी यह साफ नहीं है कि सोना पप्पू का इस कंपनी से कोई संबंध है या नहीं. कई लोगों का दावा है कि सोना पप्पू, दक्षिण कोलकाता के तृणमूल अध्यक्ष और राशबिहारी विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार देबाशीष कुमार के करीबी हैं.
संयोग से देबाशीष कुमार को भी सोमवार को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था. सोना पप्पू के घर पर यह छापेमारी उसके दो दिन बाद हुई है. कुछ दिन पहले गोलपार्क इलाके में दो गुटों के बीच हुई झड़प में सोना पप्पू का नाम भी सामने आया था लेकिन पुलिस अभी तक उसे गिरफ़्तार नहीं कर पाई है. स्थानीय निवासियों ने कथित तौर पर इन झड़पों के लिए सोना पप्पू के गुट का नाम लिया.
स्थानीय लोगों के एक तबके ने आरोप लगाया कि इलाके में अशांति फैलाने वाले वही लोग हैं, हालाँकि सोना पप्पू ने दावा किया कि वह गुटों के बीच हुई इस झड़प में किसी भी तरह से शामिल नहीं था.
[16:10, 01/04/2026] +91 98203 71177: जल संरक्षण को लेकर सख्ती, 100 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉटों पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य, उल्लंघन पर भारी जुर्माना
नई दिल्ली : दिल्ली में गिरते भूजल स्तर को सुधारने और भविष्य में पानी की किल्लत से निपटने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने कमर कस ली है. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के सख्त निर्देशों के बाद, अब राजधानी में 100 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले सभी प्लॉटों पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन मालिकों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है.

एनजीटी के निर्देशों पर नई योजना

डीपीसीसी के वरिष्ठ पर्यावरण इंजीनियर डॉ. अनवर अली खान के अनुसार, एनजीटी के 4 नवंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल की गई है. इस नई योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है, जिसमें दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम और केंद्रीय भूजल प्राधिकरण के प्रतिनिधि शामिल हैं. यह समिति सुनिश्चित करेगी कि राजधानी के हर बड़े घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुचारू रूप से काम करे.
जुर्माने की स्पष्ट व्यवस्था
प्रस्तावित नियमों के तहत, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग न लगाने या खराब अवस्था में रखने पर दंड का प्रावधान किया गया है. 17 मई 2023 की रिपोर्ट के आधार पर जुर्माने की राशि तय की गई है. गैर-आवासीय भवनों के लिए यह राशि 50 प्रतिशत अतिरिक्त होगी. यदि कोई भवन स्वामी बार-बार नियमों की अनदेखी करता है, तो उसे प्रतिदिन के आधार पर अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है. 100 से 500 वर्ग मीटर के प्लॉट वाले रेन वाटर हार्वेस्टिंग का नियम तोड़ते हैं तो उस पर 50,000 तक का जुर्माना लगेगा. 501 से 2000 वर्ग मीटर के प्लॉट पर 1 लाख तक का अर्थदंड, 2001 से 5000 वर्ग मीटर के प्लॉट पर 2 लाख तक का जुर्माना और 5000 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर 5 लाख या उससे अधिक का भारी जुर्माना वसूला जाएगा.
दिल्ली जल बोर्ड और डीडीए की बढ़ी जिम्मेदारी
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्षा जल संचयन प्रणाली के डिजाइन और तकनीकी दिशा-निर्देशों की जांच दिल्ली जल बोर्ड करेगा. वहीं, डीडीए और एमसीडी को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सोसायटियों और निजी मकानों का निरीक्षण करें. 100 वर्ग मीटर से बड़े भवनों पर निर्माण की अनुमति देते समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वहां वॉटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान नक्शे में शामिल हो.

इस बीच, दिल्ली में वर्षा जल संचयन प्रणालियों के रखरखाव को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी सामने आ रहे हैं. आरटीआई कार्यकर्ता महेश चंद्र सक्सेना ने एनजीटी में रिपोर्ट दाखिल कर आरोप लगाया है कि कई सोसायटियों में केवल दिखाने के लिए टैंक बनाए गए हैं, जो हकीकत में काम नहीं कर रहे हैं. इन प्रणालियों में जमा होने वाला पानी जमीन के भीतर जाने के बजाय गंदे नालों में बह रहा है. उन्होंने मांग की है कि दिल्ली जल बोर्ड के उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए जिन्होंने बिना फिजिकल वेरिफिकेशन सत्यापन के ओके रिपोर्ट’ दी है.

निगरानी और जागरुकता अभियान

नई कार्ययोजना के तहत, जिला अधिकारियों के नेतृत्व में टीमें बनाई जाएंगी जो हर तीन महीने में एनजीटी को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी. प्रशासन न केवल जुर्माने पर ध्यान देगा, बल्कि लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान भी चलाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दिल्ली की जनता ने सहयोग नहीं किया, तो आने वाले वर्षों में राजधानी का भूजल स्तर शून्य तक पहुंच सकता है.

[16:10, 01/04/2026] +91 98203 71177: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स : रेसलर अंजित कुमार मुंडा ने जीता गोल्ड, आर्मी में हैं अग्निवीर
सरगुजा : झारखंड के रामगढ़ जिले के एक छोटे से गांव सुगिया के रहने वाले युवा पहलवान अंजित कुमार मुंडा ने खेलो इंडिया गेम में कमाल कर दिखाया है. अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के दौरान अंजित ने 67 किलोग्राम भार वर्ग की कुश्ती स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है.
स्पोर्ट्स अकादमी में की ट्रेनिंग
मात्र 20 वर्ष की उम्र में सफलता के शिखर को छूने वाले अंजित का जीवन चुनौतियों से भरा रहा. वर्ष 2009 में पिता की मौत हो जाने के बाद, उनकी माता ने खेती-बाड़ी और कठिन परिश्रम के बल पर परिवार को संभाला. अंजित ने वर्ष 2017-18 में कुश्ती की शुरुआत की और जेएसएसपीएस स्पोर्ट्स अकादमी में लगभग 6 वर्षों तक ट्रेनिंग की. उनकी शारीरिक क्षमता और तकनीक को देखते हुए प्रशिक्षकों ने उन्हें कुश्ती के लिए तराशा. अंजित की खेल प्रतिभा और देश सेवा के जज्बे ने उन्हें भारतीय सेना तक पहुंचा दिया. पिछले वर्ष ही उनका चयन अग्निवीर जीडी के पद पर हुआ है.
[16:10, 01/04/2026] +91 98203 71177: देहरादून में लॉ एंड ऑर्डर बेहाल, सीएम की नाराजगी के बाद अब चलेगा ‘ऑपरेशन प्रहार’
देहरादून: रोड रेज और फायरिंग में रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की हत्या के बाद देहरादून से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मचा हुआ है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए कुठालगेट चौकी इंचार्ज और सब एक्साइज इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर चुके हैं. अब सीएम के निर्देश पर डीजीपी ने देहरादून पुलिस को ‘ऑपरेशन प्रहार’ शुरू करने का निर्देश दिया है.
डीजीपी दीपम सेठ ने पुलिस अफसरों की ली बैठक: मंगलवार को देहरादून पुलिस मुख्यालय में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. डीजीपी दीपम सेठ ने इस बैठक में पुलिस अफसरों को कड़े निर्देश दिए. देहरादून में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं की संवेदनशीलता के दृष्टिगत पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड दीपम सेठ ने आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी एसटीएफ नीलेश आनन्द भरणे, एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल तथा एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह और अन्य अफसरों के साथ ये बैठक की.

बड़े पुलिस अफसरों को सौंपी गई जिम्मेदारी: बैठक में अधिकारियों की स्पष्ट रूप से जिम्मेदारियां निर्धारित करते हुए कई निर्देश दिए गए. इन निर्देशों में..

आईजी गढ़वाल को देहरादून की कानून-व्यवस्था की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए

एसएसपी देहरादून को अधीनस्थ अधिकारियों की स्पष्ट टास्किंग कर उनकी जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा गया. साथ ही क्षेत्र में प्रभावी पुलिसिंग बनाए रखने के निर्देश दिए गए

क्षेत्राधिकारी एवं थाना प्रभारी स्वयं फील्ड में सक्रिय रहकर चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाएं तथा बैरियर्स पर सघन चेकिंग सुनिश्चित करें. विशेष रूप से प्रातःकालीन समय में क्षेत्राधिकारी पुलिसबल की उपस्थिति और सक्रियता बढ़ाएं

आईजी एसटीएफ एवं एसएसपी एसटीएफ को देहरादून में सक्रिय आपराधिक तत्वों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

पीजी में रहने वालों और किराएदारों का सत्यापन: डीजीपी ने कहा कि सत्यापन अभियान के अंतर्गत पीजी एवं किरायेदारों का सघन सत्यापन कराने तथा होम-स्टे में संचालित गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए. इसके साथ ही निर्धारित समय के बाद संचालित हो रहे बार एवं पब्स पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए.

आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश: पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने स्पष्ट कहा कि राजधानी देहरादून में आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु एक विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. उन्होंने सभी अधिकारियों को पूर्ण मुस्तैदी, सतर्कता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

निर्धारित समयावधि के बाद खुला मिला पब, बार या रेस्टोरेंट, तो सीधे दर्ज होगा मुकदमा

एसएसपी देहरादून द्वारा पब/बार/रेस्टोरेंट के मालिकों/संचालकों के साथ की गई गोष्ठी

अपने प्रतिष्ठानों में नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की दी हिदायत

नियमों का उल्लंघन करने पर सीधे वैधानिक कार्रवाई के लिये तैयार रहने की दी चेतावनी

गौरतलब है कि एक दिन पूर्व ही पुलिस द्वारा आकस्मिक छापेमारी के दौरान निर्धारित समयावधि के बाद भी संचालित होने वाले 02 बार/ रेस्ट्रोरेंट संचालकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था.
[16:10, 01/04/2026] +91 98203 71177: 52 जिलों में 866 विद्यालयों ने अपलोड नहीं किए 10वीं-12वीं के अंक; UP बोर्ड ने दिया लास्ट चांस
मेरठ: यूपी में 52 जिलों के 866 विद्यालयों की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है. इस वजह से 97 हजार 603 ऐसे छात्रों पर संकट मंडरा रहा है, जिन्होंने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं दी हैं. इस लापरवाही से रिजल्ट जारी करने में देरी हो सकती है.
क्षेत्रीय बोर्ड मेरठ कार्यालय के सचिव ज्योति प्रसाद ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से यह अंतिम अवसर है. इसके बाद कोई मौका नहीं मिलेगा. अंक अपलोड न करने पर संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक जिम्मेदार होंगे.
क्षेत्रीय सचिव के मुताबिक, वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा के छात्र और छात्राओं के हाईस्कूल के विषयों के आंतरिक मूल्यांकन और कक्षा 12वीं कक्षा के नैतिक, योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा के अंक परिपद की वेबसाइट upmsp.edu.in पर 25 मार्च 2026 तक अपलोड करने कं निर्देश दिए गए थे.
मेरठ स्थित माध्यमिक शिक्षा परिषद यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के तहत 17 जिले आते हैं, यहां भी 149 विद्यालय ऐसे हैं, जिनकी लापरवाही उजागर हुई है. क्षेत्रीय कार्यालय से संबद्ध 17 जिलों में अभी 149 ऐसे स्कूल चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने हाईस्कूल की आंतरिक परीक्षा और इंटरमीडिएट के नैतिक शिक्षा, योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा के अंक अपलोड नहीं किए हैं.
इस बारे में प्रयागराज स्थित माध्यमिक शिक्षा परिषद के शिक्षा सचिव भगवत्ती सिंह ने भी चेतावनी जारी की है. निर्देश जारी किए हैं कि छात्रहित में विद्यालयों को अन्तिम अवसर प्रदान करते हुए प्राप्तांकों की सूचि के लिए 6 अप्रैल 2026 तक वेबसाइट को फिर से एक्टिव किया गया है.

ऐसे में अब कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. 6 अप्रैल तक प्राप्तांक अपलोड न करने पर सम्बंधित परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण हो जाएंगे जिसके लिए ऐसे विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक एवं शिथिल पर्यवेक्षण हेतु जनपद के जिला विद्यालय निरीक्षक को पूर्ण रूप से जिम्मेदारी माना जाएगा.
मेरठ क्षेत्रीय सचिव ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, आगरा, अलीगढ़, प्रथम मंडल मेरठ तथा सहारनपुर मंडल को तत्काल इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्देश भी दिए हैं.
साथ ही मेरठ के क्षेत्रीय सचिव ने क्षेत्रीय कार्यालय के अधीन आने वाले जिलों आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, बागपत, हापुड़, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर तथा शामली के जिला विद्यालय निरीक्षकों को भी इस बारे आवश्यक कार्रवाई कराने के निर्देश देने और जानकारी से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं.

[16:10, 01/04/2026] +91 98203 71177: कोडिन कफ सिरप रैकेट; मास्टरमाइंड शुभम कोर्ट में नहीं हुआ पेश, अब भगोड़ा घोषित होगा
वाराणसी : कोडीन कफ सिरप मामले में फरार मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के खिलाफ कोर्ट के आदेश की अवहेलना के मामले में रोहनिया थाने में एक और एफआईआर दर्ज करते हुए शुभम को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है. शुभम को कोर्ट ने 31 मार्च तक हाजिर होने का आदेश दिया था. जिसके लिए पुलिस ने उसके घर और उसके कई प्रॉपर्टी पर कुर्की का नोटिस भी लगाया था, लेकिन शुभम कोर्ट में पेश नहीं हुआ. जिसके बाद अब उसे भगोड़ा घोषित किया जाएगा.

पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल का कहना है कि शुभम जायसवाल को गिरफ्तार करने के लिए लगातार पुलिस टीमों को लगाया गया है, लेकिन अब तक उसका लोकेशन नहीं मिल रहा है. उसके दुबई में होने की बात सामने आई थी. जिसके लिए रेट कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जा चुका है. सेंट्रल गवर्नमेंट के साथ मिलकर भी उसकी तलाश की जा रही है और केंद्रीय एजेंसियां भी उसकी तलाश कर रहे हैं.

शुभम के करीबी वैभव जायसवाल को पिछले दिनों गिरफ्तार किया गया था. जिसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है. वैभव पर हवाला का पैसा कारोबार में खपाने और कारोबार से कमाए गए धन को हवाला के जरिए बाहर भेजने का आरोप है. कफ सिरप के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाई गई हैं.

वैभव ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि शुभम ने सिंडिकेट के जरिए शराब के कारोबार में भी निवेश किया है. शराब की छह दुकानें वाराणसी में शुभम के करीबियों के नाम अलग-अलग संचालित हो रही हैं. इसके अलावा वैभव ने पुलिस को कई बातें बताई हैं. वैभव के घर से पुलिस ने हवाला के कारोबार से कमाए गए 22 लाख रुपये की करेंसी भी बरामद की है. इसके अलावा शहर के जगमबाड़ी एरिया में स्थित आलीशान होटल समेत वैभव की संपत्तियों की जांच चल रही है.
[16:10, 01/04/2026] +91 98203 71177: ईरान युद्ध में अब तक अमेरिका के 348 सैनिक घायल हुए
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार छह सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं. सेंट्रल कमांड ने पिछले शुक्रवार को एक पिछले अपडेट में बताया था कि 303 सैनिक घायल हुए थे, जिनमें से 10 गंभीर रूप से घायल थे. यह स्पष्ट नहीं है कि गंभीर चोटों की संख्या में बाद में कमी क्यों की गई है. हॉकिन्स का कहना है कि अब तक घायल हुए कुल सैनिकों में से 315 सैनिक ड्यूटी पर लौट आए हैं. यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकी सेना की आधिकारिक गिनती में पिछले सप्ताह सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हुए कई हमलों में घायल हुए सैनिक शामिल हैं या नहीं. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका के 13 सैनिक मारे गए हैं.

UAE के फुजैराह में एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत

संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह के अल रिफा में एक ड्रोन को रोकने के दौरान उसके टुकड़े एक खेत पर गिरे, जिससे एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हो गई. फुजैराह मीडिया ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘फुजैराह अमीरात के अधिकारियों ने अल-रिफ़ा इलाके में एक खेत पर हुई घटना पर कार्रवाई की. यह घटना तब हुई जब हवाई सुरक्षा बलों ने सफलतापूर्वक एक ड्रोन को रोका. इस घटना के परिणामस्वरूप एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हो गई. हम जनता से आग्रह करते हैं कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें और अफवाहें या बिना पुष्टि वाली जानकारी फैलाने से बचें.’

अमेरिका का युद्ध से निकलने के लिए औपचारिक राजनयिक समझौता ‘बेमानी’: ट्रंप

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका द्वारा अपने सैन्य अभियान समाप्त करने और युद्ध से बाहर निकलने के लिए ईरान को किसी समझौते की आवश्यकता नहीं है. मंगलवार को ओवल ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी वापसी की समय-सीमा के लिए एक औपचारिक राजनयिक समझौता ‘बेमानी’ है. उन्होंने अनुमान लगाया कि यह वापसी ‘दो से तीन सप्ताह’ के भीतर हो सकती है.

अमेरिका को ‘नाटो’ के साथ अपने संबंधों पर फिर से विचार करना होगा: अमेरिकी विदेश मंत्री

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के बाद अमेरिका को नाटो (NATO) के साथ अपने संबंधों पर फिर से विचार करना होगा. फॉक्स न्यूज पर रूबियो ने कहा, ‘मुझे लगता है कि इसमें कोई शक नहीं है. हालांकि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह संघर्ष खत्म होने के बाद हमें उन संबंधों पर फिर से विचार करना होगा. हमें उस गठबंधन में अपने देश के लिए नाटो (NATO) के महत्व पर फिर से विचार करना होगा. उन्होंने आगे कहा कि आखिरकार यह फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ही लेना होगा.

[16:10, 01/04/2026] +91 98203 71177: पीएम आवास योजना ग्रामीण में छत्तीसगढ़ नंबर वन, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने जताई खुशी
रायपुर: प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में छत्तीसगढ़ ने इस वित्तीय वर्ष शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में पहला स्थान हासिल किया है. सर्वाधिक आवास निर्माण पूरा कर राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाई है. इस उपलब्धि पर उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने खुशी जताते हुए कहा कि यह सिर्फ पक्के घरों का निर्माण नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है.

छत्तीसगढ़ बना अव्वल, कई बड़े राज्यों को पछाड़ा

रायपुर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में छत्तीसगढ़ ने सबसे ज्यादा आवास निर्माण पूर्ण कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया है. राज्य ने मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए एक ही वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक घर निर्माण का नया रिकॉर्ड बनाया है. यह उपलब्धि ग्रामीण विकास विभाग की बेहतर योजना और प्रभावी मॉनिटरिंग का नतीजा मानी जा रही है.

वित्तीय प्रबंधन में भी राज्य ने दिखाई मजबूती

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने एसएनए स्पर्श प्रणाली के जरिए देश में सर्वाधिक व्यय कर वित्तीय प्रबंधन का भी उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है. इससे यह साफ होता है कि राज्य ने योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति दोनों बनाए रखी.

आवास से आजीविका, हजारों महिलाओं को मिला रोजगार

सरकार के आवास से आजीविका अभियान के तहत निर्माण सामग्री की आपूर्ति और अन्य कार्यों से हजारों महिलाओं को रोजगार मिला है. 9000 से अधिक बिहान दीदियां इस पहल से जुड़कर लखपति दीदी बन चुकी हैं. इससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है.

महिला मिस्त्री और सरेंडर नक्सलियों को मिला नया रास्ता

इस वर्ष 6000 से अधिक राजमिस्त्रियों को आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया, जो देश में सर्वाधिक है. इनमें 1400 महिलाएं और 400 से ज्यादा आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं. ये लोग अब मुख्यधारा में शामिल होकर विकास और पुनर्वास की नई कहानी लिख रहे हैं.

मजबूत हुई ग्रामीण अर्थव्यवस्था

पीएम आवास के हितग्राहियों को स्थायी आय से जोड़ने के लिए वीबी जीरामजी के माध्यम से व्यक्तिगत कार्य भी बड़े पैमाने पर कराए गए. इससे आवास निर्माण के साथ ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिला और गांवों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली.

घर के साथ सम्मान और आत्मनिर्भरता

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार गरीबों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार काम कर रही है. प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए सिर्फ पक्के घर ही नहीं, बल्कि आजीविका, सम्मान और आत्मनिर्भरता भी सुनिश्चित की जा रही है. छत्तीसगढ़ की यह उपलब्धि केवल सरकारी रिकॉर्ड नहीं, बल्कि हजारों ग्रामीण परिवारों के सपनों को साकार करने की कहानी है. पक्का घर, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और पुनर्वास के प्रयासों ने राज्य को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में देश का अग्रणी मॉडल बना दिया है.
[16:10, 01/04/2026] +91 98203 71177: अगर कोई कानून नहीं टूट रहा, तो घर पर धार्मिक प्रार्थना सभा के लिए मंजूरी की जरूरत नहीं- छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में घर के अंदर धार्मिक प्रार्थना सभा के आयोजन को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. कोर्ट ने कहा कि अगर कोई कानून नहीं टूट रहा है, तो लोगों को अपने घरों में धार्मिक प्रार्थना सभाएं आयोजित करने के लिए अधिकारियों से पहले से मंज़ूरी लेने की ज़रूरत नहीं है.

जानिए अदालत ने क्या कहा ?

जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी की सिंगल बेंच ने यह बात तब कही, जब उन्होंने दो याचिकाकर्ता को पुलिस द्वारा जारी नोटिस रद्द कर दिए. इसके साथ ही अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उनके नागरिक अधिकारों में दखल न दें.24 मार्च को दिए गए आदेश के अनुसार, यह मामला जांजगीर-चांपा ज़िले के नवागढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के गोधना गांव के दो रिश्तेदारों से जुड़ा है.

याचिकाकर्ता ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

याचिकाकर्ता 2016 से अपने घर की पहली मंज़िल पर बने एक हॉल में ईसाई धर्म के मानने वालों के लिए प्रार्थना सभाएं आयोजित करते आ रहे थे.उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि इन सभाओं के दौरान कोई गड़बड़ी या गैर-कानूनी गतिविधि न होने के बावजूद भी पुलिस उन्हें सभाएं करने से रोक रही है. याचिकाकर्ता ने कहा कि स्थानीय पुलिस उन्हें ऐसी सभाएं करने से रोकने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 94 के तहत नोटिस जारी कर रही थी.

याचिकाकर्ता ने कोर्ट से की गुजारिश

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि 18 अक्टूबर, 2025, 22 नवंबर, 2025 और 1 फरवरी, 2026 को नोटिस दिए गए थे, ताकि उन्हें अपने घर पर प्रार्थना सभाएं करने से रोका जा सके. याचिकाकर्ता ने आगे कहा कि गोधना की ग्राम पंचायत ने पहले इन सभाओं की मंज़ूरी देते हुए एक ‘नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफ़िकेट’ (NOC) जारी किया था, लेकिन बाद में दबाव में आकर उसे वापस ले लिया.राहत मांगते हुए, याचिकाकर्ताओं ने HC से गुज़ारिश की कि वह इन नोटिसों को रद्द कर दे और पुलिस को उनके निजी घर पर प्रार्थना सभाएं करने के उनके अधिकार में दखल देने से रोके.

क्या था सरकारी वकीलों का पक्ष ?

इस याचिका का विरोध करते हुए, डिप्टी गवर्नमेंट एडवोकेट शोभित मिश्रा ने दलील दी कि याचिकाकर्ताओं के ख़िलाफ़ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं और उन्हें जेल भी जाना पड़ा है.राज्य के वकील ने दलील दी कि याचिकाकर्ताओं ने ऐसी सभाएं आयोजित करने के लिए सक्षम अधिकारियों से पहले से मंज़ूरी नहीं ली थी, जिसके चलते पुलिस को नोटिस जारी करने पड़े.

जानिए कोर्ट ने क्या फैसला दिया ?

HC ने अपने आदेश में कहा कि अगर कोई प्रार्थना सभा बिना किसी कानून का उल्लंघन किए आयोजित की जाती है, तो उसे करने के लिए किसी भी अधिकारी से पहले से मंज़ूरी लेने की ज़रूरत नहीं है. याचिकाकर्ता उन ज़मीनों के रजिस्टर्ड मालिक हैं, जहां वे 2016 से ईसाई धर्म के मानने वालों के लिए प्रार्थना सभा ​​आयोजित करते आ रहे हैं. ऐसा कोई कानून नहीं है जो किसी भी व्यक्ति को अपने घर में प्रार्थना या प्रार्थना सभा आयोजित करने से रोकता हो. इसके अलावा, अगर प्रार्थना या प्रार्थना सभा का आयोजन बिना किसी कानून का उल्लंघन किए किया जाता है, तो इसके लिए किसी भी अधिकारी से पहले से अनुमति लेने की कोई ज़रूरत नहीं है.
हाई कोर्ट ने आगे कहा कि अगर शोर-शराबे से कोई परेशानी होती है या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है, तो अधिकारियों के पास संबंधित कानूनों के प्रावधानों के तहत ज़रूरी कार्रवाई करने का अधिकार हमेशा खुला रहता है. इसलिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया जाता है कि वे याचिकाकर्ताओं के नागरिक अधिकारों में दखल न दें और न ही जांच के बहाने उन्हें परेशान करें. इसके साथ ही कोर्ट ने पुलिस की तरफ से जारी नोटिस को रद्द कर दिया.

[16:10, 01/04/2026] +91 98203 71177: क्रीमिया में रूसी सैन्य परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त, 29 लोगों की मौत
मॉस्को: रूसी रक्षा मंत्रालय ने बुधवार तड़के पुष्टि की कि क्रीमिया में एक रूसी एएन-26 सैन्य परिवहन विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से चालक दल के छह सदस्यों और 23 यात्रियों की मौत हो गई. घटनास्थल पर मौजूद एक सूत्र ने तास (TASS) न्यूज एजेंसी को बताया कि विमान एक चट्टान से टकरा गया.
शिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार रूसी रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार देर रात बताया कि क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर एक निर्धारित उड़ान के दौरान An-26 विमान से संपर्क टूट गया था. शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह दुर्घटना किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई थी और विमान पर किसी भी तरह की शत्रुतापूर्ण गोलीबारी नहीं की गई थी.

रक्षा मंत्रालय ने बताया, ’31 मार्च को मॉस्को के समय के अनुसार लगभग 18:00 बजे, एएन-26 सैन्य परिवहन विमान से संपर्क टूट गया, जब वह क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर एक निर्धारित उड़ान पर था.’ मंत्रालय ने आगे कहा, ‘खोज और बचाव दल ने विमान के दुर्घटनास्थल का पता लगा लिया है. घटनास्थल से मिली रिपोर्टों के अनुसार विमान में सवार चालक दल के छह सदस्य और 23 यात्री मारे गए हैं.’

मंत्रालय की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि विमान में कुल कितने लोग सवार थे, लेकिन इस विमान में किसी भी जीवित बचे व्यक्ति का कोई जिक्र नहीं किया गया. एएन-26 एक हल्का सामरिक सैन्य परिवहन विमान है, जो दशकों से सेना का मुख्य आधार रहा है और यह कम तथा मध्यम दूरी तक माल और 40 यात्रियों तक को ले जाने में सक्षम है.

दिसंबर 2025 की शुरुआत में भी इसी तरह की एक घटना हुई थी, जब रूस ने एक एंटोनोव ट्रांसपोर्ट विमान से जुड़े एक जानलेवा सैन्य विमानन हादसे की जानकारी दी थी. 9 दिसंबर को मॉस्को के पूर्व में स्थित इवानोवो क्षेत्र के इवानकोवो गाँव के पास एक एंटोनोव एएन-22 विमान टेस्ट फ़्लाइट के दौरान क्रैश हो गया.

यह विमान मरम्मत के काम के बाद उड़ान पर निकला था, जिससे यह संकेत मिलता है कि घटना के समय विमान का रखरखाव के बाद का परीक्षण चल रहा था. रूसी अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस हादसे में कोई भी जीवित नहीं बचा. हालाँकि, आधिकारिक बयान में शुरू में विमान में सवार लोगों की संख्या का जिक्र नहीं किया गया था, लेकिन सरकारी समाचार एजेंसी तास (TASS) ने पहले बताया था कि विमान में चालक दल के सात सदस्य सवार थे. इस हादसे में सभी लोगों की मौत हो गई, जो संबंधित सैन्य विमानन इकाई के लिए एक दुखद क्षति है.
[16:10, 01/04/2026] +91 98203 71177: दिल्ली: सिविक सेंटर स्थित मेयर कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, अलर्ट पर पुलिस
नई दिल्ली: दिल्ली में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब मेयर कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई. मेयर कार्यालय सिविक सेंटर में स्थित है, जहां धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं. सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम, बम निरोधक दस्ता और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई.
इसके बाद पूरे सिविक सेंटर परिसर को घेरकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया. साथ ही साथ, आसपास के इलाके में सुरक्षा और बढ़ा दी गई. पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब तक किसी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि एहतियात के तौर पर हर पहलू से जांच की जा रही है. मौके पर डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी तैनात हैं, जो परिसर की बारीकी से जांच कर रही हैं.
उधर साइबर टीम को भी अलर्ट कर दिया गया है, ताकि संदेश के स्रोत का पता लगाया जा सके. मामले में अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इस धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा है. धमकी देने वाले की पहचान कर के उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर निगरानी बढ़ा दी गई है.
गौरतलब है कि हाल ही में दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. मेल में लिखा था कि हम संपत्ति का नुकसान करना चाहते हैं इंसानों का नहीं, इंसानों को हटा लें.’ यह धमकी भरा मेल दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही के बीच आया. कार्यवाही के दौरान विधायक दिल्ली विधानसभा में अपने क्षेत्र के मुद्दे नियम 280 के तहत उठा रहे थे. मेल मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीम और डॉग स्क्वाड की टीम ने विधानसभा परिसर की गहन जांच शुरू कर दी. हालांकि जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था.

[16:10, 01/04/2026] +91 98203 71177: क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात ‘मुखिया गैंग’ का सरगना गिरफ्तार
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए Delhi Police Crime Branch की एंटी गैंगस्टर स्क्वॉड (AGS) टीम ने कुख्यात ‘मुखिया गैंग’ के सरगना राहुल दहूर राजू मुखिया को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी को द्वारका के नांगली इलाके से दबोचा गया, जो लंबे समय से अदालत की कार्यवाही से फरार चल रहा था और कई मामलों में घोषित अपराधी था.
पुलिस के अनुसार, राहुल मुखिया दिल्ली और हरियाणा में दर्ज चार आपराधिक मामलों में शामिल रहा है, जिनमें से तीन मामलों में उसे घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका था. गिरफ्तारी के बाद भी वह बार-बार जमानत पर बाहर आकर अदालत में पेश नहीं हो रहा था.
कुख्यात ‘मुखिया गैंग’ का सरगना गिरफ्तार: जांच में सामने आया कि आरोपी ‘मुखिया गैंग’ का मास्टरमाइंड है, जो संगठित तरीके से घरों में चोरी और डकैती की वारदात को अंजाम देता था. गैंग का तरीका बेहद शातिर था. इसके सदस्य घरेलू नौकर या नौकरानी बनकर संपन्न परिवारों में काम करते थे और घर की पूरी जानकारी इकट्ठा करते थे. इसके बाद मौके का फायदा उठाकर अन्य साथियों के साथ मिलकर लाखों रुपये की चोरी को अंजाम देते थे.

2016 में 25-30 लाख रुपये की, की गई थी चोरी: क्राइम ब्रांच के मुताबिक राजौरी गार्डन में 2016 में हुई एक वारदात में आरोपी और उसके साथियों ने करीब 25-30 लाख रुपये की चोरी की थी. वहीं गुरुग्राम में 2014 की एक घटना में घरेलू नौकर बनकर महिला को नशीला पदार्थ पिलाकर करीब एक करोड़ रुपये के आभूषण और नकदी लूट ली गई थी.
इस पूरे ऑपरेशन को डीसीपी क्राइम ब्रांच Harsh Indora के निर्देशन में अंजाम दिया गया. डीसीपी ने कहा कि “यह गिरफ्तारी संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता है. आरोपी लंबे समय से फरार था और लगातार न्यायिक प्रक्रिया से बच रहा था. हमारी टीम ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर उसे गिरफ्तार किया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है और किसी भी हाल में उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है.
[16:10, 01/04/2026] +91 98203 71177: ‘वोटर लिस्ट से नाम हट गया है तो ठीक किया जा सकता है’, पश्चिम बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में आज किसी व्यक्ति को वोट देने से मना कर दिया जाता है और वह आने वाले विधानसभा चुनाव में वोट नहीं दे पाता है, तो भी अगर बाद में पूर्व चीफ जस्टिस की अगुवाई वाले ट्रिब्यूनल को ऐसा करना गलत लगता है, तो उसे ठीक किया जा सकता है.
बेंच ने साफ किया कि वह यह नहीं कह रही है कि आखिरी दिन दिए गए ट्रिब्यूनल के हर फैसले को अपने आप शामिल कर लिया जाना चाहिए. लेकिन, जहां फैसले कट-ऑफ से आगे जाते हैं, वहां सप्लीमेंट्री लिस्ट में शामिल करना मुमकिन नहीं हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे अधिकारों को हमेशा के लिए खत्म नहीं किया जा सकता, और चेतावनी दी कि उन्हें पूरी तरह से नकारने से बहुत ज्यादा दबाव वाली स्थिति पैदा होगी.
यह मामला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच के सामने सुनवाई के लिए आया. सीनियर वकील कपिल सिब्बल, श्याम दीवान, मेनका गुरुस्वामी, गोपाल शंकरनारायणन और कल्याण बनर्जी याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए. सीनियर वकील दामा शेषाद्रि नायडू चुनाव आयोग की ओर से पेश हुए.
बेंच ने पश्चिम बंगाल में वोटर रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया पर भी उम्मीद जताई, और बताया कि 31 मार्च तक कुल 60 लाख में से लगभग 47.4 लाख आपत्तियों का निपटारा कर दिया गया है. बेंच ने कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से मिले दो संचार पर भी ध्यान दिया, जिसमें इस काम की प्रगति के बारे में अपडेट दिया गया था.
सीजेआई ने कहा, “हम फैक्ट्स और फिगर्स को लेकर काफी खुश और बहुत उम्मीद भरे हैं,” उन्होंने बताया कि रोजाना लगभग 1.75 लाख से 2 लाख आपत्तियों पर फैसला किया जा रहा है. याचिकाकर्ताओं ने थोक में फॉर्म 6 एप्लीकेशन (नए वोटर के तौर पर रजिस्ट्रेशन के लिए) फाइल किए जाने पर चिंता जताई. हालांकि, बेंच ने कहा कि वह बिना कुछ रिकॉर्ड में आए सिर्फ ओरल सबमिशन पर कार्रवाई नहीं कर सकती.
कोर्ट को बताया गया कि चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने या बाहर करने के खिलाफ अपील सुनने के लिए हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस और जजों की अगुवाई में 19 अपीलीय न्यायाधिकरण बनाने को नोटिफाई किया है. बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को तय की है. बेंच पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी.

[16:10, 01/04/2026] +91 98203 71177: टोंक में अवैध खनन रोकने गई वन विभाग की टीम पर माफिया का हमला, दो कर्मचारी घायल
टोंक: जिले में खनन माफिया के बुलंद हौसलों की बानगी बुधवार सुबह निवाई क्षेत्र में दिखी. निवाई के रक्तांचल पर्वत के पीछे अवैध खनन रोकने गई वन विभाग की टीम पर माफिया ने हमला कर दिया. इसमें दो वनकर्मी घायल हो गए. वनकर्मियों ने निवाई थाने में माफिया के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया है.
वन विभाग निवाई के रेंजर धारीलाल बैरवा ने बताया कि रक्तांचल पर्वत के पीछे अवैध खनन की सूचना मिली. इस पर वन विभाग का गश्ती दल बुधवार सुबह करीब 8:15 बजे मामा की खान पर पहुंचा. दल ने अवैध रूप से चेजा पत्थर खनन में लिप्त एक ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ी. इसे थाने ले जा रहे वनकर्मियों को पत्थर माफिया ने घेर लिया और मारपीट की. इसमें दो वनकर्मी घायल हो गए. रेंजर बैरवा ने निवाई थाने में माफिया के खिलाफ मारपीट और राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज कराया.

माफिया के जानलेवा हमले में घायल वनकर्मी नरेंद्र सिंह ने बताया कि अवैध चेजा पत्थर से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली को हमारी टीम ने कब्जे में ले लिया, लेकिन कुछ दूर चलने पर अचानक एक दर्जन से अधिक लोग सामने आ गए. इनमें महिलाएं भी थी. इनके हाथों में धारदार हथियार एवं लाठी-डंडे थे. इन्होंने वनकर्मियों पर हमला कर दिया. नरेंद्र और एक अन्य कार्मिक घायल हो गए. वन विभाग की टीम ने हमले की सूचना तुरंत निवाई रेंजर बैरवा को दी. निवाई से वन विभाग के अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे. चोटिल कर्मचारियों को उप जिला अस्पताल ले गए.
[16:10, 01/04/2026] +91 98203 71177: दूसरे राज्य के जाति प्रमाण पत्र से नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच का फैसला
ग्वालियर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने जातिगत आरक्षण पर अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि ऐसे लोग जिनके पास दूसरे राज्यों के जाति प्रमाणपत्र हैं उन्हें मध्य प्रदेश में जातिगत आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता है. ये फैसला कोर्ट ने मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली एक महिला याचिकाकर्ता के मामले में सुनवाई के बाद दिया है.

चयन के बाद दस्तावेज सत्यापन में किया बाहर

असल में उत्तर प्रदेश के जिला जालौन की मूल निवासी महिला अर्चना दांगी ने ग्वालियर हाईकोर्ट में याचिका लगायी थी जिसमें बताया गया था की, याची ने उच्च माध्यमिक शिक्षा पात्रता परीक्षा 2018 में हिस्सा लिया और पास की थी लेकिन जब चयन के बाद उनके दस्तावेजों का सत्यापन किया गया तो उनका चयन उत्तर प्रदेश के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर रद्द कर दिया गया. इसके बाद शासन के इस निर्णय को अर्चना दांगी ने ग्वालियर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

याचिकाकर्ता का तर्क- दोनों राज्यों में जाति आरक्षण में सूचीबद्ध

हाईकोर्ट के वकील विश्वजीत रतोनिया ने बताया की, इस याचिका में अर्चना दांगी ने उच्च न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि, वे विवाह के बाद मध्य प्रदेश में निवासरत हैं और यहीं की निवासी हो चुकी हैं. ऊपर से दांगी जाति मध्य प्रदेश और यूपी दोनों ही प्रदेशों में ओबीसी श्रेणी में सूचीबद्ध है. ऐसे में उनके चयन को निरस्त न कर उन्हें जातिगत आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए.

मध्य प्रदेश शासन की दलील- दूसरे राज्य का प्रमाण पत्र मान्य नही

मामले पर सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश शासन की ओर से दलील दी गई की किसी भी व्यक्ति की जाति का निर्धारण उनके जन्म से होता है. इसे शादी या निवास बदलने से निर्धारित नहीं किया जाता. साथ ही जाति प्रमाण पत्र यदि किसी अन्य प्रदेश का है तो मध्य प्रदेश में वह सर्टिफिकेट मान्य नहीं है.

हाईकोर्ट की टिप्पणी- अन्य राज्य में जाति आरक्षण नहीं ले सकता

दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका रद्द करते हुए फैसला दिया कि, कोई भी व्यक्ति किसी अन्य राज्य में जाकर जाति आरक्षण साथ नहीं ले सकता है. महिला विवाह के बाद अपने पति की जाति का सामजिक हिस्सा बन सकती है, लेकिन उसे आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता क्योंकि आरक्षण व्यवस्था सामाजिक और शैक्षिणक पिछड़ेपन पर आधारित है. जो उसके जन्म से तय हो जाती है. ऐसे में कोई भी व्यक्ति किसी अन्य राज्य के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर आरक्षण के लिए पात्र नहीं माना जा सकता है भले ही उसकी जाति दोनों ही राज्यों में लिस्टेड हो.

भोपाल पुलिस ने आसिफ बम का किया शॉर्ट एनकांउटर, हिंदू संगठनों के विरोध के बाद एक्शन
भोपाल: राजधानी के चर्चित होटल संचालक विजय मेवाड़ा हत्याकांड के मुख्य फरार आरोपी आसिफ उर्फ बम को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है. उसका हमीदिया अस्पताल में इलाज चल रहा है. अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
इधर इस शार्ट एनकाउंटर से कुछ देर पहले विजय मेवाड़ की हत्या के विरोध में बुधवार को हिंदू संगठनों के लोग सड़क पर उतरे थे. सकल हिंदू समाज के आह्वान पर हिंदू उत्सव समिति, बजरंग दल सहित विभिन्न संगठनों के प्रदर्शनकारियों ने रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन किया. मुख्यमंत्री निवास से महज 100 मीटर दूर पॉलिटेक्निक चौराहे तक पहुंच गए. यहां भारी पुलिस बल ने मोर्चा संभाल रखा था और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया. पुलिस ने हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए लाठीचार्ज भी किया.

विजय मेवाड़ा हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

विजय मेवाड़ा हत्याकांड के मुख्य आरोपी आसिफ बम को पुलिस ने दबोच लिया. रातीबड़ इलाके में उसका शॉर्ट एनकाउंटर हुआ. आसिफ पर पुलिस ने 30 हजार का इनाम घोषित किया हुआ था.शॉर्ट एनकाउंटर पर पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने बताया कि “दोपहर लगभग 12:15 बजे पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था. रातीबड़ इलाके से जब पुलिस उसको लेकर थाने आ रही थी तभी उसने पुलिस की पिस्टल छीन ली. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसके पैर में गोली मार दी. घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.”

हत्या के विरोध में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

भोपाल में हत्या के विरोध में हिंदू संगठनों के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के उग्र होने के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. 3 दिन पहले प्रभात चौराहे पर बदमाश आसिफ बम ने चाकू घोंपकर विजय मेवाड़ा की हत्या कर दी थी. हत्या के विरोध में हिंदू संगठन ने थाने का घेराव भी किया था.
बुधवार को एक बार फिर हिंदू संगठन के लोगों ने मुख्यमंत्री निवास घेरने का ऐलान किया था. रोशनपुरा चौराहे से रैली निकाली लेकिन पुलिस ने बेरीकेड्स लगाकर रोक दिया जिसे कार्यकर्त्ता उग्र हो गए. कार्यकर्ताओं ने बेरीकेड्स तोड़ दिए और पॉलिटेक्निक चौराहे तक पहुंच गए. पुलिस प्रशासन ने पहले से ही चारों ओर के रास्तों को बंद कर दिया था और किसी को भी मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने की अनुमति नहीं थी. पुलिस ने कार्यकर्ताओं को आगे नहीं बढ़ने दिया और उग्र होते कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. जिससे चारों ओर भगदड़ मच गई.

हिंदुओं पर लगातार हो रहे हमले’

हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि “लगातार हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं. धर्म विशेष के लोग हिंदू समाज को टारगेट कर रहे हैं और कई युवाओं को इसी तरह मौत के घाट उतारा जा रहा है. अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विजय मेवाड़ की हत्या के विरोध में सकल हिंदू समाज के आह्वान पर हिंदू उत्सव समिति, बजरंग दल सहित विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन का आह्वान किया था.”

चाकू मारकर की थी विजय मेवाड़ की हत्या

29 मार्च की रात अशोका गार्डन क्षेत्र में प्रभात पेट्रोल पंप के पास विजय मेवाड़ा का कुछ लोगों से विवाद हो गया था. मामूली कहासुनी ने अचानक हिंसक रूप ले लिया और आरोपियों ने धारदार हथियार से विजय पर हमला कर दिया था. पेट और सीने पर कई वार किए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद स्थानीय लोग तुरंत उसे हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
सोमवार सुबह गुस्साए परिजन और स्थानीय लोगों ने सुभाष कॉलोनी में चक्काजाम कर दिया था. पुलिस की समझाइश के बाद करीब आधे घंटे में जाम खुला. इस दौरान परिजन का पुलिस से विवाद भी हुआ. वारदात के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि आसिफ फरार चल रहा था. जिसे आज शॉर्ट एनकांउटर के बाद गिरफ्तार कर लिया गया.

अमरावती को आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी के रूप में मान्यता देने वाला विधेयक लोकसभा में पारित
नई दिल्ली : अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र और स्थायी राजधानी के रूप में मान्यता देने वाला बिल बुधवार को लोकसभा में पास हो गया, कांग्रेस, भाजपा और टीडीपी ने इसका समर्थन किया.यह बिल, जो अमरावती को एकमात्र और स्थायी राजधानी बनाने के फैसले को बदलने की भविष्य की किसी भी कोशिश को रोक देगा, लोकसभा में ध्वनि मत से पास हो गया.
लोकसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल, 2026 पर बहस शुरू करते हुए, कांग्रेस सदस्य मणिकम टैगोर ने कहा कि कांग्रेस इस कानून का पूरा समर्थन करती है, लेकिन आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य देना चाहती है, जो तेलंगाना बनने के बाद पहले के बिना बंटे आंध्र प्रदेश का अगला राज्य है.
उन्होंने कहा, “अमरावती को बैंगलोर, चेन्नई या हैदराबाद की तरह विकसित होने दें. विशाखापत्तनम, तिरुपति, कुरनूल को भी विकसित होने दें. हम आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी के तौर पर अमरावती का समर्थन करते हैं.”
बहस में हिस्सा लेते हुए, टीडीपी सदस्य और केंद्रीय ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने भी सदन से अपील की कि बिल को एकमत से पास किया जाए क्योंकि इससे आंध्र प्रदेश के लिए एक स्थायी राजधानी पक्की हो जाएगी.
बिल का समर्थन करते हुए, भाजपा सदस्य सीएम रमेश ने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी खास जगह को राज्य की राजधानी घोषित करने के लिए संसद में बिल लाया गया है.
उन्होंने कहा कि अब से कोई भी आंध्र प्रदेश की राजधानी के साथ खिलवाड़ नहीं कर पाएगा क्योंकि अमरावती ही राज्य की एकमात्र और स्थायी राजधानी होगी.
रमेश ने आंध्र प्रदेश की तीन राजधानियां बनाने के पिछली राज्य सरकार के कदम की आलोचना की और इस फैसले को अतार्किक और बेतुका बताया.
उन्होंने कहा, “यह बिल यह पक्का करेगा कि कोई भी आंध्र प्रदेश की राजधानी के साथ खिलवाड़ नहीं करेगा. हम आंध्र प्रदेश के लिए एक स्थायी राजधानी चाहते हैं और फिर राजस्व आएगा और राज्य तरक्की करेगा.”
हालांकि, आंध्र प्रदेश में टीडीपी की कट्टर विरोधी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने इस कानून का कड़ा विरोध किया और कहा कि इसका कोई मतलब नहीं है जब तक किसानों के हितों की रक्षा नहीं की जाती और किसानों को मुआवजे के लिए एक तय समयसीमा नहीं दी जाती.

वाईएसआरसीपी सदस्य पीवी मिधुन रेड्डी ने कहा कि अमरावती को राजधानी बनाने के लिए राज्य सरकार ने 34,000 एकड़ जमीन ली थी, जिसमें प्रभावित लोगों को मुफ्त में प्लॉट, हाउसिंग स्कीम और बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा देने का वादा किया गया था. लेकिन, उन्हें अब तक कुछ नहीं दिया गया है.
उन्होंने कहा, “उन्हें किसानों की कोई चिंता नहीं है. एक खास तारीख, एक खास टाइमलाइन बताएं – जब किसानों को प्लॉट दिए जाएंगे. इन सभी बातों को बिल में शामिल करें, नहीं तो इसका कोई मतलब नहीं है.”
रेड्डी ने आरोप लगाया कि राज्य की टीडीपी सरकार को इस बात की चिंता नहीं है कि इतनी बड़ी राजधानी के विकास के लिए इतनी बड़ी रकम कहां से आएगी. उन्होंने कहा, “आप कोलकाता से भी बड़ी राजधानी बनाना चाहते हैं, लेकिन इसका कोई अंदाजा नहीं है कि फंड कहां से आएगा.”
वाईएसआरसीपी सांसद ने अपनी पार्टी की सरकार के तीन राजधानियां बनाने के फैसले को सही ठहराया, जिसने 2019 से 2024 तक राज्य पर राज किया था. उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है क्योंकि दुनिया भर में ऐसे कई उदाहरण हैं.
उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि बिल में किसानों की चिंताओं को सुरक्षित रखा जाए. एक तय टाइमलाइन होनी चाहिए. नहीं तो इस बिल का अभी के रूप में कोई मकसद नहीं है. अमरावती को लेकर हमारा कोई विरोध नहीं है. लेकिन सब कुछ साफ होना चाहिए.”
लोकसभा सदस्यों के बीच बांटे गए बिल के अनुसार, 2014 के आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के नियमों के अनुसार, तय दिन से हैदराबाद, 10 साल से अधिक समय के लिए तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की कॉमन राजधानी होगी.
इसके बाद हैदराबाद तेलंगाना की राजधानी होगी और आंध्र प्रदेश के बाद आने वाले राज्य की नई राजधानी होगी. बिल में कहा गया है कि पुनर्गठन कानून बनने के बाद, आंध्र प्रदेश सरकार ने पूरी तरह सोच-विचार, सलाह-मशविरा और योजना के बाद, ‘अमरावती’ को उस राज्य की नई राजधानी के तौर पर पहचाना और नोटिफ़ाई किया.’
एक बार बिल एक्ट बन जाने के बाद, 2 जून 2024 से अमरावती को कानूनी तौर पर आंध्र प्रदेश की राजधानी के तौर पर मान्यता मिल जाएगी. इसमें कहा गया है कि अमरावती और उसके आसपास अवसंरचनात्मक विकास के अलावा, इसे आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाने के मकसद से जरूरी प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाए गए हैं.
कोर्ट ने कहा कि 28 मार्च को राज्य विधानसभा ने एक प्रस्ताव पास किया था जिसमें केंद्र से पुनर्गठन अधिनियम के सेक्शन 5 में बदलाव करने का अनुरोध किया गया था, ताकि आंध्र प्रदेश की नई राजधानी के तौर पर अमरावती नाम को शामिल किया जा सके.
राज्य विधानसभा के प्रस्ताव को लागू करने और आंध्र प्रदेश की राजधानी के बारे में कानूनी स्पष्टता देने के लिए, बिल में 2 जून, 2024 से आंध्र प्रदेश की नई राजधानी के तौर पर अमरावती नाम को शामिल करने के लिए पुनर्गठन कानून के सेक्शन 5 के सब-सेक्शन (2) में बदलाव करने का प्रस्ताव है.

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