February 26, 2024

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देवरिया07अक्टूबर23*"शायद"प्रशासन" अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाया होता तो देवरिया में छः जानें न जातीं*"

देवरिया07अक्टूबर23*”शायद”प्रशासन” अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाया होता तो देवरिया में छः जानें न जातीं*”

देवरिया07अक्टूबर23*”शायद”प्रशासन” अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाया होता तो देवरिया में छः जानें न जातीं*”

उत्तर प्रदेश का एक जिला देवरिया रूद्र पुर तहसील फतेहपुर गांव और उस गांव में दो परिवार एक प्रेम यादव जिला पंचायत सदस्य जिसकी हनक चौकी थानों से लेकर बड़े पुलिस अधिकारी व लेखपाल तहसीलदार से लेकर एसडीएम तक।
तो वहीं दूसरा परिवार सत्यप्रकाश दूबे जो बेहद गरीब जिसकी लड़की प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा कर दो हजार कमातीं थी तथा लड़का देवांश कथा बांच कर छः से सात हजार कमाता था व सत्यप्रकाश दूबे गाड़ी चला कर चार छः हजार वो भी कमा लेता था जिससे परिवार में आठ लोगों का खर्च किसी प्रकार से चल जाता था।

लोग खुशहाल थे जैसे भी थे।
प्रेम यादव का भी परिवार हंस खेल रहा था तो वहीं सत्य प्रकाश दूबे का भी परिवार ग़रीबी में भी हंसी खुशी से जीवनयापन कर रहा था बस दोनों परिवारों में एक मतभेद था वो था ज़मीनी बिवाद।
जिसका खमियाजा छः से सात जिंदगी को खत्म करना पड़ा ज़मीनी बिवाद कई वर्षों से चल रहा था सत्य प्रकाश दूबे का आरोप था कि प्रेम यादव जबरदस्ती ज़मीन हड़प लिया है।

जिसकी शिकायत दूबे परिवार ने राजस्व विभाग से संबंधित सभी अधिकारियों को दे रखी थी साथ ही चौकी प्रभारी थानाध्यक्ष को भी मामले से अवगत करा रखा था ऐसा दावा मीडिया पर किया जा रहा है लेकिन प्रशासन कुम्भकरण के नींद में सोता रहा और दो अक्टूबर को जहां देश अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी जी की जयंती मना रहा था तो वहीं उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रुद्रपुर तहसील के अंतर्गत फतेहपुर गांव में गोली मार कर धारदार हथियार से इटो से कुचल कर पांच लोगों की हत्या का अंजाम भी दिया जा रहा था।

वज़ह थी वही ज़मीन।

जब लोगों को घटना का पता चलता है तो लोग अपने कलेजे को दबा कर बैठ जाते हैं।

बात आग की तरह फैलती है पुलिस आती है बात मीडिया तक पहुंच जाती है और मीडिया प्रमुखता से ख़बर को प्रसारित करती है और देखते देखते ख़बर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बाबा योगी आदित्यनाथ महराज के संज्ञान में आ जाती है।
फिर क्या था बाबा अधिकारियों को हिदायत देते हैं मौक़े पर पहुंचने का आदेश देते हैं देखते देखते आईजी कमिश्नर व अन्य अधिकारी उपस्थित होते हैं और पूरा गांव छवानी में तब्दील हो जाता है।

फिर पता चलता है कि प्रेम यादव की हत्या दूबे परिवार ने धोखे से कर दिया था जिससे यादव परिवार आक्रोशित हुए और दूबे परिवार के घर पर धावा बोलकर पांच लोगों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी।

पर किसी ने देखा नहीं था कि प्रेम यादव की हत्या दूबे परिवार ने किया या इस कहानी के पीछे स्टोरी तैयार करने वाला कोई और था।

हालांकि इस मामले की जांच हो रही है बाबा ने एसडीएम सीओ सहित पन्द्रह लोगों को निलंबित भी कर दिये हैं।

पर सवाल अभी भी है।

बाकी इस घटना पर आप क्या सोचते हैं इसका जिम्मेदार कौन हो सकता है कमेंट करके जरूर बतायें।

*आवाज़ जन जन की अपराध भ्रष्टाचार के खिलाफ*।

 

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