February 25, 2024

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जालौन15नवम्बर*फाइलेरिया रोगियों की रुग्णता प्रबंधन के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

जालौन15नवम्बर*फाइलेरिया रोगियों की रुग्णता प्रबंधन के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

जालौन15नवम्बर*फाइलेरिया रोगियों की रुग्णता प्रबंधन के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

*फाइलेरिया की रोकथाम के लिए साल में एक बार जरूर खाएं दवा फाइलेरिया रोगियों की रुग्णता प्रबंधन के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जालौन, 15 नवंबर 2022। फाइलेरिया फिलेरिया की रोकथाम एवं फाइलेरिया रोगियों के लिए रुग्णता प्रबंधन की एक दिवसीय कार्यशाला मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय स्थित अचल प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित की गई। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एनडी शर्मा ने दो रोगियों को एमएमडीपी (मोर्बिडिटी मैनेजमेंट एंड डिशएबिलिटी प्रवेंशन ) किट वितरित की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि फाइलेरिया के रोगी अपना ध्यान रखें। जो किट दी गई है, उससे प्रभावित अंग की साफ सफाई करते रहे और समय से दवाएं भी लेते रहे। उन्होंने बताया कि हाइड्रोसील मरीजों के लिए 10 से 25 नवंबर तक निशुल्क आपरेशन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें ज्यादा से ज्यादा से मरीजों को लाभ दिलाएं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी वेक्टर बोर्न डिसीस डॉ अ​रविंद भूषण ने बताया कि फाइलेरिया रोगियों के इलाज संबंधी किट नजदीकी सीएचसी और पीएचसी में उपलब्ध करा दी गई है। लिम्फोडिमा रोगी नजदीकी अस्पताल से इसे ले सकते हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ जीएस स्वर्णकार ने बताया कि फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए साल में घर घर जाकर एक बार मुफ्त डीईसी और एल्ब़ेडाजोल दवा खिलाई जाती है। दो साल से कम, गर्भवती और गंभीर रूप से बीमारी व्यक्तियों को छोड़कर सभी लोगों का इस दवा का सेवन करना चाहिए। फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाली बीमारी है, जिसके लक्षण पता लगने में पांच से 15 साल तक लग जाते हैं। इसलिए फाइलेरिया से बचाव की दवा सभी को खाना जरूरी होता है। बायोलाजिस्ट भावना वर्मा ने बताया कि वर्तमान में जनपद में फाईलेरिया के 559 मरीज है। डीएमओ कार्यालय स्थित फाइलेरिया रोकथाम केंद्र में निशुल्क जांच होती है। उनका निशुल्क इलाज भी होता है। फाइलेरिया रोगी की जांच नाइट ब्लड सर्वे के माध्यम से की जाती है। जो रात आठ बजे से 12 बजे केसे बीच होता है। पाथ संस्था के रीजनल एनटीडी नोडल अधिकारी डॉ अनिकेत ने बीमारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान सहायक मलेरिया अधिकारी अजब सिंह, एपीडेमोलाजिस्ट महेंद्र कुमार, मलेरिया निरीक्षक सुरेश नागर, सिद्धार्थ कुशवाहा, कुलदीप सिंह, फाइलेरिया निरीक्षक आशुतोष वाजपेयी, मैत्रेय प्रभाकर, अमर सिंह, अमित कुमार के अलावा सीएचसी, पीएचसी के चिकित्साधिकारी, बीसीपीएम, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक आदि मौजूद रहे।*

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