April 19, 2024

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कौशाम्बी28अगस्त यूपीआजतक न्यूज़ पर कौशाम्बी की खास खबरें

कौशाम्बी28अगस्त यूपीआजतक न्यूज़ पर कौशाम्बी की खास खबरें

[28/08, 13:42] Anil: *चोरी गई बाइक कुएं से बरामद*

*कौशाम्बी* सराय अकिल कोतवाली क्षेत्र के कनैली पुलिस चौकी अन्तर्गत महगूपुर निवासी केशन लाल पुत्र ओमकार नाथ की तीन महीने पहले घर के पास से बाइक चोरी हुई थी मामले की सूचना पीड़ित ने पुलिस को दी थी गांव क्षेत्र का एक युवक रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गया है जिसे खोजने के लिए लोग उसे कुएं में ढूंढ रहे थे लेकिन युवक तो नहीं मिला बल्कि कुएं से बाइक मिल गई है शनिवार को सराय अकिल पुलिस ने चोरी गई बाइक नंबर ct 100 up 73 z 6630 को कुएं से बरामद कर लिया है

[28/08, 13:42] Anil: *दहेज हत्यारोपी पति को सात वर्ष की कैद*

*विवाद के बाद सुलह समझौता कराकर पुलिस ने विवाहिता को भेजा था ससुराल जहां हो गई मौत*

*कौशाम्बी* अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम कीर्ती कुणाल ने दहेज हत्या के एक मामले में आरोपित पति को सात वर्ष के कारावास से दंडित किया है। आरोपित पति के खिलाफ पच्चीस हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।अभियोजन के अनुसार करारी थाना क्षेत्र के नेवारी गांव निवासी देवनाथ ने अपनी पुत्री सुमन का विवाह करीब दस वर्ष पूर्व कौशांबी थानाक्षेत्र के गढ़वा उदारू निवासी शिवचरन मौर्य के साथ किया था। शिवचरन की प्रताड़ना से परेशान होकर सुमन काफी समय तक अपने माता-पिता के घर में रही। दोनों के बीच कोर्ट में मुकदमा भी चला। बाद में सुलह हो गई, तो शिवचरन सुमन को बुला कर अपने घर ले गया। १३ अप्रैल २०१६ को देवनाथ को उसकी पुत्री सुमन के इंतकाल की सूचना मिलने पर जब वह बेटी की ससुराल गया तो वहां सुमन का शव फांसी पर लटका मिला। मामले में वादी देवनाथ ने थाना चरवा में शिवचरन के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपित शिवचरन के खिलाफ दहेज हत्या का आरोप पत्र दाखिल किया। राज्य सरकार की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ने वादी समेत घटना के साक्षियों को अदालत में पेश करके गवाही कराई, और बहस करते हुए आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने का अनुरोध किया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने सजा में नरमी बरतने की अपील की। दोनों ओर से की गई बहस को सुनने व पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट कीर्ती कुणाल ने आरोपित के खिलाफ सात वर्ष की केद और पच्चीस हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है।

[28/08, 14:30] +91 99191 96696: *असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का ई श्रम पोर्टल पर होगा पंजीयन*

*कौशाम्बी* असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों का पंजीयन ई-श्रम पोर्टल पर सीएससी केन्द्रों के माध्यम से 29, 30 एवं 31 अगस्त को कराया जायेगा असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम 2008 के अन्तर्गत असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों एवं अन्तर्राज्यीय प्रवासी कर्मकारों के पंजीयन ई-श्रम पोर्टल पर जनपद में स्थित सभी सीएससी केन्द्रों के माध्यम से 29, 30, 31 अगस्त, 2022 को कराये जाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। यह जानकारी श्रम प्रवर्तन अधिकारी महन्थ प्रजापति ने देते हुए बताया कि अन्तर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार (दूसरे प्रान्त के ऐसे वर्कर जो कि जनपद में कार्य कर रहे हों) एवं असंगठित कर्मकार जैसे नाई, मोची, माली, बुनकर (कोरी, जुलाहा), घरेलू कर्मकार, कूड़ा बीनने वाले, फुटकर सब्जी-फल-फूल विक्रेता, ठेला लगाने वाले फुटपाथ व्यापारी, जनरेटर लाइट उठाने वाले, कैटरिंग कार्य करने वाले, फेरी लगाने वाले, मोटर साइकिल व साइकिल मरम्मत करने वाले, गैरेज कर्मकार, परिवहन में लगे आटो चालक, सफाई कामगार, ढोल बाजा बजाने वाले,टेंट हाउस में काम करने वाले, तांगा/बैलगाड़ी चलाने वाले, अगरबत्ती उद्योग में काम करने वाले, गाड़ीवान, भड़भूजे, पशुपालन मत्स्य पालन, मुर्गी पालन बतख पालन में लगे कर्मकार, दुकानों में कार्यरत ऐसे कर्मकार जिन्हें ईंपीएस, ईएसआई नहीं मिली, खेतिहर कर्मकार, नाविक, समाचार पत्र बांटने वाले, ठेका से रंगाई पुताई-धुलाई का कार्य करने वाले, दरी कम्बल/जरी, जरदोजी/चिकन का काम करने वालेे दुकान व पोल्टी शाप, डेयरी में काम करने वाले, चूड़ी व कांच के अन्य उत्पादों आदि में काम करने वाले कर्मकारों का पंजीयन ई-श्रम पोर्टल पर किया जाना है। पंजीकृत कर्मकारों को मुख्यमंत्री दुर्घटना वीमा योजना के अन्तर्गत दुर्घटना में मृत्यु होने पर रू0-02 लाख एवं मुख्य मंत्री जन आरोग्य योजना के तहत रू0-05 लाख तक का इलाज दिये जाने का प्राविधान है।

[28/08, 14:51] +91 6394 823 541: *4 दिनों से अखाड़ा बाग कशिया मूरतगंज की लाइट है खराब*

*इमामगंज कौशाम्बी* जिले में विद्युत विभाग का भी कारनामा बेहद निराला है मुख्यमंत्री 24 घंटे में विद्युत ट्रांसफार्मर बदलने और खराब विद्युत को सुधार करने का निर्देश दे रहे हैं लेकिन जिले में विद्युत अधिकारियों पर मुख्यमंत्री का आदेश लागू होता नहीं दिख रहा है चायल तहसील क्षेत्र के अखाड़ा बाग कशिया मूरतगंज की लाइट 4 दिनों से खराब है ग्रामीण बार-बार अधिकारियों को फोन कर रहे हैं लेकिन विद्युत पावर हाउस के अधिकारी फोन नहीं उठा रहे हैं जिससे ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है 4 दिन से लगातार ग्रामीणों को बार-बार अवर अभियंता तुरंत विद्युत व्यवस्था सुधार करने का आश्वासन दे रहे हैं लेकिन 4 दिन से उनका 10 मिनट का समय नहीं पूरा हो सका है आखिर विद्युत अधिकारी मुख्यमंत्री के निर्देश को मानने से क्यो इनकार कर रहे हैं यह विद्युत विभाग की व्यवस्था पर बड़ा सवाल है ग्रामीणों ने आला अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए खराब विद्युत लाइट को सुधार कराए जाने की मांग की है

[28/08, 14:51] +91 6394 823 541: *ओवर ब्रिज बनाने में ठेकेदार के सर्विस रोड ना बनाने से आवागमन में हो रही दिक्कत*

*रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के पूर्व सर्विस रोड ना बनाए जाने से आवागमन में जूझ रहे ग्रामीणों में आक्रोश*

*सर्विस रोड बनाए जाने वाले बजट को डकार जाना चाहता है ठेकेदार*

*इमामगंज कौशांबी* हावड़ा दिल्ली रेल लाइन के चायल तहसील क्षेत्र के जीवन गंज रेलवे फाटक नंबर 10 पर रेलवे के ठेकेदारों द्वारा ओवरब्रिज बनाया जा रहा है जिससे सड़कें बाधित हो गई है और आम जनमानस को आने-जाने में दिक्कत से जूझना पड़ रहा है रेलवे पुल के निर्माण के चलते बगल से निकलने के लिए जो रास्ते छोड़े गए हैं उसमें बड़े-बड़े गड्ढे हैं जिससे अक्सर वाहन पलट जाने का खतरा बना रहता है आए दिन रास्ते में वाहन फस जाते हैं बरसात होने के बाद रास्ते की दुर्दशा और बढ़ गई है लेकिन आम जनमानस के आवागमन में हो रही दिक्कत को दूर करने का प्रयास ठेकेदार और रेलवे के अधिकारियों ने अभी तक नहीं किया है नए निर्माण कराए जाने के पूर्व ठेकेदार को सर्विस रोड बनाए जाने का निर्देश कार्य योजना में शामिल है लेकिन उसके बाद भी ग्रामीणों को मुसीबत में डाल कर ठेकेदार ने सर्विस रोड नहीं बनाई है और रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कर दिया है कई बार ग्रामीणों ने सर्विस रोड बनाए जाने के मामले को लेकर अधिकारियों से शिकायत की लेकिन उसके बाद भी ठेकेदार द्वारा सर्विस रोड नहीं बनाई गई है जिससे ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है और कभी भी ठेकेदार और उनके लोगों पर ग्रामीणों का आक्रोश फूट सकता है

बताते चलें कि सर्विस रोड बनाने में लाखों रुपए का खर्च होता है जिसकी भरपाई सरकार करती है लेकिन सर्विस रोड बनाए जाने वाले बजट को ठेकेदार डकार जाना चाहता है ठेकेदार के कारनामे पर यदि रेल विभाग के अधिकारियों ने जांच कराई तो ठेकेदार के कारनामे उजागर होंगे और रेलवे पुल निर्माण के पूर्व सर्विस रोड ना बनाने वाले ठेकेदार पर कठोर कार्यवाही हो सकती है ग्रामीणों ने रेल विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सर्विस रोड ना बनाने वाले रेलवे ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज कराए जाने और रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाने के दौरान सर्विस रोड बनाए जाने की मांग की है

 

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