March 31, 2026

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कौशाम्बी21फरवरी*फिर टूटा अपना दल एस से भाजपा का एक मजबूत स्तंभ*

कौशाम्बी21फरवरी*फिर टूटा अपना दल एस से भाजपा का एक मजबूत स्तंभ*

कौशाम्बी21फरवरी*फिर टूटा अपना दल एस से भाजपा का एक मजबूत स्तंभ*

*भाजपा को अपनी एक भूल के चलते बड़ी कीमत देने के बाद पछताना पड़ेगा*

*वरिष्ठ भाजपा नेता शंभूलाल केशरवानी का कहना है कि चायल विधानसभा क्षेत्र के वैश्य समुदाय के मतदाता जनसत्ता दल द्वारा घोषित चायल प्रत्याशी अनिल केसरवानी का समर्थन करेंगे*

*कौशाम्बी* समाजवादी पार्टी के दूसरे जिले के नेता को चायल विधानसभा से भाजपा अपना दल एस गठबंधन से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद से दिन प्रतिदिन गठबंधन प्रत्याशी नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल की मुसीबत बढ़ती जा रही है रोज भाजपा नेता अपना दल एस प्रत्याशी और उनके समर्थकों पर आरोप लगा कर विधानसभा चुनाव के समय प्रचार से किनारा कर रहे हैं भाजपा के कद्दावर और धुरन्धर नेताओं ने भी अपना दल एस के प्रत्याशी से किनारा करना शुरू कर दिया है बीते कई दिन से अपना दल प्रत्याशी पर आरोप लगाकर दूरी बनाने वाले नेताओं की एक लंबी फौज खड़ी हो गई है चायल विधानसभा क्षेत्र के मनौरी निवासी पूर्व प्रधान वैश्य समुदाय के मसीहा जनप्रिय नेता शंभूलाल केसरवानी ने भी अपना दल एस भाजपा गठबंधन प्रत्याशी नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल से दूरी बना ली है उन्होंने कहा है कि अपना दल प्रत्याशी से उन्हें सम्मान नहीं मिल रहा है और भाजपा ने वैश्य बिरादरी को प्रत्याशी नहीं घोषित किया है वरिष्ठ भाजपा नेता शंभूलाल केसरवानी ने कहा कि भाजपा ने वैश्य समुदाय का अपमान किया है जबकि चायल विधानसभा में 57 हजार से अधिक वैश्य बिरादरी के मतदाता हैं वैश्य समुदाय की उपेक्षा के चलते अपना दल एस प्रत्याशी से नाराज वरिष्ठ भाजपा नेता शंभूलाल केशरवानी का कहना है कि चायल विधानसभा क्षेत्र के वैश्य समुदाय के मतदाता जनसत्ता दल द्वारा घोषित चायल प्रत्याशी अनिल केसरवानी का समर्थन करेंगे दिन प्रतिदिन भाजपा अपना दल एस प्रत्याशी की मुसीबत बढ़ती जा रही है कैसे विधानसभा चुनाव में भाजपा अपना दल एस गठबंधन की लाज चायल प्रत्याशी नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल बचाएंगे इस बात की चर्चा पूरे विधानसभा क्षेत्र में जन-जन में हो रही है भाजपा को अपनी एक भूल के चलते बड़ी कीमत देने के बाद पछताना पड़ेगा लेकिन कहावत है कि चिड़िया चुग गई खेत अब पछतावे होय का चायल विधानसभा सीट पर गठबंधन प्रत्याशी और भाजपा नेताओं की खींचतान के पीछे आपसी तालमेल का ना होना एक प्रमुख कारण उभर कर आ रहा है

 

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