कौशाम्बी19फ़रवरी26*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर कौशाम्बी की कुछ महत्वपूर्ण खबरें
[19/02, 19:07] +91 99194 75893: *सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे दुर्घटना को दे रहे हैं दावत*
*ससुर खदेरी नदी मख़ऊपुर के ऊपर बना पुल 17 साल में हुआ क्षतिग्रस्त*
*तिल्हापुर मोड कौशांबी* उत्तर प्रदेश के सरकारों में बीते तीन दशक से जिस तरह से भ्रष्टाचार बढ़ा है कि किसी भी योजना का लाभ आम जनता को लंबे समय तक नहीं मिल पाता है बीते तीन दशक से संचालित उत्तर प्रदेश सरकार की तमाम योजनाएं केवल ठेकेदार और अधिकारियों की तिजोरी भरने तक सीमित रह गई है सरकार और उनके नुमाइंदे ईमानदारी की दुहाई देते है लेकिन उन्हीं के कार्यकाल में उनके अधिकारी योजनाओं की रकम में हिस्सा वसूलकर योजना का पलीता लगाते हैं और संबंधित अधिकारी केवल दिशा निर्देश देकर ढिंढोरा पीटते हैं कि गुणवत्तापूर्ण बेहतर कार्य हो रहा है जबकि लगातार तीन दशक से कराए जाने वाले निर्माण कार्यों में जमकर धांधली हुई है और योजना से जुड़े ठेकेदारों से लेकर अधिकारियों तक में जमकर वसूली की है इसी तरह का ताजा मामला इन दिनों चायल तहसील क्षेत्र के मखऊपुर तिल्हापुर मोड़ ससुर खदेरी नदी के ऊपर बनाया गया पुल का देखने को मिल रहा है 17 वर्ष पहले इस पुल को करोड़ों की लागत से बनाया गया था तत्कालीन जिलाधिकारी से लेकर विभागीय अधिकारियों ने बार-बार निरीक्षण कर गुणवत्ता पर ध्यान रखने का निर्देश ठेकेदारों को दिया था लेकिन ठेकेदारों ने घटिया निर्माण कर दिया जिससे समय के पहले पुल की सरिया निकाल आई जगह जगह से पुल ध्वस्त होने लगा है जिससे उत्तर प्रदेश की सरकार में बढ़ते भ्रष्टाचार का अंदाजा लगाया जा सकता है कि वर्तमान सरकार ही नहीं पूर्व की सरकारों में भी जमकर भ्रष्टाचार हुआ है लेकिन ना तो ठेकेदारों की गिरफ्तारी होती है ना संबंधित विभाग के अधिकारियों की गिरफ्तारी होती है जिससे भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है सरकार द्वारा खर्च किए जा रहे रकम केवल अधिकारी और ठेकारों की तिजोरी भरने का साधन बन गई है पूर्व के समय से लेकर वर्तमान समय में भी निर्माण कार्य में जमकर धांधली हो रही है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है
चायल तहसील क्षेत्र के मखऊपुर तिल्हापुर मोड़ ससुर खदेरी नदी के पुल के दोनों तरफ सड़के क्षतिग्रस्त हो गई है कई किलोमीटर सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारियों से आम जनता की समस्या से कोई लेना-देना नहीं रह गया है बार-बार क्षेत्र की जनता ने सड़क मरम्मत कराने की मांग की है लेकिन पुल को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत नहीं हुई है जो वर्तमान सरकार की नाकामी को प्रदर्शित कर रही है सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते हैं बाइक सवार गड्ढे में गिरकर चोटिल होते हैं खराब सड़क के चलते कई दुर्घटनाएं हो चुकी है सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे होने से आए दिन चोट खाने से राहगीरों में आक्रोश व्याप्त होता जा रहा है यदि समय रहते सड़क और पुल की मरम्मत अधिकारियों ने नहीं कराई तो कभी भी आम जनता का आक्रोश सड़क पर उतर सकता है
[19/02, 20:07] +91 98391 01290: *एआरएम को तीन डिपो का चार्ज दिए जाने से मंझनपुर रोडवेज बस स्टॉप की हालत खराब*
*यात्रियों से पूरी यात्रा का किराया वसूलने के बाद आधी यात्रा का टिकट देकर करोड़ों रुपए का हो रहा है रोडवेज में भ्रष्टाचार*
*जिलाधिकारी की मीटिंग तक सीमित रह गए हैं रोडवेज डिपो वर्कशॉप के एआरएम*
*कौशाम्बी।* उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में रोडवेज बसों की हालत खराब है यात्रियों को सरकारी बसों में तमाम दिक्कतों से जूझना पड़ता है मंझनपुर स्थित रोडवेज डिपो और वर्कशॉप में अधिकारियों की मौजूदगी नहीं रहती है चपरासियों के सहारे पूरा वर्क शॉप और बस स्टॉप संचालित किया जा रहा है मंझनपुर मुख्यालय के रोडवेज बस स्टैंड डिपो और वर्कशॉप को लावारिस हालत में छोड़कर अधिकारी फरार हो गए हैं जिससे रोडवेज की खराब बस की मरम्मत में भी फोरमैन स्तर से बड़े खेल हो रहे हैं सरकार से मोटा बजट निकालकर रोडवेज बसों की मरम्मत दिखाई जाती है लेकिन बसों की मरम्मत नहीं की जाती बल्कि बस की मरम्मत के नाम पर सामान निकाल लिया जाता है और निकाले गए सामान को बेचकर धन वसूली किया जा रहा है जिसमें रोडवेज विभाग के फोरमैन से लेकर एआरएम तक शामिल बताए जाते है जिससे बस की मरम्मत नहीं होती है खटारा खराब बस सड़क पर दौड़ रही हैं जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है इतना ही नहीं सरकारी बस में तैनात परिचालकों का भी आतंक कम नहीं है आधे दूरी का टिकट देकर के पूरी दूरी का किराया यात्रियों से परिचालक वसूल रहे हैं जिसकी शिकायत भी क्षेत्रीय प्रबंधक प्रयागराज वा प्रबंध निदेशक लखनऊ से यात्रियों ने की है गुरुवार को जब रोडवेज बस स्टॉप के डिपो की हालत देखी गई तो मालूम चला कि एआरएम मौजूद नहीं है बस स्टेशन का इंचार्ज मौजूद नहीं है बार-बार मोबाइल फोन पर घंटी करने के बाद भी ना तो बस स्टैंड के इंचार्ज का मोबाइल फोन उठा और ना एआरएम का मोबाइल फोन उठा है एक चपरासी के सहारे बस का नंबर नोट करने की जिम्मेदारी चपरासी को दे दी गई है बताया गया कि एआरएम कभी भी मंझनपुर नहीं आते हैं
चपरासी केवल बस के आने जाने का समय रजिस्टर में दर्ज कर रहा है पूछताछ कक्ष भी खाली है जिससे यात्रियों को रोडवेज बसों के आने-जाने के समय की जानकारी नहीं मिल पाती है रोडवेज बस स्टॉप के अन्य कमरों में ताला बंद है किसी भी अफसर के न मिलने से रोडवेज बस स्टॉप की चौपट व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक प्रयागराज से बात की गई तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और कहा कि दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी कौशांबी के एआरएम के पास प्रयागराज के सिविल लाइन डिपो प्रतापगढ़ जनपद का डिपो और कौशांबी जनपद का मंझनपुर मुख्यालय डिपो की जिम्मेदारी मिली हुई है कई रोडवेज बस स्टैंड और डिपो की जिम्मेदारी मिलने के चलते एआरएम अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन सही तरीके से नहीं कर पा रहे हैं जिससे कौशांबी बस स्टॉप की पूरी व्यवस्था चौपट हो चुकी है एआरएम केवल जिला अधिकारी की मीटिंग में पहुंच करके बेहतर व्यवस्था की बात कर जिला अधिकारी को संतुष्ट कर रहे हैं लेकिन सैकड़ो यात्री और आम जनता एआरएम के कार्यों से संतुष्ट नहीं है एआरएम की लापरवाही के चलते सैकड़ो यात्री प्रतिदिन परेशान होते है अधिकारियों की लापरवाही के चलते रोडवेज की व्यवस्थाएं चौपट है टिकट में यात्रियों से मनमानी वसूली होती है पूरी यात्रा का टिकट यात्रियों को नहीं दिया जाता है जबकि यात्रियों से पूरा किराया वसूला जा रहा है जिसके आड़ में करोड़ों रुपए का घोटाला हो रहा है और सरकार को करोड़ों की चपत लगाई जा रही है सब कुछ रोडवेज के अधिकारियों के संरक्षण में खुले आम हो रहा है लेकिन आधी यात्रा का टिकट देने वाले एक भी परिचालक पर कार्यवाही नहीं हो रही है आधी अधूरी दूरी का टिकट काट के परिचालक सरकार को भी करोड़ों का चूना लगा रहे हैं यात्रियों से पूरा पैसा लेने के बाद आधी यात्रा का टिकट देकर के भ्रष्टाचार करने वाले परिचालकों पर अभी तक एआरएम ने कार्रवाई नहीं की है जिससे एआरएम की भी निष्ठा पर सवाल खड़े हैं संपूर्ण मामले की शासन स्तर से जांच हुई तो परिवहन विभाग में बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा होगा
*सुशील केसरवानी वरिष्ठ पत्रकार व ब्यूरो प्रमुख अखंड भारत संदेश हिंदी दैनिक समाचार पत्र मंझनपुर कौशाम्बी* *9838824938*
[19/02, 20:07] +91 98391 01290: *गुण्डा नियन्त्रण अधिनियम में 02 लोग हुए जिला बदर*
*कौशाम्बी।* जिला मजिस्ट्रेट डॉ.अमित पाल ने गुण्डा नियन्त्रण अधिनियम 3(3) के अन्तर्गत कुल 02 लोगों को जिला बदर करने का आदेश दिए है। जिला बदर होने वालों में-उमाशंकर लोध पुत्र मोहन लोध निवासी ग्राम-रामपुर मडूकी थाना-मंझनपुर को 06 माह के लिए जिला बदर किया गया है। इसी प्रकार रेहान उल्ला पुत्र सुलाम उर्फ गुलाम गौस निवासी ग्राम-अमीनपुर संवरो थाना-करारी को 06 माह के लिए जिला बदर किया गया।
[19/02, 20:18] +91 99191 96696: *अपराधियों से मधुर संबंध रखने वाला सिपाही निलंबित*
*कौशांबी।* संदीपन घाट थाने में तैनात सिपाही आशीष कुशवाहा को पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया है जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि सिपाही के संबंध अपराधियों से थे और भ्रष्टाचार में सिपाही लिप्त था थाने में अपराधियों को संरक्षण देकर पुलिस विभाग की मुखबिरी सिपाही कर रहा था भ्रष्टाचार में शामिल यह सिपाही पुलिस विभाग की गोपनीयता अपराधियों तक पहुंचाता था इस बात की चर्चा जान-जान के बीच होने लगी थी जैसे ही मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक को लगी उन्होंने सिपाही के कारनामे की जांच क्षेत्राधिकारी चायल को सौंप दी सिपाही के कारनामे की सीओ चायल से जांच कराई गई तो 18 फरवरी को सीओ चायल ने सिपाही के खिलाफ जांच रिपोर्ट एसपी को सौंपी जांच रिपोर्ट में सीओ ने बताया कि पूर्व में कोखराज थाने में आशीष कुशवाहा सिपाही तैनात था जहां अपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों से सिपाही के संबंध थे थाना स्तर पर भी सिपाही अपराधियों को संरक्षण देता था थाने की गोपनीय बात को सिपाही लीक करता था जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सिपाही के कारनामे से विभाग की छवि धूमिल हो रही थी और जनता में पुलिस विभाग के प्रति अविश्वास उत्पन्न हो रहा था पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ऐसे कृत्य पुलिस जैसे अनुशासित विभाग में गंभीर अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है जिसके चलते आशीष कुशवाहा सिपाही को निलंबित कर दिया गया है।
[19/02, 21:04] +91 99562 82731: *दो बेटियों को जहर खिलाकर मां ने भी खाया जहर हालत गंभीर*
*महेवाघाट कौशांबी* पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के बौली गांव में बीती रात बुधवार को दो बेटियों को जहर खिलाने के बाद मां ने भी जहर खा लिया जिससे मां बेटी तीनों की हालत खराब होने लगी है गंभीर हालत में तीनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया मामले की सूचना मिलते ही मौके पर थाना पुलिस भी पहुंच गई है
जानकारी के मुताबिक पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के बौली गांव निवासी मेडी लाल सरोज की मौत हो चुकी है गांव में उनकी पत्नी अंजू देवी अपनी दो बेटियों कमला देवी 18 वर्ष वा विमला देवी 16 वर्ष के साथ रह कर मेहनत मजदूरी करती है अंजू देवी का देवर नाइ उर्फ छोटू से कुछ रुपयों के लेन देन का विवाद चल रहा है। बुधवार कीरात भी इसी विवाद को लेकर देवर भाभी के बीच झगड़ा हुआा । इससे नाराज अंजू देवी ने घर में रखी चूहा मारने वाली दवा निगल लिया उसने अपनी दोनों बेटियों को जहर दे दिया।कुछ देर बाद तीनों की हालत बिगड़ी तो परिजनों को घटना की जानकारी हुई तो तीनों को इलाज के लिए स्थानीय प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया।
इस सम्बन्ध में थाना प्रभारी हरीश तिवारी ने बताया कि महिला व उसकी बेटियों की हालत खतरे से बाहर है, इलाज कराया जा रहा है आरोपित को हिरासत में ले लिया गया है,तहरीर मिलती है तो मुकदमा दर्ज कर अग्रिम करवाई की जाएगी।

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