July 17, 2024

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कौशाम्बी18जून24*निष्कपट भाव से शिवजी को जल चढ़ाएंगे तो जरूर मिलेगा फल - ओम ओझा जी महराज*

कौशाम्बी18जून24*निष्कपट भाव से शिवजी को जल चढ़ाएंगे तो जरूर मिलेगा फल – ओम ओझा जी महराज*

कौशाम्बी18जून24*निष्कपट भाव से शिवजी को जल चढ़ाएंगे तो जरूर मिलेगा फल – ओम ओझा जी महराज*

*कौशाम्बी।* कौशाम्बेश्वर संकट मोचन आश्रम ट्रस्ट आमाकुआं में चल रहे शिव महापुराण के सातवें एवं अंतिम दिवस में कथा वाचक डॉ ओम ओझा जी महराज ने श्रोताओं को बताया कि हे सनातन प्रेमियों भगवान शिव सर्वगामी है जिनका न कोई आकर और निराकर रूप दोनो है जो शिव पुराण 18 महापुराणों में से एक है. शिव पुराण में 7 संहिता हैं और कुल 24 हजार श्लोक में शिवजी की कथा, पूजा की विधि, शिवलिंग की पूजा का रहस्य समाहित है. पुराण में बताया गया है कि सृष्टि के आरंभ में शिवजी ने सौ करोड़ श्लोकों से सभी पुराणों की रचना की थी. द्वापर युग में महर्षि वेदव्यासजी ने इन पुराणों को संक्षिप्त करके 18 भागों में बांट दिया था शिव पुराण में शिवलिंग की पूजा का रहस्य और शिवरात्रि के महत्व का जो वर्णन किया गया है वह हर शिव भक्त को जानना चाहिए. जिस भक्त ने इस शिवलिंग की पूजा का रहस्य और शिवरात्रि के महत्व को जाना वह शिवजी का प्रिय भक्त होकर शिव का हो गया है . इसलिए शिवलिंग की पूजा का रहस्य और शिवरात्रि के महत्व को ध्यान पूर्वक सभी मनुष्य को जानना चाहिए और इस कथा को सुनना पढ़ना चाहिए सगुण और निर्गुण दोनों रूपों में पूजा करनी चाहिए इस लिए निष्कपट भाव से शिवजी को जल चढ़ाएंगे तो फल जरूर मिलेगा और जीवन धन्य हो जाएगा। कथा वाचक ओम ओझा जी महराज ने सत्यव्रत और त्रिशंकु की कथा सुनाते हुए श्रोताओं को बताया कि त्रिबन्धन का पुत्र सत्यव्रत था, जो त्रिशंकु नाम से विख्यात है। चूँकि उसने विवाह के समय ब्राह्मण की पुत्री का अपहरण किया था, इसलिए उसके पिता ने उसे चाण्डाल बनने का श्राप दिया, जो शूद्र से भी निम्न है। तत्पश्चात, विश्वामित्र के प्रभाव से वह अपने भौतिक शरीर में उच्च ग्रह मंडल, स्वर्गीय ग्रहों पर चला गया, लेकिन देवताओं के पराक्रम के कारण वह नीचे की ओर गिर गया। फिर भी, विश्वामित्र की शक्ति से वह पूरी तरह नीचे नहीं गिरा; आज भी उसे सिर नीचे करके आकाश में लटका हुआ देखा जा सकता है।इस दौरान कार्यक्रम के आयोजक कौशांबेश्वर संकट मोचन ट्रस्ट संस्थापक बाबा बुद्धनदास , आचार्य अशोक ओझा, उपाध्यक्ष संरक्षक राजू केशरवानी, मानस मिश्रा,अनिल कुमार ,कौशिक अग्रहरि,विकास अग्रहरि,सचिव अंकित केशरवानी, चित्रकूट के संत खत्री बाबा, संदीप कुमार सिंह,रमेश पाल ,रज्जन महराज जी,के साथ साथ आमाकुआं के सनातन प्रेमियों के साथ सक्षम युवा विकास फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं सहित क्षेत्रीय भक्त मौजूद रहे।

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