कौशाम्बी15नवम्बर23*घर बैठे सफाई कर्मी को दिया जा रहा प्रत्येक महीने वेतन*
*औधन गांव की सफाई व्यवस्था हुई चौपट जगह-जगह लगा गंदगी का अंबार*
*नेवादा कौशाम्बी* सफाई कर्मचारी को घर बैठा करके सरकारी खजाने से बड़ा वेतन दिया जा रहा है बीते कई वर्षों से यह खेल जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय के संरक्षण में बेखौफ तरीके से चल रहा है जिससे जहां एक ओर सरकारी खजाने को बड़ी चपत लग रही है वही सफाई कर्मचारी के गायब रहने से गांव की गलियों में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा है तरह-तरह की बीमारियां उत्पन्न हो रही है बार-बार शिकायत के बाद भी सफाई कर्मी से साठगांठ करने वाले जिम्मेदार अधिकारी व्यवस्था को सुधार करने की पहल नहीं कर सके हैं जिससे उनके भ्रष्टाचार का अंदाजा लगाया जा सकता है जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन चलाकर गांव कस्बों को साफ सफाई से परिपूर्ण रखने के लिये खुद हांथ मे झाड़ू लेकर सफाई करते नजर आते हैं लेकिन उन्ही के अधिकारी व कर्मचारी उनके स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां उड़ाने मे कोई कोर कसर नही छोड़ते हैं जो सरकार से वेतन मिलने के बाद कागजों मे हेराफेरी कर अपने जी हुजूरी मे लगाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंसूबों पर पानी फेरने का काम कर रहे हैं
नेवादा ब्लॉक के ग्राम सभा औधन मे तैनात सफाई कर्मी सुशील मिश्रा कई वर्षों से अपने कार्य को करने के लिये गांव मे नही पहुँचता है जब कि इस ग्राम सभा मे मजरा सहित चार गांव सम्मिलित है लिस्ट पर तीन सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है (1) सुशील शर्मा (2) अशोक कुमार (3) सुशील मिश्रा जब कि अशोक कुमार को मजरा फरीदपुर की जिम्मेदारी दी गई है और आबादी ज्यादा होने के कारण ग्राम सभा और दो मजरा मे दो सफाई कर्मी सुशील शर्मा और सुशील मिश्रा की तैनाती की गई है लेकिन ब्लॉक मे बैठे भ्रष्ट अधिकारियों के रहमों करम पर कागजों मे हेराफेरी व जी हुजूरी कर पलने वाला सुशील मिश्रा अपने कार्य को करने के लिये गांव मे कभी नही आया और उसका वेतन अधिकारी द्वारा कैसे कागजों मे पास कर दिया जाता है यह गंभीर जांच का विषय है और बीते दिनों सुशील शर्मा का गाड़ी के टक्कर से पैर फैक्चर होने से कार्य करने नही आ सके जिससे ग्राम सभा मे गंदगी फैली है अधिकारी दबाव बना कर एक ही सफाई कर्मी को ग्राम सभा व तीनो मजरा की सफाई करवाने मे बिवश हैं गांव मे फैली गंदगी को देखते हुये ग्रामीणों ने सरकार से मांग किया है कि भ्रष्ट अधिकारियों को आदेशित कर सुशील मिश्रा को निलंबित कर दूसरे कर्मी को गांव में नियुक्त किया जाए और घर बैठे वेतन देने के मामले की उच्च स्तरीय जांच करा कर वेतन की रिकवरी कराई जाए

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