कोलकाता 17 अक्टूबर 26*कोलकाता पूजा पंडाल में भगदड़: 18 की मौत
कोलकाता से सीपीज शाह की विशेष रिपोर्ट, यूपीआजतक)
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के उल्लास और भक्ति के माहौल के बीच शनिवार शाम एक बड़ा और दर्दनाक हादसा घटित हो गया। उत्तरी कोलकाता के मशहूर चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक मची भगदड़ में अब तक 18 श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है। मृतकों में 13 महिलाएं, 4 पुरुष और एक मासूम बच्चा शामिल है। वहीं, कोलकाता मेडिकल कॉलेज के सूत्रों के अनुसार मृतकों की संख्या 20 तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है, जबकि 45 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों का इलाज कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल सहित आसपास के नजदीकी अस्पतालों में लगातार जारी है।
अचानक तेज बारिश के बाद बिगड़े हालात
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, शनिवार शाम करीब 7:40 बजे शहर में अचानक तेज बारिश शुरू हो गई थी। बारिश से बचने के लिए पंडाल के भीतर मौजूद बड़ी संख्या में दर्शनार्थी बाहर निकलने के बजाय अंदर ही रुक गए। इसी बीच बाहर कतार में लगे नए श्रद्धालुओं का अंदर प्रवेश भी लगातार जारी रहा। संकरे निकास और प्रवेश द्वारों के पास अत्यधिक भीड़ एकत्र हो जाने की वजह से अचानक भारी दबाव बन गया। बारिश से बचने और अंदर घुसने की होड़ में लोगों के बीच जबर्दस्त धक्का-मुक्की शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते भयावह भगदड़ का रूप ले लिया।
भीड़ के बेकाबू होते ही कई लोग जमीन पर गिर पड़े, जिन्हें उठने का अवसर तक नहीं मिला और वे पैरों तले दबते चले गए। पंडाल के भीतर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास इधर-उधर भागने लगे, जिससे स्थिति और अधिक अनियंत्रित हो गई।
राहत और बचाव कार्य में जुटी पुलिस व प्रशासन
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस और स्वयंसेवकों ने तुरंत घायलों को पंडाल से बाहर निकाला और एंबुलेंस व निजी वाहनों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्थिति इतनी गंभीर थी कि कुछ बेहोश लोगों को आनन-फानन में दोपहिया वाहनों पर बैठाकर अस्पताल ले जाना पड़ा।
अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं अलर्ट पर रखी गई हैं और डॉक्टरों की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं। चिकित्सकों के मुताबिक, कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिसके चलते मृतकों की संख्या में फेरबदल की आशंका बनी हुई है।
पंडालों की बत्तियां बुझीं, सुरक्षा के कड़े कदम
हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर चोरबागान पूजा पंडाल की सभी लाइटें तुरंत बंद करवा दीं और आम जनता के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। पूरे परिसर को खाली कराकर बैरिकेडिंग कर दी गई है। इस हृदयविदारक घटना का असर शहर के अन्य पूजा पंडालों पर भी पड़ा है। शहर में संभावित अव्यवस्था और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए कोलकाता के कई अन्य बड़े व भीड़भाड़ वाले दुर्गा पूजा पंडालों को भी एहतियातन दर्शकों के लिए बंद कर दिया गया है। विभिन्न पूजा समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भीड़ नियंत्रण के प्रोटोकॉल की दोबारा समीक्षा करें।
हेल्पलाइन नंबर जारी
पश्चिम बंगाल सरकार और कोलकाता पुलिस ने हादसे से जुड़ी सटीक जानकारी साझा करने और परिजनों की सहायता के लिए एक राज्यस्तरीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 (तथा लालबाजार कंट्रोल रूम नंबर) जारी किया है। नागरिक इस नंबर पर संपर्क करके घायलों के स्वास्थ्य, अस्पताल के विवरण और अन्य राहत उपायों की जानकारी हासिल कर सकते हैं। सरकार ने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
इस भीषण त्रासदी ने उत्सव की खुशियों को मातम में बदल दिया है और त्योहारों के दौरान भीड़ नियंत्रण तथा आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
(कोलकाता से सीपीज शाह की विशेष रिपोर्ट, यूपीआजतक)
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