May 5, 2026

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कानपुर नगर3मई26*कालाबाजारी का एक और मामला सामने आ गया दलालो द्वारा ब्लड की कालाबाजारी*

कानपुर नगर3मई26*कालाबाजारी का एक और मामला सामने आ गया दलालो द्वारा ब्लड की कालाबाजारी*

*कानपुर बिग ब्रेकिंग*

कानपुर नगर3मई26*कालाबाजारी का एक और मामला सामने आ गया दलालो द्वारा ब्लड की कालाबाजारी*

*अभी दलालो द्वारा किडनी की काला बाजारी वाला मामला शांत ही नही हो पाया की कानपुर मे एक और कालाबाजारी का मामला सामने आ गया दलालो द्वारा ब्लड की कालाबाजारी*

*जरूरतमंद लोग ब्लड बैंक मे ब्लड डोनेड करने के बाद और पूरी फॉर्मेलिटी करने के बाद घंटो लाईन मे लगने पर ब्लड मिलता हैं*

*लेकिन दलालो को बिना डोनर और बिना कागज़ी के किस आधार पर आसानी से ब्लड मिल जाता है क्या वह किसी स्वस्थ्य डोनर का नही बल्कि जो नशे के आदि होते उन लोगो को पैसो का लालच देकर ब्लड लिया जाता है*

*ऐसा ही एक मामला सामने आया है नौबस्ता के मछरिया का*
*जहा झोला छाप डॉक्टर अशरफ खान जो की जनता के नाम पर अवैध रूप से क्लिनिक चला रहे है झोला छाप डॉक्टर अशरफ अपने मरीजो को ब्लड चढ़ाने के लिए बोलते है जब मरीज तैयार हो जाता है तो ब्लड के नाम पर मोटी रकम वसूलते है बड़ी बात ये हैं की बिना डोनर के ब्लड दिलाने की बात कही जाती है जिससे *मरीज को लुभाया जाता और मरीज आसानी से बातो मे फस कर पैसा दे देता है प्रति यूनिट आठ से दस हजार रूपए डॉक्टर अशरफ वसूल लेता है बिना देरी के ब्लड का इंतजाम भी कर लेते है जिसका ना ही कोई बिल दिया जाता है मरीज को उसके बाद यशोदा नगर धनुष वाला चौराह के पास स्वस्तिक हॉस्पिटल मे मरीज को*
*ब्लड चढ़वाने के लिए भेज दिया जाता है झोला छाप डॉक्टर तो सिर्फ एक दलाली का काम करता है लेकिन दलाली कराने वाले स्वस्तिक हॉस्पिटल का पूरा खेल होता है ब्लड चढ़ने वाले मरीज को अस्पताल का कोई भी बिल नही दिया जाता है*

*मरीज ने जब दलाल अशरफ से ब्लड की रिसीविंग और बिल मागे तो दलाल ने साफ मना कर दिया की मै तो मधुलोक से ब्लड लाया हु लेकिन कोई बिल या* *रिसीविंग नही दिया जाता है तुम परेशान मत हो बस हॉस्पिटल मे*
*ब्लड चडवाओ ऐसे मे ब्लड की जांच कैसे होगी वह ब्लड मरीज के लिए सही जो या फिर जानलेवा पूर्व मे न्यू आजाद नगर पीएसी बाई पास मे न्यू कुबेर हॉस्पिटल मे एक मामला सामने आया था की डिलीवरी के बाद महिला को ठीक इसी तरह ब्लड चढ़ाया गया था कुछ ही घंटो बाद महिला की तबियत बिगड़ गयी थी परिजनों ने जब जांच कराया तो दोनो किडनी खराब निकली परिजनों ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को लिखित तहरीर दी आज सिर्फ कार्यवाही के नाम पर जाँच चल रही है और महिला जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही है*

*आख़िरकार क्यों पैसो के लालच मे डॉक्टर के भेष मे लोगो की जान से खिलवाड़ कर रहे है क्यों नही इन हैवानो पर कोई ठोस कार्यवाही होती है*

*पूरा मामला यशोदा नगर धनुष वाला चौराहा स्थित स्वस्तिक हॉस्पिटल का*