कानपुर नगर27जुलाई23*विभिन्न सर्वेक्षणों मे गुणवत्तायुक्त सॉंख्यिकीय ऑंकड़ो के संग्रहण के सम्बन्ध मे जागरूकता कार्यशाला का आयोजन-*
*◆ भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा कराये जाने वाले विभिन्न सर्वेक्षणों मे गुणवत्तायुक्त सॉंख्यिकीय ऑंकड़ो के संग्रहण के सम्बन्ध मे जागरूकता कार्यशाला का आयोजन-*
*कानपुर नगरः- 27 जुलाई, 2023,* विकास भवन सभागार में सांख्यिकी आंकड़ों के संग्रहण हेतु संवेदीकरण कार्यशाला (Sensitization Workshop) का आयोजन किया गया, जिसमें उद्योग बन्धु, टेªड यूनियन एवं अन्य अधिष्ठान/प्रतिष्ठान से संबंधित पदाधिकारी/प्रतिनिधिगण तथा अपर आयुक्त (प्रशासन), प्रेम प्रकाश उपाध्याय, संयुक्त विकास आयुक्त, एन0बी0सविता, उपनिदेशक (अर्थ एवं संख्या), रजनीश, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, चित्रा दुबे, उप कृषि निदेशक, चौ0 अरूण कुमार, मण्डलीय अर्थ एवं संख्याधिकारी, सुषमा वर्मा, सहायक श्रम आयुक्त, उप क्षेत्रीय कार्यालय एन0एस0ओ0 भारत सरकार से मनीष गुप्ता, मोहित शर्मा, आशीष कुमार मिश्र, विनय कुमार वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय के सहायक सॉंख्यिकीय अधिकारी श्री अविनाश पाण्डेय एवं समस्त स्टाफ के साथ-साथ अन्य सभी संबंधित विभागीय अधिकारियो द्वारा कार्यशाला में प्रतिभाग किया गया।
सर्वप्रथम श्रीमती चित्रा दुबे, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, कानपुर नगर द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर करने का संकल्प लिया गया है। मा0 मुख्यमंत्री जी की संकल्पना को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश मे विकास के अलग-अलग आयामों को बल प्रदान किये जाने हेतु समग्र रूप से अथक प्रयास किये जा रहे है। जिनका वास्तविक प्रतिबिम्ब विभिन्न विभागो एवं सर्वेक्षणों के माध्यम से प्राप्त होने वाले ऑंकड़ो मे भी होना परम आवश्यक है। भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा राज्य की आय एवं जिले की आय का आकलन करने हेतु विभिन्न सर्वेक्षणो के माध्यम से ऑंकड़ो का संकलन किया जाता है। संगठित क्षेत्र के ऑंकड़े वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण के माध्यम से एकत्रित किये जाते है जबकि असंगठित क्षेत्र के उद्यमो के ऑंकड़े ASUSE सर्वेक्षण के माध्यम से एकत्रित किये जाते है। उद्यमियो द्वारा कई बार सही ऑंकड़े उपलब्ध नही कराये जाते है जिसके कारण राज्य अथवा जिला के आय अनुमान सही आकलित नही हो पाते है। इस कार्यशाला का मुख्य उदद्ेश्य यही है कि सर्वेक्षण के माध्यम से जो ऑंकड़े लिये जा रहे है वह शुद्व हो तथा वास्तविक हो। अतः उद्यम बन्धु के पदाधिकारियो से अनुरोध है कि वह शुद्व ऑंकड़े उपलब्ध कराने मे सहयोग प्रदान करे।
श्री रजनीश, उपनिदेशक (अर्थ एवं संख्या), कानपुर मण्डल, कानपुर द्वारा अवगत कराया कि भारत/ राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर विभिन्न सर्वेक्षण कार्य कराये जाते हैं। जिसमें वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (ASI), औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP), असंगठित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE), आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) तथा राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (NSS) प्रमुख समाजार्थिक सर्वेक्षण कार्य है। इन्होंने अवगत कराया कि जनपद कानपुर नगर की वर्ष 2021-22 में आय प्रचलित मूल्यों पर रू0 54640.53 करोड़ थी, जो कि राज्य में 2.85 प्रतिशत योगदान के साथ 7वें स्थान पर रहा है। इन्होंने यह भी अवगत कराया कि जनपद कानपुर नगर की प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2021-22 में प्रचलित भावों पर रू0 96475 रही, जो कि राज्य में 8वें स्थान पर था।
इनके द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि ए0एस0आई0 के अन्तर्गत चयनित उद्यमों की इकाईयों को यूजर आई0डी0 एवं पासवर्ड उपलब्ध कराया जा चुका है। जिससे अपेक्षित है कि संबंधित इकाईयां अपने स्तर से ही संबंधित डेटा ऑनलाइन फीड करें। भारत सरकार के NSSO एवं राज्य सरकार के अर्थ एवं संख्या विभाग के अधिकारियो द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र मे जाकर सर्वेक्षण का कार्य किया जाता है। सर्वेक्षण के समय सर्वेक्षणकर्ता पर विभागीय आई0कार्ड होतेे है। जिससे ऑंकड़ा देने वाला उद्यम/व्यक्ति उनके पहचान पत्र देख सकता है तथा यह सुनिश्चित कर सकता है कि यह सॉंख्यिकीय विभाग द्वारा ऑंकड़ा एकत्रित किया जा रहा है। यह भी अवगत कराया गया कि सॉंख्यिकीय विभाग द्वारा जो ऑंकड़ा एकत्रित किया जा रहा है वह गोपनीय रहता है तथा किसी अन्य संस्था के साथ साझा नही किया जाता है। अतः उद्यमी शुद्व एवं त्रुटिरहित डाटा बिना किसी संकोच या भय के उपलब्ध कराये। यदि डाटा संग्रह करते समय सर्वेक्षणकर्ता द्वारा किसी उद्यमी या व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है तो वह जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, कानपुर नगर अथवा उपनिदेशक (अर्थ एवं संख्या) कानपुर मण्डल, कानपुर से इस सम्बन्ध मे शिकायत कर सकता है। बहुत से उद्यम फैक्ट्री एक्ट-1948 के तहत रजिस्टर्ड नही है। जिसके कारण ए0एस0आई0 के फ्रेम मे ऐसे कारखाने सम्मिलित नही हो पाते तथा इनका सर्वेक्षण भी नही होता है। जिसके कारण राज्य/जिला आय के ऑंकड़ो मे इनकी भागीदारी परिलक्षित नही होती है।
उद्यम बन्धु के एक प्रतिनिधि द्वारा अवगत कराया गया कि कई बार सर्वेक्षणकर्ता द्वारा डाटा संग्रहण मे समस्या उत्पन्न की जाती है। अतः सर्वेक्षणकर्ता के कार्ड पर विभाग का मोबाईल नम्बर अवश्य अंकित किया जाये।
उद्यम बन्धु के एक प्रतिनिधि द्वारा डाटा कलेक्शन के कवरेज और उसके साइज में परिवर्तन का सुझाव दिया।
भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी सुखदेव प्रसाद मिश्र ने सुझाव दिया कि डाटा कलेक्शन के स्थल/मार्केट चयन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उच्च वर्ग व निम्नवर्ग का औसत न लेकर वर्गवार आंकड़ों का संग्रहण व प्रकाशन का कार्य होना चाहिए।
भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधि, श्री अनिल उपाध्याय ने अवगत कराया कि भारत में सांख्यिकीय डाटा तो बहुत अच्छा है परन्तु उसके कलेक्शन की विधि ठीक नहीं है। इन्होंने सुझाव दिये कि असंगठित क्षेत्र की कम्पनियों यथा-अमेंजन या फ्लिपकार्ट आदि से डेटा कलेक्शन करने से डेटा में शुद्धि नहीं आती है। इसलिए आवश्यक है कि डेटा संग्रहण का कार्य निचली इकाई से लेकर उच्च स्तर तक सरकार नियंत्रण के कार्मिकों द्वारा किया जाये। इन्होंने यह भी अवगत कराया कि बहुत ऐसी फैक्ट्रियॉं हैं जिनका पंजीकरण फैक्ट्री एक्ट में तो है परन्तु इनके द्वारा उत्पादन कार्य नहीं किया जाता, जबकि इनका मूल्यांकन जी0डी0पी0 निर्माण में किया जाता है, जिसको ध्यान देने की आवश्यकता है।
उप-क्षेत्रीय कार्यालय एन0एस0ओ0, भारत सरकार से उपस्थित अधिकारियों मनीष गुप्ता, मोहित शर्मा, आशीष कुमार मिश्र, विनय कुमार वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारियों द्वारा राज्य सरकार एवं भारत सरकार द्वारा कराये जा रहे विभिन्न सर्वेक्षणो के सम्बन्ध मे बारीकियों से अवगत कराते हुए उपस्थित समस्त प्रतिनिधियों/प्रतिभागियों से अनुरोध किया गया कि सर्वेक्षण कार्य में त्रुटिरहित आंकड़े उपलब्ध कराये जाये।
संयुक्त विकास आयुक्त ने सुझाव दिया कि सर्वेक्षणकर्ता पहले अपना परिचय पत्र दिखाकर अपनी पहचान प्रमाणित करें उसके बाद डेटा कलेक्ट करें। डेटा की विश्वसनीयता/गोपनीयता बनाये रखना अपनी प्राथमिकता में सम्मिलित करें। सर्वेक्षणकर्ता सभी यूनियन अध्यक्ष का मो0नम्बर सहित पूर्ण विवरण अपने पास रखें जिससे कि आकस्मिकता की स्थिति में उनसे सम्पर्क किया जा सके।
अपर आयुक्त प्रेम प्रकाश उपाध्याय ने कार्यशाला में अवगत कराया कि प्रदेश को 2027 तक वन ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस हेतु राज्य के अन्तर्गत संचालित समस्त आर्थिक गतिविधियों का राज्य आय में योगदान को बढ़ाना एवं योगदान का सही आंकलन करना अतिआवश्यक है।
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