April 12, 2024

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कानपुर नगर26फरवरी24*मेजर गौरव आर्या जी के सम्मान में एक शत्र आयोजित किया गया।

कानपुर नगर26फरवरी24*मेजर गौरव आर्या जी के सम्मान में एक शत्र आयोजित किया गया।

कानपुर नगर26फरवरी24*मेजर गौरव आर्या जी के सम्मान में एक शत्र आयोजित किया गया।

कानपुर नगर से सुनील त्रिपाठी की रिपोर्ट यूपीआजतक

दिनाँक 26 फ़रवरी, 2024 को सायं 05:30 बजे, मर्चेंट्स चेम्बर ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा (सेवानिवृत्त) मेजर गौरव आर्या जी (भारतीय सेना के दिग्गज, चाणक्य अकादमी के संस्थापक) के सम्मान में (Cracking The Code : Major Gaurav Arya, Deciphers Indian Geopolitics) एक सत्र (टॉक शो) आयोजित किया गया।

 

मर्चेंट्स चैम्बर की परिपात अनुसार, सम्मानस्वरूप चैम्बर के उपाध्यक्ष- श्री मयंक खन्ना जी ने सत्र के मुख्य-वक्ता मेजर आर्या जी को पुष्पगुच्छ / शॉल भेंट किया तथा श्री अभिषेक सिंघानिया जी, अध्यक्ष, मर्चेंट चैंबर ने (मेजर) गौरव आर्या जी को प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया।

 

मर्चेंट चैंबर ऑफ़ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अभिषेक सिंघानिया जी ने कहा कि यह हम समस्त सदस्यों के लिए यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि आज हमारे बीच में (मेजर) गौरव आर्या जैसी महान विभूति उपस्थित हुई है और उन्होंने अपना बहुमूल्य समय चैंबर को दिया है। हमें पूर्ण आशा है कि आज हम सब उनके मार्गदर्शन में उनका अनुभव एवं ज्ञान प्राप्त करके अपने जीवन में डालने की कोशिश करेंगे। मेजर आर्य सिर्फ भारतीय सेवा के ही दिग्गज नहीं रहे हैं राजनीतिक, कॉरपोरेट अफेयर्स, लीडरशिप क्वालिटीज जैसे कई अन्य उद्योगों के गहन जानकार है।

 

टॉक शो

(मेजर) गौरव आर्या जी के साथ टॉक-शो का संचालन चैम्बर के सदस्य श्री राजीव मेहरोत्रा जी ने करते हुए कहा कि –

 

– भू राजनीतिक विषय पर बताया कि भारत चीन क्षेत्र की एल.ए.सी. 3500 किलोमीटर से अधिक का सीमा-क्षेत्र है। अभी हाल में खबर आई थी की चाइनीस आर्मी ने भारतीय सीमा क्षेत्र के कुछ क्षेत्र को अधिकृत कर लिया है, जबकि हमारी भारतीय सी बड़ी मुस्तैदी से उसे क्षेत्र की सुरक्षा कर रही है। इन सब सत्य और तथ्य से प्रत्येक भारतीय पूर्ण तरह से अवगत नहीं है और चाणक्य फोरम इस सत्य को आप सबके लाने के लिए सामने लाने के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म है जिसमें आपको विषय-विशेषज्ञता, विदेशी मामलों, भू-राजनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर विस्तारपूर्वक ज्ञान प्राप्त होगा।

– आजादी से पूर्व एवं बाद में तुलनात्मक रूप से भारत अपनी प्रगतिशीलता में कई पायदान ऊपर आ चुका है। ब्लूमबर्ग में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में भारत पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और भावी समय में अगर भारत वैश्विक पटल का स्थान प्राप्त कर लेता है तो कोई बड़ी अतिशयोक्ति नहीं होगी। जर्मनी, जापान इस समय रिसेशन में है जबकि अगर हम भारतीय अर्थव्यवस्था की बात करें तो हम भावी समय हेतु आशावादी हैं और आज के वर्तमान परिदृश्य में हम प्रत्येक वस्तु / सेवा निर्यात कर रहे हैं एवं आवश्यकतानुसार उनका आयात भी कर रहे हैं।

– वर्तमान में भारत की प्रत्येक क्षेत्र में प्रगतिशीलता को देखते हुए समस्त देश कह रहे हैं कि भारत को यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल का एक पार्ट होना चाहिए जो की भारत बहुत जल्दी इसका पार्ट भी होने जा रहा है।

– भारतीय सरकार द्वारा जीडीपी की तुलना में सैन्य बजट पर कम खर्च करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमें यह जानकर अत्यंत हर्ष होगा कि आज हम एजुकेशन बजट पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं और अपने समाज का शैक्षिक एवं बौद्धिक दायरा बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं और अगर हम हथियारों की बात करें तो हमारा सर्वोत्तम हथियार I.I.T. है, जो की अग्नि व पृथ्वी मिसाइल जैसी दूर-मारक क्षमता की मिसाइल तैयार कर चुका है। रही बात डिफेंस बजट की तो सरकार समय-समय पर बहुतायत में हथियार बनाने एवं खरीदने में दोनों पर बजट निर्धारण कर बजट का उपयोग करती रहती हैं।

अगर हम चीन क्षेत्र की बात करें तो चीन का अवधारणा एकदम अलग है जैसे उसका किसी अन्य देश की सीमा क्षेत्र के साथ विवाद हो या ना हो वह उसे देश की सीमा को वैचारिक तौर पर अपना समझने लगता है। चीन का उद्देश्य रहता है कि वह पिछड़े आर्थिक रूप से कमजोर, राजनीतिक स्तर पर कमजोर और गरीब तथा छोटे देश को अपना ग्रास बनता है जैसे श्रीलंका मालदीप अफ्रीका पाकिस्तान। फिर पुरे देश को निगलने का प्रयास करता है।

– जबकि अभी कुछ दिन पहले हमारे भारत के विदेश मंत्री जी से जब पूछा गया कि भारत आज किस देश के साथ है तो उन्होंने कहा कि भारत – भारत के साथ है। भारत एक नॉन-अलाइंस (गैर गठबंधन) वाला देश है। आज भारत के पास साम-दाम-दंड-भेद प्रत्येक तरह की नीति है और इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि इसका उदाहरण बांग्लादेश, श्रीलंका, पाकिस्तान और चीन जैसे देश है। और वह समय भी बहुत जल्दी आ रहा है जब भारत एक विश्व गुरु होगा और जब हम विश्व गुरु कहते हैं तो गुरु शिक्षा का पाठ भी पढ़ाता है और आवश्यकता पड़ने पर डंडे का जोर भी अपनाता है।

हमें यह कहने में अत्यंत गर्व होगा कि भारत अगला सिक्योरिटी प्रोवाइडर देश होगा चाहे वह आर्मी, एयर फोर्स, और नेवल सेवा क्षेत्र से हो।

– मेजर आर्य जी ने बताया कि उन्होंने पाकिस्तान की प्रकृति पर वीरू इफेक्ट नाम से एक किताब लिखी है जो गूगल पर भी उपलब्ध है। वीरू इफ़ेक्ट किताब के बारे में बताते हुए कहा कि जैसे शोले मूवी में वीरू पानी की टंकी पर चढ़कर कहता है मौसी में कूद जाऊंगा, यही पाकिस्तान की निति है जो उसकी नीति का एक सबसे बड़ा भ्रामक हिस्सा है।

– नॉर्थ ईस्ट के सवाल के जवाब में मेजर आर्य जी ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र में प्रकृति का हिस्सा बहुत अधिक है जबकि लोगों की आबादी उतनी ही कम। नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र एक विवादित क्षेत्र नहीं है जबकि हमने अपने वैचारिकी के स्तर पर यह धारणा बना ली है कि यह एक विवादित क्षेत्र है। हमें आवश्यकता है तो यह कि प्रत्यक्ष रूप से नॉर्थ ईस्ट के जनसाधारण से संवाद करना होगा जो हमारी वैचारिकी को उनके विचार से जोड़ेगा।

– आर्मी वर्तमान में कश्मीर में सुपर 30 नाम से कोचिंग चलती है जिसमें वह कश्मीरी युवाओं को आईआईटी के लिए शिक्षित करती है।

आर्मी एक सुनियोजित फोर्स है और आर्मी जो भी करती है वह पूरी तरह से परफेक्ट स्तर पर करती है। अन्य सवालों में चीन-लद्दाख संघर्ष. बलूचिस्तान स्वतंत्रता आंदोलन, भारत-बांग्लादेश सीमा विवाद आदि पूछे गए।

 

सत्र का संचालन श्री महेंद्र मोदी, सचिव, मर्चेंट्स चैम्बर ऑफ उत्तर प्रदेश ने किया एवं धन्यवाद-प्रस्ताव मर्चेंट्स चैम्बर के उपाध्यक्ष श्री मयंक खन्ना जी ने प्रस्तुत किया।

 

सत्र में मर्चेंट चैंबर उत्तर प्रदेश के श्री आशीष चौहान, श्री अतुल कनोडिया, श्री मुकुल टंडन, डॉ अवध दुबे, श्री आर.के. अग्रवाल, श्री विजय पंडित, श्री सुशील शर्मा, श्रीमती वर्षा सिंघानिया, श्रीमती जिन्नि खन्ना, श्री टीकम चंद सेठिया, श्री श्याम मेहरोत्रा, चैम्बर के सदस्यगण, उद्यमी व व्यापारी, विभिन्न क्षेत्र से जुड़े पेशेवर व्यक्ति व आमजन तथा सहयोगी संस्था के पदाधिकारी गण एवं सदस्यगण उपस्थित होंगे।

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