कानपुर नगर25जनवरी24*जीएसटी छापे पर (Conference on GST Raid) प्रेस कॉन्फ्रेंस
आज दिनाँक 25 जनवरी, 2024 को दोपहर 12:30 बजे मर्चेंट चैंबर ऑफ़ उत्तर प्रदेश, कानपुर चार्टर्ड एकाउंटेंट्स सोसाइटी एवं सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन के द्वारा जीएसटी छापे पर (Conference on GST Raid) एक सत्र आयोजित किया गया।
स्वागत-भाषण चैंबर की जीएसटी कमेटी के चेयरमैन एडवोकेट संतोष गुप्ता ने करते हुए मुख्य-अतिथि का स्वागत किया तथा चेंबर की गतिविधियों के बारे में बताया।
वंशिका आनंद ने मुख्य वक्ता को पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया।
सत्र के मुख्य-वक्ता सीए जतिन क्रिस्टोफर द्वारा निम्नलिखित जानकारियाँ साझा की गयी :
हमें यह स्पष्ट समझ लेना चाहिये कि सामान्य रूप से कर संबंधी सभी प्रावधानों में कुछ करने का दायित्व करदाता पर निर्धारित होता है किन्तु यह स्थिति C.R.P.C की धारा 165 के सम्बन्ध में नहीं है क्योंकि Search & Seizure (तलाशी और जब्ती) व्यक्ति के मौलिक अधिकार का हनन न हो यह ध्यान रखना अति आवश्यक है।
तलाशी लेने वाले अधिकारी के पास तलाशी किए गए परिसर से सामान (जो जब्त किए जाने योग्य हैं) और दस्तावेज, किताबें या चीजें (सीजीएसटी/एसजीएसटी अधिनियम के तहत किसी भी कार्यवाही के लिए प्रासंगिक) की खोज करने और जब्त करने की शक्ति है। तलाशी के दौरान,अधिकारी के पास तलाशी के लिए अधिकृत परिसर का दरवाजा तोड़ने की शक्ति है यदि उसे प्रवेश से वंचित किया जाता है। इसी प्रकार, परिसर के भीतर तलाशी लेते समय, वह किसी भी अलमारी या बक्से को तोड़ सकता है यदि ऐसी अलमारी या बक्से तक पहुंच से इनकार किया गया है और जिसमें कोई सामान, खाता, रजिस्टर या दस्तावेज छुपाए जाने का संदेह है। प्रवेश से इनकार करने पर वह परिसर को सील भी कर सकता है।
– उचित अधिकारी द्वारा जारी वैध तलाशी वारंट के बिना परिसर की कोई तलाशी नहीं ली जानी चाहिए।
– आवास पर खोजी दल के साथ एक महिला अधिकारी अवश्य रहनी चाहिए।
– तलाशी शुरू करने से पहले अधिकारियों को परिसर के प्रभारी व्यक्ति को अपना पहचान पत्र दिखाकर अपनी पहचान का खुलासा करना चाहिए।
– तलाशी वारंट को तलाशी शुरू होने से पहले परिसर के प्रभारी व्यक्ति को दिखाकर निष्पादित किया जाना चाहिए और उसे देखने के प्रतीक के रूप में तलाशी वारंट के मुख्य भाग पर उसके हस्ताक्षर लिए जाने चाहिए। सर्च वारंट के मुख्य भाग पर कम से कम दो गवाहों के हस्ताक्षर भी लिए जाने चाहिए
– तलाशी इलाके के कम से कम दो स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में की जानी चाहिए। यदि ऐसा कोई निवासी उपलब्ध/इच्छुक नहीं है, तो किसी अन्य इलाके के निवासियों को तलाशी का गवाह बनने के लिए कहा जाना चाहिए। गवाहों को तलाशी के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए।
– तलाशी की कार्यवाही शुरू होने से पहले, तलाशी लेने वाले अधिकारियों की टीम और उनके साथ आए गवाहों को तलाशी किए जा रहे परिसर के प्रभारी व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत तलाशी के लिए खुद को पेश करना चाहिए। इसी प्रकार, तलाशी पूरी होने के बाद सभी अधिकारियों और गवाहों को फिर से अपनी व्यक्तिगत तलाशी के लिए प्रस्तुत होना चाहिए।
सत्र के संचालनकर्ता सीए गुरप्रीत सिंह भल्ला, सचिव, कानपुर चार्टर्ड एकाउंटेंट्स सोसाइटी थे तथा धन्यवाद-ज्ञापन अधिवक्ता अलोक तिवारी, जनरल सेक्रेटरी, सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन ने प्रस्तुत किया।
सत्र में मुख्य-रूप से सीए धर्मेंद्र श्रीवास्तवा, श्री उमेश पांडेय, चैम्बर के सचिव-श्री महेंद्र नाथ मोदी तथा सहयोगी संस्थाओ के पदाधिकारीगण व सदस्यगण उपस्थित थे।

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