April 17, 2024

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कानपुर नगर23नवम्बर23*मंत्री धर्मपाल सिंह जी ने भृमण के दौरान निरार्श्रित गोवंश प्रगति की समीक्षा सम्बन्धित अधिकारियों के साथ की।

कानपुर नगर23नवम्बर23*मंत्री धर्मपाल सिंह जी ने भृमण के दौरान निरार्श्रित गोवंश प्रगति की समीक्षा सम्बन्धित अधिकारियों के साथ की।

कानपुर नगर23नवम्बर23*मंत्री धर्मपाल सिंह जी ने भृमण के दौरान निरार्श्रित गोवंश प्रगति की समीक्षा सम्बन्धित अधिकारियों के साथ की।

मा0 मंत्री पशुधन एवं दुग्ध विकास, राजनैतिक पेंशन, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज तथा नागरिक सुरक्षा विभाग उ0प्र0 श्री धर्मपाल सिंह ने आज जनपद कानपुर भ्रमण के दौरान सर्किट हाउस के सभागार में निरार्श्रित गोवंश प्रगति की समीक्षा सम्बन्धित अधिकारियों के साथ की।
बैठक मा0 विधायक नीलिमा कटियार, मा0 ब्लाक प्रमुख कल्याणपुर अनुराधा अवस्थी, मा0 ब्लाक प्रमुख शिवराजपुर शुभम बाजपेयी, मुख्य विकास अधिकारी सुधीर कुमार सहित सभी सम्बन्धित विभागों के जिला स्तरीय व ब्लाक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
मा0 मंत्री जी ने बताया कि उ0प्र0 में 01 नवम्बर से 31 दिसम्बर, 2023 तक निराश्रित गोवंशों को संरक्षित करने का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 60 दिन का अभियान चलाया जा रहा है जिसमें प्रयास रहेगा की 31 दिसम्बर के पश्चात निराश्रित गोवंश किसानों के खेतों में, सड़कों पर, शहर की गलियों में दिखाई ना दें। आज 06 विभागों के साथ बैठक की गई, जिसमें पंचायती राज, ग्राम्य विकास, नगर विकास, राजस्व, पशुपालन विभाग के साथ बैठक की गई, जिसमें यह संज्ञान में आया कि जब से अभियान चला है यहां पर 900 निराश्रित गोवंशों को संरक्षित किया गया है, जिसमें 599 नगरीय क्षेत्र व अन्य ग्रामीण क्षेत्र में संरक्षित किया गया है। टीमें तहसील स्तर, ब्लॉक स्तर व गांव स्तर पर बन गई है। ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य विकास अधिकारी की देखरेख में अभियान चलेगा व नगरी क्षेत्र में नगर आयुक्त की देखरेख में पूरा अभियान चलेगा। 01 जनवरी, 2024 से कोई भी निराश्रित गोवंश किसानों के खेतों में, सड़कों में, शहर की गलियों में दिखाई देगा तो उसे कांजी हाउस पहुंचाने का कार्य किया जाएगा, कांजी हाउस में जितने दिन पशु रखा जाएगा उसका खर्चा, जितने का गोवंश द्वारा नुकसान किया गया है उसके खर्च का आकलन कर अर्थ दण्ड लगाकर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां पर सर्वाधिक निराश्रित गोवंश हैं जनपद में ऐसे प्रमुख स्थलों का चिन्हांकन किया जाए और वहां पर अस्थाई गौशाला का निर्माण कराया जाए। गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु प्रयास किया जाए, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को गौशालाओं से जोड़ा जाए। पशुपालन की सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार कराया जाए, जिससे किसान, पशुपालक उसका लाभ उठा सके।
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