June 12, 2026

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कानपुर नगर12जून26*"भ्रष्टाचार चरम पर है, ईमानदारी लाचार है,फाइलों में चमकता शहर, हकीकत में अंधकार है*

कानपुर नगर12जून26*”भ्रष्टाचार चरम पर है, ईमानदारी लाचार है,फाइलों में चमकता शहर, हकीकत में अंधकार है*

*Breaking News kanpur*

कानपुर नगर12जून26*”भ्रष्टाचार चरम पर है, ईमानदारी लाचार है,फाइलों में चमकता शहर, हकीकत में अंधकार है*

कानपुर नगर**जनता के हिस्से वादे आए, अफसरों के हिस्से माल,यही व्यवस्था का सच है, यही भ्रष्ट सिस्टम का हाल।*”

*”जब कलम बिक जाए, और कुर्सी झुक जाए,तब भ्रष्टाचार की सत्ता हर सच को निगल जाए*

*IGRS पर शिकायतें बेअसर! नगर निगम, KDA और KESCO में फाइलों का खेल, जनता बेहाल, सुशासन और विकास के दावों के बीच IGRS पोर्टल की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं।*

*शहरवासियों का आरोप है कि नगर निगम, कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) और KESCO में दर्ज शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित रह गया है।*

*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद वार्डों की सड़क, जलभराव, सफाई, स्ट्रीट लाइट और अवैध कब्जों जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं*।

*शिकायतकर्ताओं का दावा है कि फाइलों में निस्तारण दिखाकर मामलों को बंद कर दिया जाता है, जबकि जमीन पर हालात जस के तस बने रहते हैं। इससे जनता के बीच भारी आक्रोश है बल्कि जनता का कहना हैं कि जब कार्रवाई ही नहीं होनी तो IGRS का औचित्य क्या है?*

*वहीं नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के कार्यकाल में भी शहर की बदहाल व्यवस्था में अपेक्षित सुधार न होने को लेकर चर्चाएं तेज हैं। दूसरी ओर अपने दूसरे कार्यकाल में भी महापौर लगातार बैठकों और सभाओं के माध्यम से व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विचार कर रही हैं,लेकिन शहर की कई मूलभूत समस्याएं आज भी समाधान की प्रतीक्षा में हैं।*

*नागरिकों का कहना है कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच आम जनता परेशान है, जबकि जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही कहीं दिखाई नहीं देती। लोगों के बीच अब एक ही चर्चा है”सिर्फ फाइलों में किया जाता है निस्तारण, जमीन पर अंधेरगर्दी; शिकायतें बेअसर, जनता लाचार!*

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