May 19, 2024

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कानपुर नगर01मई24*जैव-ऊर्जा के लिए संसाधनों की योजना और अनुकूलन" विषय पर सेमीनार का आयोजन किया गया।

कानपुर नगर01मई24*जैव-ऊर्जा के लिए संसाधनों की योजना और अनुकूलन” विषय पर सेमीनार का आयोजन किया गया।

कानपुर नगर01मई24*जैव-ऊर्जा के लिए संसाधनों की योजना और अनुकूलन” विषय पर सेमीनार का आयोजन किया गया।

कानपुर नगर से रेशमा बेगम की रिपोर्ट यूपीआजतक

F.No. Dir/PS/Misc./2024-25
राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर

राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर में “जैव-ऊर्जा के लिए संसाधनों की योजना और अनुकूलन” विषय पर एक अखिल भारतीय सेमीनार का आयोजन संस्थान के प्रशिक्षण केन्द्र “शर्करा सौध” में 30 अप्रैल, 2024 को किया गया। यह कार्यक्रम संयुक्त रूप से राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर, एशियन एसोसिएशन ऑफ शुगर केन टेक्नोलॉजिस्ट, लखनऊ और स्प्रे इंजीनियरिंग डिवाइसेज लिमिटेड, चंडीगढ़ के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के निदेशक प्रोफेसर डी. स्वाईन और मंच पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ की गई। इस सेमिनार में भारत के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में स्थित चीनी मिलों और आसवनी इकाइयों में कार्यरत कार्यकारी अध्यक्षों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, महाप्रबंधकों और वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया। सेमिनार के उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के निदेशक प्रोफेसर डी. स्वाईन, वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट के महानिदेशक संभाजी के पाटिल, प्रोफेसर एवं जैव रसायन विभाग प्रमुख डॉ. सीमा परोहा, एशियन एसोसिएशन ऑफ शुगर केन टेक्नोलॉजिस्ट के अध्यक्ष के पी सिंह, स्प्रे इंजीनियरिंग डिवाइसेज लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक विवेक वर्मा और एशियन एसोसिएशन ऑफ शुगर केन टेक्नोलॉजिस्ट के महासचिव पी के एन सिंह ने मंच साझा किया।
सेमिनार को संबोधित करते हुए निदेशक, प्रो. डी. स्वाईन ने कहा कि केवल चीनी उद्योग से प्राप्त फीडस्टॉक और अनाज का उपयोग करके, पेट्रोल में लक्षित 20% इथेनॉल मिश्रण 2025 तक प्राप्त नहीं किया जा सकता है। निर्धारित मात्रा में इथेनाल की आवश्यकता की पूर्ति हेतु गैर-खाद्य फीडस्टॉक से इथेनाल उत्पादन पर जोर देना होगा, जो कि भोजन बनाम ईंधन संघर्ष से भी बचाता है। उन्होंने सफेद चीनी की जगह कच्ची चीनी के उत्पादन पर भी जोर दिया, जो न केवल मानव उपभोग के लिए स्वास्थ्यप्रद है बल्कि उसके उत्पादन प्रक्रिया में आने वाली लागत भी किफायती है। प्रो.स्वाईन ने कहा कि चीनी उद्योग को चीनी की मांग और आपूर्ति को संतुलित करने और जैव-आधारित उत्पादों और हरित प्रौद्योगिकियों के लिए एक आशाजनक केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में तत्पर रहना होगा।
अपने स्वागत भाषण के दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री के पी सिंह ने वर्तमान परिदृश्य में चीनी और उससे संबद्ध क्षेत्रों में सेमिनार के विषय की प्रासंगिकता और महत्व के बारे में बताया। वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट के महानिदेशक, श्री संभाजी के पाटिल ने कहा कि चीनी उद्योग, जो स्वच्छ, हरित और नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन का प्रमुख केंद्र है, भविष्य के लिए ईंधन ग्रीन हाइड्रोजन का एक अच्छा संभावित स्रोत हो सकता है।
प्रोफेसर एवं जैव रसायन विभाग प्रमुख, डॉ. सीमा परोहा ने कहा कि व्यावसायिक रूप से सिद्ध प्रौद्योगिकियां जैसे कि प्रति वर्ष लगभग 2 मिलियन मीट्रिक टन की सीमा तक बायो-गैस/सीबीजी के उत्पादन के लिए फिल्टर केक का उपयोग जैव-ऊर्जा और चीनी कारखानों के राजस्व को बढ़ाने में एक वरदान साबित हो सकती हैं, जो कि समय की मांग भी है।
एसईडीएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, श्री विवेक वर्मा ने बायोमास को बॉयलर में जलाने के बजाय इसके इथेनॉल, उर्वरक, बायो-डिग्रेडेबल पॉलिमर, कार्बनिक रसायनों आदि के कुशल उपयोग के बारे में बताया एवं चीनी और अनाज आधारित आसवनी इकाइयों में बॉयलर के प्रतिस्थापन के रूप में एमवीआर प्रौद्योगिकियों को लागू करने की संभावनाओं पर जोर दिया।
सेमीनार में ऊर्जा दक्षता से सम्बंधित भारतीय चीनी उद्योग में नवीनतम विकास और अवसर, चीनी उद्योग से हरित हाइड्रोजन की क्षमता, आपूर्ति श्रृंखला और प्रक्रिया पैरामीटर अनुकूलन, प्राकृतिक क्रिस्टल चीनी की व्यवहार्यता और जैव आधारित टिकाऊ अर्थव्यवस्था आदि विषयों से संबंधित सात शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।
सेमीनार में श्री एस के त्रिवेदी, श्री अशोक गर्ग, श्री संजय चौहान, श्री विनय कुमार, डॉ. आर अनंतालक्ष्मी, डॉ. अशोक कुमार, श्री वीरेंद्र कुमार, डॉ. सुधाशु मोहन, श्री महेंद्र यादव, श्री वीपी सिंह, श्री के कोंडे, श्री ए के नंदा, श्री अमर सिंह और श्री अमित नेगी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक एवं सहायक आचार्य शर्करा अभियांत्रिकी, श्री अनूप कुमार कनौजिया द्वारा दी गई समापन टिप्पणी के साथ सेमिनार का समापन हुआ। एसोसिएशन के महासचिव, श्री पीकेएन सिंह ने प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

रिपोर्टर रेशमा बेगम कानपुर से

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