August 31, 2025

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

कानपुर देहात17जुलाई25*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर कानपुर देहात की कुछ महत्वपूर्ण ख़बरे....

कानपुर देहात17जुलाई25*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर कानपुर देहात की कुछ महत्वपूर्ण ख़बरे….

कानपुर देहात17जुलाई25*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर कानपुर देहात की कुछ महत्वपूर्ण ख़बरे….

: *राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान- मध्यस्थता हॉल राष्ट्र 01 जुलाई 2025 से 30 सितंबर तक*

 

बैनर न्यूज़ ब्यूरो

कानपुर देहात

नामित सचिव/माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद न्यायालय, श्री हिमांशु कुमार सिंह (एच.जे.एस.) ने बताया है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली तथा मीडिएशन एवं कंसीलियोन प्रोजेक्ट कमेटी, सर्वोच्च नयायालय, नई दिल्ली के तत्वाधान में सम्पूर्ण राष्ट्र में दिनांक 01 जुलाई 2025 से दिनांक 30 सितम्बर 2025 तक राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मध्यस्थता के माध्यम से न्यायालयों एवं उच्च न्यायालयों में लम्बित प्रकरणों का अधिकाधिक संख्या में निस्तारण कराना है।
उक्त के अनुक्रम में माननीय वरिष्ठ न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय/माननीय कार्यपालक अध्यक्ष, उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार उक्त अभियान की जानकारी जन-मानस तक पहुंचाने हेतु उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा एक पम्फलेट तैयार किया गया है जिसे दैनिक समाचार पत्रों स्थानीय न्यूज चैनल इत्यादि द्वारा प्रचारित-प्रसारित किया जाना है।
इस संबंध में माननीय अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण / माननीय जनपद न्यायाधीश कानपुर देहात श्री तेज प्रकाश तिवारी के कुशल निर्देशन में उक्त अभियान को सफल बनायें जाने हेतु जनपद में अधिक से अधिक मामलों को निस्तारित किये जाने हेतु निर्देश दिये गये हैं।
[7/17, 6:47 AM] pathakomji8: *कुल 23 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापे डालकर 8 नमूने ग्रहित किये गये 03 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए*

 

*बैनर न्यूज़ ब्यूरो ओउम जी पाठक “अकिंचन”*

कानपुर देहात

जिलाधिकारी आलोक सिंह के द्वारा उर्वरक की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा कालाबाजारी रोकने तथा निर्धारित मूल्यों पर उर्वरक को उपलब्ध कराने एवं कृषकों में वितरण कराने के लिए जनपद में 06 संयुक्त टीमें गठित कर उनकों तहसील आवंटित कर सरकारी/निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों पर औचक छापे डाले जाने के लिये निर्देश दिये गये। उक्त के निर्देश में जनपद में कुल 23 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापे डालकर 8 नमूने ग्रहित किये गये 03 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
जिला कृषि अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी अकबरपुर कानपुर देहात के द्वारा तहसील अकबरपुर में छापे की कार्यवाही की गयी। जिसमें सहयोगी ट्रेडर्स से 02 नमूने ग्रहित किये गये, कौशल ट्रेंडर्स से 01 नमूना ग्रहित किया गया, महेश बीज भण्डार से 01 नमूना ग्रहित किया गया एवं रमेश बीज भण्डार से 02 नमूना ग्रहित किया। रमेश बीज भण्डार अकबरपुर का रेट बोर्ड अध्यतन न होने के कारण एवं कौशल ट्रेडर्स अकबरपुर एन पी के पॉस मशीन में अन्य कंपनी का और स्टॉक में दूसरे कंपनी का होने के कारण नोटिस जारी किया गया।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी कानपुर देहात एवं उपजिलाधिकारी भोगनीपुर कानपुर देहात के द्वारा तहसील भोगनीपुर में 02 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापे डालकर, 01 उर्वरक नमूना ग्रहित किया गया। वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए कार्या0-जिला कृषि अधिकारी कानपुर देहात एवं उपजिलाधिकारी डेरापुर के द्वारा तहसील डेरापुर में 04 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापा डाला गया, सुधीर खाद भण्डार नोनारी डेरापुर कानपुर देहात को स्टाक एवं वितरण रजिस्टर, स्टाक एवं रेटबोर्ड अद्यतन न पाये जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
वरिष्ठ प्रा0सहा0 ग्रुप-ए कार्यालय उपसम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी अकबरपुर कानपुर देहात एवं उप जिलाधिकारी मैथा, कानपुर देहात के द्वारा तहसील मैथा में 02 उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों पर छापे डालकर 01 नमूना ग्रहित किया गया। वरि0प्रा0सहा0 ग्रुप-ए कार्या0-उपसम्भागीय कृषि प्रसार अधिकाारी भोगनीपुर, कानपुर देहात एवं उपजिलाधिकारी सिकन्दरा, कानपुर देहात के द्वारा तहसील भोगनीपुर में 04 उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों में छापा डाला गया। वरि0प्रा0सहा0 ग्रुप-ए कार्या0-उपसम्भागीय कृषि प्रसार अधिकाारी रसूलाबाद, कानपुर देहात एवं उपजिलाधिकारी रसूलाबाद, कानपुर देहात के द्वारा तहसील रसूलाबाद, में 04 उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों पर छापा डाला गया।
[7/17, 6:47 AM] pathakomji8: *दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज*

*जमानत की अर्जी पर माननीय अपर जिला जज 13 पास्को एक्ट श्री शरद कुमार त्रिपाठी की अदालत में बुधवार को हुई सुनवाई*

 

बैनर न्यूज़ ब्यूरो

कानपुर देहात।बिल्हौर क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी को बहलाकर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने व उसका अश्लील वीडियो बनाने के मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी की आरोपी की ओर से अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी।जिसकी सुनवाई करते हुए पॉक्सो कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक विकास सिंह ने बताया कि बिल्हौर क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के ताऊ ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी इसमें बताया था कि 6 मई 2025 की रात उसका छोटा भाई गांव में शादी कार्यक्रम में शामिल होने गया था। घर पर बारह वर्षीय भतीजी अकेले थी उसी दौरान कुशहापुरवा निवासी राम जी अपने साथियों हिमांशु व सूरज के साथ घर आया और भतीजी को बहला फुसलाकर कर खेतों की ओर ले गया जहां सभी ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया और उसका अश्लील वीडियो बना लिया।इस मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी रामजी की ओर से बचाव पक्ष ने जमानत अर्जी दाखिल की थी जिसकी सुनवाई करते हुए माननीय अपर जिला जज 13/पॉक्सो एक्ट की अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
[7/17, 6:47 AM] pathakomji8: *नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को दस साल का कारावास*

 

*माननीय न्यायालय ने उपरोक्त मामले के दोषी को 25000 रुपए के अर्थ दंड से भी किया है दंडित*

*वही माननीय न्यायालय ने अर्थ दंड की धनराशि में से आधी धनराशि पीड़िता को दिए जाने तथा अर्थदंड की धनराशि अदा न करने की दशा में इस मामले की दोषी को एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतने के भी दिए हैं आदेश*

 

*इस मुकदमा की माननीय अपर जिला जज– 13/ पास्कोएक्ट श्री शरद कुमार त्रिपाठी की अदालत में चल रही थी सुनवाई*

 

बैनर न्यूज़ ब्यूरो

कानपुर देहात। करीब छह साल पहले डेरापुर क्षेत्र के एक गांव से स्कूल पढ़ने गई किशोरी को बहलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले की सुनवाई करते हुए पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी युवक को दोषसिद्ध करते हुए उसे दस साल के कारावास की सजा सुनाई है इसके साथ ही अर्थदंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक विकास सिंह ने बताया कि डेरापुर क्षेत्र के एक गांव की किशोरी 17 जनवरी 2019 को घर से क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में पढ़ने गई थी जहां से उसके घर वापस घर न आने पर परिजनों ने उसकी तलाश की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।इसपर उसके पिता ने मंगलपुर क्षेत्र के गांव भंदेमऊ निवासी इंदल व उसके साथियों अंतापुर निवासी रवि और दनियापुर निवासी पप्पू व विनय के खिलाफ पुत्री का अपहरण करने का मुकदमा दर्ज कराया था ।पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए किशोरी को बरामद करने के बाद उसके बयान व चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर इंदल के खिलाफ दुष्कर्म , पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में आरोपपत्र अदालत में पेश किए थे वहीं अन्य आरोपियों के खिलाफ कोई साक्ष्य न मिलने पर उनका नाम हटा दिया था मामले की सुनवाई माननीय अपर जिला जज 13/पॉक्सो एक्ट श्री शरद कुमार त्रिपाठी की अदालत में चल रही थी।बुधवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी इंदल को दस साल के कारावास की सजा सुनाई इसके साथ ही उसपर 25 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया है वहीं अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को दिए जाने व अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतरिक्त कारावास काटने के आदेश दिए हैं।
[7/17, 6:47 AM] pathakomji8: *पति की हत्या में दोषी पत्नी को आजीवन कारावास*

 

*माननीय न्यायालय ने उपरोक्त मामले के दोषी पर लगाया 70000 रुपए का अर्थ दंड*

*इस मुकदमा की माननीय अपर जिला जज– 6 की अदालत में चल रही थी सुनवाई*

 

 

बैनर न्यूज़ ब्यूरो

 

कानपुर देहात। मंगलपुर थाना क्षेत्र के अलियापुर गांव में वर्ष 2022 में हुई युवक की हत्या के मामले में चल रही सुनवाई पूरी होने के बाद एडीजे छह की अदालत ने दोषी पाई गई मृतक की पत्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उसपर अलग- अलग धाराओंमें 70 हजार रुपये अर्थदंड भी किया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता विवेक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मंगलपुर थाना क्षेत्र के अलियापुर गांव के रहने वाले संतोष के घर में परिवार के ही सुनील का अधिक आना जाना था। इससे गांव में हो रही बदनामी के कारण संतोष उसके घर आने का विरोध करता था। 20 अप्रैल को अचानक लापता हो गया था। इसके बाद संतोष की पत्नी उर्मिला व पड़ोस मे रहने वाले सुनील के गायब होने तथा 23 अप्रैल 2022 को सुनील के घर से बदबू आने पर संदेह के आधार पर मृतक की पुत्री मधू ने मंगलपुर पुलिस को सूचना दी थी। इस पर गांव पहुंची पुलिस ने सुनील के घर का ताला तोड़कर कमरे मे पालीथिन में लिपटे संतोष के शव को बरामद किया था। इसके साथ ही मधू की तहरीर पर सुनील व उर्मिला के खिलाफ हत्या वसाक्ष्य छिापाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों का चालान करने के साथ ही उनके खिलाफ आरोप पत्र अदालत में भेजा था। इस मुकदमें की मौजूदा समय में अपर जिला जज-6 की अदालत मेंचल रही थी। ए.डी.जी.सी ने बताया कि मामले में सुनवाई के दौरान आरोपी सुनील की मौत हो गई थी। इसके चलते उसकी पत्रावली प्रथक कर उर्मिला के मामले में सुनवाई हो रही थी। वादी मृतक की पुत्री मधू व उसके बेटे दीपक के साथ ही अन्य गवाहों के बयानों व पुलिस विवेचना का अनुशीलन करने तथा अभियोजन तथा बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी उर्मिला को पति की हत्या का दोषी सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।इसके साथ ही उसपर 70 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं मृतक के बच्चों को प्रतिकर प्रदान करने के लिए राज्य व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को मामला संदर्भित किया गया है।
[7/17, 6:47 AM] pathakomji8: *परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल रजिस्टर और स्टूडेंट प्रोग्रेशन का कार्य पूर्ण कराए जाने के निर्देश जारी*

 

बैनर न्यूज़ ब्यूरो

कानपुर देहात। यू-डायस 2024-25 की गतिविधि समाप्त होने के उपरान्त शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिये स्टूडेण्ट प्रोफाइल में प्रोग्रेशन एक्टिविटी का लिंक 25 जून 2025 से एनआईसी नई दिल्ली द्वारा क्रियाशील किया जा चुका है। सभी जनपदों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को स्टूडेण्ट प्रोग्रेशन के कार्य को 15 दिवस के अन्दर पूर्ण किये जाने के तत्समय निर्देश किये गये थे लेकिन जनपद-इटावा, फैजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, फिरोजाबाद, रायबरेली, कानपुर नगर, एटा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बाराबंकी, लखनऊ, मुरादाबाद, कौशाम्बी, आगरा, जौनपुर, सम्भल, शामली, कन्नौज, रामपुर, मथुरा एवं फतेहपुर की स्टूडेण्ट प्रोफाइल में प्रोग्रेशन एक्टिविटी के कार्य की प्रगति 35 प्रतिशत से भी कम है जिस पर महानिदेशक कंचन वर्मा ने खेद प्रकट करते हुए पांच कार्य दिवस के अंदर इस कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। बता दें छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ योगी सरकार परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को भी स्मार्ट वर्किंग स्टाइल अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। जिसके तहत डिजिटल रजिस्टर और स्टूडेंट प्रोग्रेशन का कार्य करवाया जा रहा है। डिजिटल रजिस्टर्स का उपयोग विद्यालयों में प्रभावी होने के पहले के समस्त रजिस्टर विद्यालय स्तर पर अभिलेख के रूप में संरक्षित किए जाएंगे। डिजिटल रजिस्टर्स के प्रभावी होने पर इन रजिस्टर्स का अवलोकन खंड शिक्षा अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिलाधिकारी एवं राज्य उच्चाधिकारी प्रेरणा एप पर करेंगे। प्रेरणा पोर्टल के नए डिजिटल रजिस्टर्स मॉड्यूल में डिजिटल किए गए रजिस्टर्स में अंकित विवरण ही प्रमाणित माने जाएंगे।
शिक्षकों के समय की होगी बचत-
विद्यालयों में बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ शिक्षकों को दिन भर की तमाम गतिविधियों के लिए कई सारे रजिस्टर पर भी काम करना होता हैं। इसमें शिक्षकों का काफी समय चला जाता है। योगी सरकार का प्रयास है कि शिक्षक इस समय का सदुपयोग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में करें इसीलिए डिजिटल रजिस्टर के कांसेप्ट पर काम किया जा रहा है।
सभी रजिस्टर डिजिटल होंगे-
जो रजिस्टर डिजिटल किए जाने हैं उनमें उपस्थिति रजिस्टर, प्रवेश रजिस्टर, कक्षावार छात्र उपस्थिति रजिस्टर, एमडीएम रजिस्टर, समेकित नि:शुल्क सामग्री वितरण रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर शामिल हैं। इसके अलावा आय-व्यय व चेक जारी करने वाला रजिस्टर, बैठक रजिस्टर, निरीक्षण रजिस्टर,पत्र व्यवहार रजिस्टर, बाल गणना रजिस्टर, पुस्तकालय व खेलकूद रजिस्टर को भी डिजिटलाइज किया जाएगा।
बढ़ेगी पारदर्शिता, नहीं हो सकेगी डाटा में छेड़छाड़-
इससे पूर्व अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने भी रजिस्टर्स के डिजिटलाइजेशन के विषय में निर्देश दिए थे। निर्देश में कहा गया था कि शिक्षक व प्रधानाध्यापक डिजिटल रजिस्टर एप का प्रयोग अपने मोबाइल/स्मार्टफोन से करते हुए सभी सूचनाओं को अपलोड करेंगे। बीईओ, बीएसए, सीडीओ, डीएम व राज्य स्तर के अधिकारी इससे संबंधित सूचनाओं को प्रेरणा एप पर देख सकेंगे। रजिस्टर के डिजिटल होने के बाद किसी भी तरह के रजिस्टर का प्रयोग विद्यालय या अन्य स्तर पर नहीं किया जाएगा। डिजिटल रजिस्टर में दर्ज सूचनाएं ही प्रामाणिक मानी जाएंगी। इससे पारदर्शिता आएगी और डाटा में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी।
[7/17, 6:47 AM] pathakomji8: *बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को हॉफ सी.एल देय नहीं*

 

बैनर न्यूज़ ब्यूरो

कानपुर देहात। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को हॉफ डे सीएल यानी आधे दिन का आकस्मिक अवकाश दिए जाने का प्रावधान नहीं है हालांकि मानव संपदा पोर्टल पर हॉफ डे सीएल लेने की व्यवस्था है तो इसका अर्थ है कि यह सबके लिए नहीं है। यदि ऐसा नहीं है तो पोर्टल से हॉफ डे सीएल की व्यवस्था हटनी चाहिए। शिक्षकों का कहना है कि यदि तकनीकी कारणों से इसे नहीं हटाया जा सकता है और ऐसे अवकाश सभी बेसिक शिक्षकों के लिए नहीं है तो बेसिक शिक्षा के उच्चाधिकारियों द्वारा स्पष्ट आदेश होना चाहिए। यह बताया जाना चाहिए कि पोर्टल पर दिखने वाले कौन-कौन से अवकाश देय हैं। बिना स्पष्ट आदेश के पोर्टल पर दिखने वाले ऐसे अवकाश को जानकारी के अभाव में यदि शिक्षक लेते हैं तो उनको दोष देना उचित नहीं है। बताते चलें विभिन्न जनपदों में बेसिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण में यह पाया गया कि कुछ शिक्षक हॉफ सीएल लेकर के घर चले गए हैं जबकि शासन द्वारा जारी प्रावधानों के तहत किसी भी शिक्षक को अर्द्ध दिवस का आकस्मिक अवकाश दिए जाने का प्रविधान नहीं है। जौनपुर बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखनाथ पटेल ने इस संदर्भ में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं जारी पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि बेसिक शिक्षा विभाग में आधे दिन का आकस्मिक अवकाश प्रदान करने का प्रविधान नहीं है अगर किसी को अवकाश की आवश्यकता है तो वह पूरे दिन का अवकाश ही ले सकता है।
[7/17, 6:47 AM] pathakomji8: *गंभीर दिव्यांग बच्चों की अब घर बैठे होगी पढ़ाई*

*होम बेस्ड एजूकेशन हेतु गम्भीर रूप से बहु-दिव्यांग बच्चों को सरकार उपलब्ध कराएगी लर्निंग मैटेरियल एवं अन्य स्टेशनरी सामग्री*

 

बैनर न्यूज़ ब्यूरो

कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश में गंभीर रूप से दिव्यांग बच्चों की अब घर पर ही पढ़ाई होगी। ऐसे बच्चों को शिक्षण सामग्री भी मिलेगी। जिलों में विशेष प्रशिक्षक (स्पेशल एजूकेटर्स) व फीजियोथेरेपिस्ट उनके घर जाकर बच्चों को शिक्षण व प्रशिक्षण देंगे। इस बाबत राज्य परियोजना निदेशक कंचन वर्मा ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं। होम बेस्ड एजुकेशन का लाभ उन बच्चों को ही मिल सकेगा जो दिव्यांगता के कारण विद्यालय आने में असमर्थ हैं। ये पहल स्कूल से दूर बच्चों को शिक्षित करने की है। केंद्र सरकार ने समेकित शिक्षा योजना में इस वर्ष होम बेस्ड एजुकेशन के तहत गंभीर रूप से दिव्यांग बच्चों को शिक्षा देने के लिए 4 करोड़ 7 लाख 5 हजार रूपए स्वीकृत किया है ताकि उनकी घर पर ही पढ़ाई की व्यवस्था हो। उत्तर प्रदेश के गंभीर रूप से दिव्यांग 11630 बच्चों के लिए घर पर ही पढ़ाई की व्यवस्था शुरू हो गई है। जिलों में विशेष प्रशिक्षक व फीजियोथेरेपिस्ट को घर पर पढ़ाने के लिए रखा जाएगा। हर बालक-बालिका को 3500 रुपये की शिक्षण सामग्री दी जाएगी। बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश है कि शिक्षण सामग्री जेम पोर्टल के माध्यम से ही खरीदी जाए। बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षण सामग्री की सूची भी जारी की है ताकि उसी के अनुरूप या अन्य सामान की खरीद हो सके। विशेष प्रशिक्षक शिक्षण सामग्री की सूची तैयार करके बीएसए को सौंपेंगे। सामग्री के लिए हर जिले में रजिस्टर बनेगा उसमें बालक-बालिकावार दी जाने वाली सामग्री दर्ज होगी। राज्य परियोजना निदेशक अनामिका सिंह ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश है कि इसका वितरण नोडल शिक्षकों की देखरेख में होगा। इसे 20 अगस्त 2025 तक प्रक्रिया पूरा करने के निर्देश हैं। इसकी इंट्री प्रबंध पोर्टल पर करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उत्तरदायी होंगे।
[7/17, 6:47 AM] pathakomji8: *कक्षा 1 से आठवीं तक के बच्चों का मूल्यांकन करने के निर्देश*

 

बैनर न्यूज़ ब्यूरो

कानपुर देहात। परिषदीय स्कूलों में बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर करने के लिए समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से निपुण एप को अपग्रेड कर दिया गया है। अब प्रत्येक शिक्षक को हर हफ्ते अपनी कक्षा के कम से कम पांच बच्चों का मूल्यांकन निपुण एप के जरिये करना होगा। इससे शिक्षकों, अभिभावकों और शैक्षिक अधिकारियों को बच्चों के पढ़ाई के स्तर की रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी।
मूल्यांकन के लिए कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के लिए विषयवार प्रश्न बैंक बनाया गया है जिसमें बच्चों की समझ और सीखने की क्षमता को आंकने के लिए प्रश्न शामिल हैं। एप में शिक्षक, पर्यवेक्षक और मास्टर ट्रेनर शामिल किए गए हैं। इसमें हर बच्चे के लिए अलग अलग रेंडम आधार पर प्रश्न पूछे जाएंगे और उसके प्रदर्शन के आधार पर तुरंत सहयोग भी किया जाएगा। शिक्षकों को एप पर 25 सप्ताह की शिक्षण योजना के मुताबिक मूल्यांकन करना होगा। वहीं एआरपी, डायट मेंटर्स और स्टेट रिसोर्स ग्रुप को 10 से 30 स्कूलों में सहयोगात्मक पर्यवेक्षण करना होगा। इन निरीक्षणों के दौरान कक्षा एक और दो के 40 प्रतिशत, कक्षा तीन से पांच के 30 प्रतिशत और कक्षा छह और आठ के 20 प्रतिशत बच्चों का मूल्यांकन करना होगा। निपुण एप रविवार और छुट्टियों पर बंद रहेगा और एक बार दो विद्यालयों का मूल्यांकन होने के बाद लाक हो जाएगा। पर्यवेक्षण के बाद शिक्षकों को जरूरी फीडबैक और रेमेडियल प्लान देना भी अनिवार्य किया गया है। एप का डाटा बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठकों में समीक्षा का आधार बनेगा। स्कूल खुलने के साथ ही राज्य परियोजना निदेशक कंचन वर्मा ने सभी बीएसए को निर्देश दिए हैं कि वे अपने स्तर से सभी संबंधितों से एप का इस्तेमाल सुनिश्चित कराएं। एप का यूजर मैनुअल भी जारी कर दिया गया है।
[7/17, 6:47 AM] pathakomji8: *बेसिक शिक्षक अब फोन पर भी अपनी समस्याएं एवं शिकायतें करा सकेंगे दर्ज*

 

बैनर न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ/कानपुर देहात। परिषदीय स्कूलों के शिक्षक अब फोन पर भी अपनी समस्याएं एवं शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग को इस बारे में निर्देश जारी किया है। विभागीय स्तर पर शिक्षकों के आवेदनों को लेकर लापरवाही एवं हीलाहवाली की बड़े पैमाने पर आ रही शिकायतों के बाद सरकार ने इस नई व्यवस्था को कुछ विशेष दिशा-निर्देशों के तहत जारी करने के निर्देश दिए हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से शिक्षकों में विभाग को लेकर एक विश्वास पैदा होगा जिसका स्कूली शिक्षा पर भी बेहतर प्रभाव प्रभाव पड़ेगा। दरअसल बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों की समस्याओं और शिकायतों के निस्तारण के लिए विद्या समीक्षा केन्द्र बनाया गया है जहां शिक्षक अपनी समस्याएं एवं शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। पिछले कई महीनों से शासन के पास इस बात की लगातार शिक्षकों की शिकायतें आ रहीं हैं कि केंद्र पर समस्या अथवा शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद उसका कोई समाधान नहीं होता। केंद्र के सभी फोन नम्बर हमेशा व्यस्त आते रहते हैं जबकि ईमेल अथवा लिखित शिकायतों या समस्याओं पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जाता। इस तरह की शिकायतें विधान परिषद की शिक्षा से जुड़ी उच्चस्तरीय समिति के समक्ष भी शिक्षक दल के नेताओं ने रखी थीं जिसे समिति ने गम्भीरता से लेते हुए शासन के अधिकारियों से जानकारी तलब की थी।
ईमेल और लिखित भी दे सकते हैं शिकायत-
परिषदीय शिक्षक ईमेल अथवा लिखित शिकायतों या समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण में विलंब की दशा में फोन पर भी अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। शासन स्तर से इसके लिए विद्या समीक्षा केंद्र से लेकर विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के मोबाइल नंबर तक सार्वजनिक किए गए हैं। मसलन विद्या समीक्षा केंद्र का फोन नम्बर 05223538777 एवं 18001800666 है।
दिशा-निर्देश-
■ सार्वजनिक अवकाश के दिन कोई शिकायत दर्ज नहीं की जाएंगी।
■ कार्यालय दिवस में ही फोन पर शिकायतें दर्ज की जाएंगी।
■ कार्यालय अवधि में ही समस्याएं अथवा शिकायतें दर्ज की जाएंगी।
■ फोन पर नोट कराने के अलावा संबंधित शिकायत या समस्याओं को ईमेल से या लिखित रूप में भी केन्द्र को भेजना होगा।
[7/17, 6:47 AM] pathakomji8: *स्कूलों का मर्जर ग्रामीणों के लिए बन गया है बहुत बड़ा मर्ज*

 

बैनर न्यूज़ ब्यूरो

कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समय स्कूल मर्जर पॉलिसी को लेकर विवाद छिड़ चुका है। विवाद की जड़ एकदम स्पष्ट है। राज्य सरकार को लगता है कि अगर स्कूलों का विलय होगा तो उस स्थिति में सभी छात्रों को अच्छी शिक्षा, बेहतर सुविधाएं मिल पाएंगी। वहीं दूसरी तरफ इसी पॉलिसी का विरोध कर रहे टीचरों और अभिभावकों एवं कई छात्रों का मानना है कि इस एक कदम की वजह से आने वाले समय में स्कूल में ड्रॉप आउट रेट बढ़ जाएगा, सभी को जो शिक्षा का अधिकार देने की बात होती है उस मुहिम को झटका लगेगा।
सरकार का आदेश क्या है-
इस मामले में योगी सरकार और शिक्षक आमने-सामने हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा चुका है। याचिका पर अभी तक कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है लेकिन उत्तर प्रदेश में स्कूलों को मर्ज करने का काम यानी कि उनके विलय की प्रक्रिया जारी है। पहले चरण में करीब 11000 स्कूलों को मर्ज किया जा चुका है कम से कम 30000 और स्कूलों के मर्ज होने की संभावना है।
स्कूलों को मर्ज करने के पीछे का तर्क-
अब यूपी सरकार का 16 जून वाला आदेश कहता है कि जिन भी प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में 50 से कम छात्र होंगे, उनका दूसरे स्कूलों के साथ मर्जर कर दिया जाएगा। यूपी सरकार का तर्क है कि अगर छोटे स्कूलों का बड़े स्कूलों में मर्जर होगा तो उस स्थिति में छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिल पाएंगी, उन्हें भी दूसरों की तरफ अच्छी शिक्षा मिलेगी। सरकार को ऐसा भी लगता है कि छोटे स्कूल हैं, वहां ना सिर्फ टीचरों की कमी है बल्कि बेसिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। वहीं जो थोड़े बड़े स्कूल हैं उन तक तो सारी सुविधाएं भी पहुंच रही हैं और वहां बच्चों की संख्या भी ठीक-ठाक है। वहीं दूसरी ओर जिन स्कूलों को मर्ज कर दिया गया है वहां पढ़ रहे 80 फीसदी बच्चे मर्जर स्कूल में नहीं जा रहे हैं। कुछ बच्चों ने अपने गांव स्थित प्राइवेट स्कूलों की तरफ रुख कर लिया है तो कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों को न पढ़ाने का निर्णय लिया है क्योंकि वह अपने बच्चों को 3 से 5 किलोमीटर दूर प्रतिदिन छोड़ने और लाने में समर्थ नहीं हैं क्योंकि वे खेती या मजदूरी करने के लिए सुबह से ही बाहर निकल जाते हैं। बता दें कई बच्चे पास वाले विद्यालयों में भी मुश्किल से आते हैं, कई बार तो शिक्षक उन्हें घर बुलाने जाते हैं लेकिन अगर इन्हीं स्कूलों को अब और ज्यादा दूर कर दिया जाएगा तो बच्चे विद्यालय आना ही छोड़ देंगे उनकी शिक्षा बीच में ही छूट जाएगी।
[7/17, 6:47 AM] pathakomji8: *सर्पदंश के दृष्टिगत दिशा-निर्देश जारी*

 

बैनर न्यूज़ ब्यूरो

कानपुर देहात

जिलाधिकारी आलोक सिंह के निर्देश के क्रम में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य ने बताया कि वर्षा के मौसम में अक्सर वर्षा के कारण सर्प अपने बिलों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान दूढ़ने तथा भोजन की तलाश मे स्थानीय घरों तक पहुंच जाते हैं। वर्षा काल में सर्पदंश की घटनायें ज्यादा घटित होते हैं यदि समस्त जनमानस वर्षा के दिनों में सावधानी बरते तो सर्पदंश की घटनाओं तथा इससे होने वाली क्षति को न्यून किया जा सकता है। सर्पदंश के दृष्टिगत निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किये जाते है-

*क्या करें, क्या न करें।*

*क्या करें।*

•सर्पदंश होने पर कदापि न घबरायें।
•पीड़ित का होसला बढ़ायें।
•सर्पदंश वाले स्थान को साफ पानी से धोएं।
•सर्पदंश वाले स्थान से ऊपर दुर्निकिट (पट्टी) ऐसे बांधे की पीडित का रक्त प्रवाह न रूके ।
•पीड़ित के शरीर से कसा वस्तु (घडी, चैन, अंगूठियाँ, बेल्ट, जूता) पहन रखी हो तो निकाल दें।
•पीडित को यथासंभव स्थिर रखने का प्रयास करें।
•पीडित को तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र ले जाकर स्नैक एटींवेनग इन्जेक्शन लगवायें।

*क्या न करें।*

•सर्पदंश की घटना घटित होने पर झाड़-फूक/तांत्रिक के पास न जायें।
•सर्पदंश वाले स्थान पर ब्लेड या धारदार वस्तु से चीरा न लगायें।
•सर्पदंश वाले स्थान से मुंह लगाकर जहर निकालने की कोशिश न करें।
•पीडित को सोने न दें।
•सर्पदंश वाले स्थान पर रस्सी न बांधे।
•पीडित के धाव से किसी प्रकार की छेड़-छाड न करें।

*▪︎लक्षण ।▪︎*

•सर्पदंश वाले स्थान पर जलन के साथ-साथ तेज दर्द होना।
•काटे गये स्थान पर सूजन होना।
•पीड़ित को बचौनी होना।
•सॉस लेने में परेशानी।
•पलकों का भारी होना।
•नोट-उक्त के अतिरिक्त आकाशीय विद्युत से सुरक्षा व बचाव हेतु दामिनी ऐप व अन्य आपदा से सुरक्षा व बचाव हेतु सचेत ऐप डाउनलोड करें।

Taza Khabar