February 17, 2026

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कानपुर देहात 9 जुलाई 24 में यमुना में पानी बढ़ने से आठ बाढ़ चौकियां सक्रिय*

कानपुर देहात 9 जुलाई 24 में यमुना में पानी बढ़ने से आठ बाढ़ चौकियां सक्रिय*

कानपुर देहात 9 जुलाई 24 में यमुना में पानी बढ़ने से आठ बाढ़ चौकियां सक्रिय*

कानपुर देहात से प्रशान्त शर्मा की रिपोर्ट यूपीआजतक

कानपुर देहात। मानसून की दस्तक के साथ ही बाढ़ की आशंका से यमुना की तलहटी में बसे लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। हालांकि अभी यमुना व सेंगुर नदी उफान पर नहीं हैं। लेकिन प्रशासन ने बाढ़ की आशंका के चलते आठ बाढ़ चौकियां स्थापित की है। साथ ही यमुना के पानी पर नजर रखने के निर्देश दिए है। भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के ज्यादातर गांव यमुना की तलहटी में बसे हैं। जिससे बरसात के समय यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से तहलटी के गांवों में बाढ़ आ जाती है। सहायक नदी सेंगुर आदि के किनारे के गांवों का और भी बुरा हाल हो जाता है। हर साल सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न होकर नष्ट हो जाती है। पथार समेत अन्य गांव के लोगों का कहना है कि तकरीबन हर साल बरसात के दिनों में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से सेंगुर नदी के उफनाने से आसपास के एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते है। पथार गांव में आने जाने के लिए ऊंची पुलिया का निर्माण अभी तक नहीं कराया गया। जनप्रतिनिधि निर्माण का वादा करके चले जाते है। वहीं निचले स्थानों में बसे लोगों को ऊंचे स्थानों में जगह आवांटित करने की बात भी कही गई थी, लेकिन धरातल में अभी तक कुछ नहीं हुआ। इसी तरह की दास्ता यमुना और सेंगुर नदी से घिरे क्योटरा बांगर के ग्रामीणों ने बयां की। उनका कहना है कि उनका गांव चारों तरफ से यमुना और सेंगुर नदी से घिरा हुआ है। जिससे बाढ़ के समय हालात बहुत ही खराब हो जाते हैं। आने जाने के लिए नाव का ही सहारा बचता है। फसलों के नष्ट होने के साथ ही मवेशियों के लिए चारे की समस्या होती है। वहीं बाढ़ के समय मदद के नाम पर चंद दिनों का खाद्यान्न देकर खानापूरी कर दी जाती है। जबकि फसलों के नुकसान का मुआवजा भी समय से नहीं मिलता है। नाविकों को भी पैसे समय से नहीं मिलते हैं। बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों का दौरा कर ऊंचे स्थान पर बाढ़ चौकी बनवाई गई हैं। उनमें लेखपालों व ग्राम विकास अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नाविकों की सूची बना कर नाव तैयार कराई जा रही हैं।- सर्वेश सिंह (एसडीएम भोगनीपुर) यमुना तलहटी के इन 26 गांवों में बाढ़ का खतरा बम्हरौली घाट, अहरौली घाट, नगीना बांगर, क्योंटरा बांगर, हलिया, चपरघटा, चंदनामऊ मजरा फत्तेपुर, कृपालपुर, चपरेहटा व उपग्राम किसवा दुरौली, रसूलपुर भुरण्डा, भरतौली, सरौटा, दौलतपुर, उदईपुर, रसूलपुर भलार, डिलौलिया बांगर, करियापुर भोगनीपुर, टयोगा व उपग्राम क्यौंटरा व रमपुरा, देवराहट उपग्राम सहित, नगवां बांगर, सलारपुर, खरतला, किशुनपुर, खरका, दिबैर व कथरी। बाढ़ चौकियों में लेखपाल और वीडीओ की डयूटी मानसूनी बारिश के चलते यमुना में पानी बढ़ने पर बाढ़ की आशंका को देखते हुए स्थापित की गई आठ चौकियों में लेखपाल व ग्राम विकास अधिकारियों की डयूटी लगाई गई है। बाढ़ चौकी चपरघटा में लेखपाल रामचंद्र पटेल व ग्राम विकास अधिकारी राजेश यादव, मूसानगर में लेखपाल प्रवीण शुक्ला और वीडीओ सुनील यादव, रसूलपुर भुरण्डा में लेखपाल दीपेंद्र कुमार और वीडीओ अभय यादव, सरौटा में लेखपाल ब्रम्ह कुमार और वीडीओ विपिन यादव, दौलतपुर में लेखपाल अजीत कुमार और वीडीओ दीपक यादव, नौबादपुर में लेखपाल अनुज यादव और वीडीओ राजेश पटेल, देवराहट में लेखपाल निगम सिंह और वीडीओ धर्मेंद्र तथा बाढ़ चौकी कथरी में लेखपाल रामराज और वीडीओ आषीष पटेल की डयूटी लगाई गई है।