July 7, 2022

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औरैया15जून*भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं भगवान-बाल व्यास आचार्य प्रशांत*

औरैया15जून*भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं भगवान-बाल व्यास आचार्य प्रशांत*

*दिबियापुर,औरैया।* समाधान पुरवा में चल रही भागवत कथा में आचार्य बाल ब्यास प्रशान्त अवस्थी गुरु जी ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन किया और गोपी चीर हरण की कथा सुनाई जिसमे बताया भगवान ने गोपियों के वस्त्रों को नही चुराया न ही कोई काम शक्ति व्याप्त हुई क्योंकि गोपियों की अवस्था उस समय नौ वर्ष से बारह वर्ष की थी जो यमुना के किनारे एक साथ बैठ कर बालू से कात्यायनी मईया की प्रतिमा को बनाकर और उनकी पूजा करती है और उनसे भगवान को अपना पति मांगती है और कहती कि कात्यायनी मईया नन्द का छोरा मुझे पति रूप में मिल जाए और यमुना जल में निर्वस्त्र होकर स्नान करने लगती है उसी समय भगवान ने आकर के गोपियों के अज्ञान रूपी वस्त्रों का हरण करके ज्ञान रूपी वस्त्रों को प्रदान किया भगवान ने सभी मनुष्य जीवो को एक शिक्षा दी कि तीर्थ स्थानों में स्नान कभी निर्वस्त्र होकर नही करना चाहिए निर्वस्त्र होकर दान, हवन, पूजा, अर्चन, वंदन, शयन, गमन इन सभी कार्यों को निर्वस्त्र होकर कदाचित नही करना चाहिए।
और गोवर्धन महाराज की कथा वर्णन किया गोवर्धन महाराज अपने भक्तों की झोली को भर देते हैं किसी को निराश नहीं करते हैं आज लोग पूर्णिमा को गोवर्धन की परिक्रमा करने जाते हैं, एवं महारास की कथा सुनाई भोले बाबा स्त्री बनकर भगवान का महाराज देखने श्रीधाम वृन्दावन में देखने गए और भगवान ने मामा कंश का संहार किया क्योंकि जब जब प्रथ्वी पर अधर्म , धर्म पर हावी हो जाता है तो उस समय परमात्मा को पृथ्वी पर अवतार लेकर अधर्म का क्षय करके धर्म की पुनः स्थापना करते है । आज भगवान अत्याचारी कंश का वध करके पुनः धर्म की स्थापना की मानस ने बहुत ही सुंदर लिखा है।
जब जब होए धरम की हानि।
बाड़हि असुर अधम अभिमानी।।
तब तब प्रभु धरही विविध शरीरा।
हरही कृपा निज सज्जन पीरा ।।
इस भागवत कथा के कार्यक्रम में परीक्षित मिश्री लाल, रेशमा देवी ग्रामवासी बदन सिंह, तुलाराम,लाल सिंह,जगमोहन सिंह, फूल सिंह, विजय सिंह, मुन्नू सिंह, रामप्रकाश पूर्व प्रधान,मोती लाल, ज्ञान सिंह,राम सिंह, रूप सिंह, ब्रज मोहन , चंद्रकांत आदि लोगो का सहयोग मिल रहा है।