February 11, 2026

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औरैया 19 नवम्बर *सतगुरु नानक की जयंती धूमधाम से मनाई गई*

औरैया 19 नवम्बर *सतगुरु नानक की जयंती धूमधाम से मनाई गई*

औरैया 19 नवम्बर *सतगुरु नानक की जयंती धूमधाम से मनाई गई*

*सतगुरु नानक प्रकटिया, मिटी धुंध जग नाचन होआ*

*औरैया।* सिक्खों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव का प्रकाश वर्ष शुक्रवार को महावीर गंज स्थित गुरुद्वारा में बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया गया। गुरुद्वारे को भव्य तरीके से सजाया गया। इससे पूर्व 17 नवंबर से चल रहे अखंड पाठ साहिब का समापन हुआ। श्रद्धालु जनों ने गुरुद्वारा में मत्था टेक कर गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया। विगत दिनों से कीर्तन भजन का भी विधि विधान से समापन हो गया। इस अवसर पर विशाल भंडारा का आयोजन भी हुआ , जिसमें सर्व समाज के लोगों ने लंगर को छका।
स्थानीय महावीर गंज स्थित गुरुद्वारा में सिक्खों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव का प्रकाश पर्व बड़ी ही धूमधाम एवं उल्लास के वातावरण में मनाया गया। इस उपलक्ष में 17 नवंबर को अखंड पाठ साहिब की आरम्भता हुई , तथा 19 नवंबर को पाठ का समापन हुआ। इसके साथ ही विशाल लंगर का भी आयोजन किया गया , जिसमें नगर के सभी समुदाय के लोगों ने भंडारा का प्रसाद छका एवं गुरुद्वारा में मत्था टेककर गुरुनानक देव का आशीर्वाद भी प्राप्त किया। पिछले 10 दिनों से गुरुद्वारा में कीर्तन व कथा विचार भी भाई भूपेंद्र सिंह व दीप सिंह तथा गुरु चरन सिंह द्वारा किया गया। सभी लोगों ने मिलकर कीर्तन में भाग लिया। इसके अलावा आनंदित होकर कीर्तन में शिरकत की। 17 नवंबर को बच्चों के कवि दरबार में भी लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। वहीं बच्चों का हौसला बढ़ाया। कवि दरबार में हिस्सा लेने वाले बच्चों को इनाम भी वितरित कर उनका सम्मान किया गया। 19 नवंबर को रात्रि में भी विशाल दीवान का आयोजन किया गया। गुरुद्वारा को फूलों व बिजली की झालरों से सजाया गया। जिसकी छटा देखते ही बनती थी। सरदार जगदीप सिंह ने कहा कि गुरुनानक जी ने अपने जीवन में बहुत यातनाएं सही , जिसमें उनके शिष्य काला व मर्दाना भी साथ रहते थे , तथा लोगों को मानस की जात सभै एकै पहचानवो का पाठ पढ़ाया तथा लोगों को संदेश दिया , कि एक दूसरे के साथ सहयोग करना चाहिए। समारोह को सफल बनाने में प्रमुख रूप से जगदीप सिंह , चंपी , हरमिंदर सिंह , हनी ,
वावला बाबू , पदम बाबू , गोल्डी , बलवीर सिंह , हरमिंदर सिंह , चांदी , सुच्चे बाबू , भूपेंद्र सिंह ,अमरजीत , मंगी बाबू , पवित्र बाबू , मनीष, सोनू सब्बल बाल रिशू हनी अनमोल मास्टर कालका प्रसाद , सोनू बग्गा व सुनील सेठी आदि का सहयोग रहा।