January 13, 2026

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औरैया 11 जून *टीबी को जड़ से खत्म करने को किए जाएंगे ठोस प्रयास*

औरैया 11 जून *टीबी को जड़ से खत्म करने को किए जाएंगे ठोस प्रयास*

औरैया 11 जून *टीबी को जड़ से खत्म करने को किए जाएंगे ठोस प्रयास*

*’एडाब्ट पीपल विद टीबी’ योजना के तहत निजी संस्थान टीबी मरीजों को लेंगे गोद*

*टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए सामूहिक संकल्प के साथ करना होगा काम*

*औरैया।* टीबी को सन् 2025 तक जड़ से खत्म करने का सरकार का संकल्प है। इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अब निजी संस्थान किसी भी ब्लॉक व वार्ड के टीबी मरीजों को गोद ले सकते हैं। उन्हें गोद लिए हुए व्यक्ति को पोषण, उपचार और व्यावसायिक सहायता मुहैया करानी होगी। इस योजना का नाम ‘एडाब्ट पीपल विद टीबी’ दिया गया है। इस मिशन में जनपद के ऐसे संपन्न व्यक्तियों से संपर्क साधा जाएगा, जो एक या दो नहीं बल्कि पूरे गांव, ब्लॉक या जिले के टीबी के मरीजों को गोद ले सकें। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.अशोक कुमार राय ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया इस मिशन को ‘टीबी मरीजों को सामुदायिक सहायता देना’ नाम दिया गया है। पुरानी व्यवस्था के तहत टीबी के मरीजों को व्यक्तिगत या एनजीओ के माध्यम से ही गोद लिया गया है, लेकिन अब संपन्न व्यक्तियों की मदद से एक-दो नहीं बल्कि पूरे वार्ड, ब्लॉक या गांव के टीबी के मरीजों को गोद लेने का काम किया जाएगा। इसके लिए जनपद के बड़े शैक्षिक संस्थान, औद्योगिक संगठन के मालिक, जन प्रतिनिधियों, गैर सरकारी संगठन से संपर्क कर उन्हें शहरी वार्ड, गांव, ब्लॉक या जिलों के टीबी के मरीज को गोद लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके बाद इन्हें उस क्षेत्र के टीबी के मरीजों की सूची विभाग की ओर से दी जाएगी। इस तरह से विभाग से टीबी के मरीज की जानकारी मिलने के बाद यह लोग उस व्यक्ति के पोषण व देखरेख की जिम्मेदारी लेंगे। इन व्यक्तियों को यह भी देखना होगा कि समाज में टीबी के मरीजों के साथ कोई भेदभाव तो नहीं किया जा रहा है। डाॅ राय ने बताया कि जनपद में जॉइंट्स ग्रुप के माध्यम से 4 साल से टीबी से ग्रसित बच्चों को गोद लिया जा रहा है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक श्याम कुमार ने बताया कि मरीज को इस कार्यक्रम में रजिस्ट्रेशन कराने या न कराने का विकल्प दिया जाएगा और उनके फैसले से मरीजों को उपलब्ध मौजूदा सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मी उनसे सहमति पत्र भरवाएंगे और इसे संबंधित स्वास्थ्यकर्मी जमा कराएगा। टीबी रोगी को इलाज के दौरान मदद दी जाएगी।
जिला पीपीएम समन्वयक रविभान सिंह ने कहा की केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2025 तक टीबी यानी ट्यूबरक्लोसिस जैसी खतरनाक बीमारी को खत्म करने का संकल्प लिया गया है। प्रधानमंत्री जी के इसी संकल्प को पूरा करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता व योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने जनमानस से अपील की है कि टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए सभी एकजुट होकर साथ आगे आयें क्यूंकि जब सभी का सहयोग मिलेगा, तभी हमारा यह नारा ‘टीबी हारेगा देश जीतेगा’ सफल होगा।उन्होंने टीबी के लक्षण बताते हुए कहा कि दो से तीन सप्ताह तक लगातार खांसी होना। खांसी के साथ खून आना। सीने में दर्द या सांस लेते समय दर्द, तेजी से वजन कम होना। रात में पसीना आना। बहुत ज्यादा थकान होना टीवी के लक्षण हैं।

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