June 3, 2026

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अयोध्या3जून26*रुदौली तहसील में रिश्वतखोरी का आरोप:, भाजपा पदाधिकारी की शिकायत पर लेखपाल गिरफ्तार

अयोध्या3जून26*रुदौली तहसील में रिश्वतखोरी का आरोप:, भाजपा पदाधिकारी की शिकायत पर लेखपाल गिरफ्तार

अयोध्या3जून26*रुदौली तहसील में रिश्वतखोरी का आरोप:, भाजपा पदाधिकारी की शिकायत पर लेखपाल गिरफ्तार

काम कराने के नाम पर धन मांगने का आरोप

एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ता ने फेसबुक पर जताई सुरक्षा की चिंता

योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को चुनौती?

एंटी करप्शन टीम ने घूसखोर लेखपाल को किया गिरफ्तार

भेलसर(अयोध्या)प्रदेश सरकार जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर लगातार जोर दे रही है, वहीं अयोध्या जनपद की रुदौली तहसील से सामने आए एक मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि रुदौली तहसील में तैनात लेखपाल दीप चंद्र यादव ने एक व्यक्ति से कार्य कराने के एवज में रिश्वत की मांग की, जिसके बाद एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता भाजपा के शुजागंज मंडल मंत्री देवीप्रसाद लोधी हैं। उनका आरोप है कि जमीन से संबंधित एक कार्य को लेकर उन्हें लंबे समय से तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। इसके बावजूद उनका काम नहीं किया जा रहा था और बार-बार धनराशि की मांग की जा रही थी। लगातार हो रही कथित मांग और उत्पीड़न से परेशान होकर उन्होंने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की।
सूत्रों के मुताबिक शिकायत की जांच के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की और आरोपी लेखपाल को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद मौके पर आवश्यक लिखापढ़ी और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने पोस्ट में दावा किया कि रौनाही थाना क्षेत्र की सूचित्तागंज चौकी में आरोपी लेखपाल और वह स्वयं मौजूद हैं, जबकि चौकी के बाहर आरोपी के कुछ करीबी और अन्य अज्ञात लोग खड़े हैं। शिकायतकर्ता ने अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग भी की है।
यदि शिकायतकर्ता के लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह मामला केवल रिश्वतखोरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिकायतकर्ता की सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी तंत्र की कार्यशैली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाएगा।
अब पूरे मामले पर लोगों की निगाहें एंटी करप्शन टीम, पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

Taza Khabar