February 17, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

अनूपपुर9जुलाई24*अमरकंटक व क्षेत्र में जल्द खोले जायेंगे धर्मशास्त्र और अध्यात्म की निःशुल्क शिक्षा के केंद्र ।

अनूपपुर9जुलाई24*अमरकंटक व क्षेत्र में जल्द खोले जायेंगे धर्मशास्त्र और अध्यात्म की निःशुल्क शिक्षा के केंद्र ।

अनूपपुर9जुलाई24*अमरकंटक व क्षेत्र में जल्द खोले जायेंगे धर्मशास्त्र और अध्यात्म की निःशुल्क शिक्षा के केंद्र ।

श्री यथार्थ परमार्थ सेवा समिति देगी शिक्षा के साथ आध्यात्मिक ज्ञान- संत विमलानन्द

 

अनूपपुर ( ब्यूरो राजेश शिवहरे ) मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में जल्द ही निःशुल्क शिक्षा के साथ साथ आध्यात्मिक शिक्षा केंद्र खोले जायेंगे । श्री यथार्थ परमार्थ सेवा समिति द्वारा (श्री परमहंस आश्रम , महादेवा ) डीघ खेमापुर , भदोही (उ. प्र.) से पधारे संत स्वामी श्री विमलानंद जी महाराज ने बताया की हमारे द्वारा देश के अनेक लगभग आठ प्राँतो में यह आध्यामिक , धार्मिक और धर्मशास्त्र की शिक्षा निःशुल्क दी जा रही है ।
श्री यथार्थ परमार्थ सेवा समिति द्वारा मानव कल्याण हेतु प्रत्येक गांव में पढ़ाने का कार्य आम जनमानस और बच्चो के मध्य किया जा रहा है । वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए प्रत्येक गांव , शहर , जिले , राज्य एवम् वैश्विक स्तर पर धर्मग्रंथ के अध्यन करने की जरूरत है । बच्चे ही हमारे राष्ट्र के विकास की नींव व भविष्य है । इसलिए हम सभी से अपील भी करते है की सभी बच्चों , युवाओं , माताओं, बहनों एवम् भाइयों को धर्मशास्त्र का ज्ञान होना अनिवार्य है जिससे उनमें सहिष्णुता , सत्य असत्य का ज्ञान सनातन धर्म के प्रति विश्वास एवं निष्काम कर्म की भावना का विकास हो सके ।
श्री मद्भागवत गीता , यथार्थ गीता , श्री रामचरित मानस , बाल गीता , धर्मग्रंथ एवम महापुरुषों की जीवनी हमे जीवन में सही मार्गदर्शन प्रदान कर सही दिशा की ओर अग्रसर करते है । इसलिए परिवार व बच्चों को इन धर्मग्रंथों का अध्यन कराये एवम स्वयं भी करें । अनेक भ्रांतियों और कुमार्गो से मुक्त होने के लिए धर्मग्रंथ का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है और इसी में मानव जीवन का उद्धार संभव है ।
अभी तक हमारे द्वारा अनेक प्रांतों में खोले गए निःशुल्क अध्यात्म की शिक्षा के केंद्र लगभग आठ हजार बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है ।
इसी उद्देश से अमरकंटक व आस पास के क्षेत्रों में धर्मशास्त्र और अध्यात्म की निःशुल्क शिक्षा का संचालन किया जाएगा । इसके लिए अमरकंटक में सर्वप्रथम परमहंस धारकुंडी आश्रम के स्वामी लवलीन महाराज जी से चर्चा हुई है उन्होंने इसमें भरपूर सहयोग की बात कही है जिसमे जल्द ही प्रारंभिक आध्यात्मिक शिक्षा केंद्र प्रारंभ किया जावेगा । आगे अन्य ग्रामों और शहरों में धीरे धीरे शिक्षा का विस्तार किया जायेगा ।

Taza Khabar