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औरैया 22 मार्च *अच्छे संस्कारों से देश के भविष्य का होगा निर्माण*

औरैया 22 मार्च *अच्छे संस्कारों से देश के भविष्य का होगा निर्माण*

*फोटो परिचय। कथा सुनाती आचार्या राधा स्वरूपा राधा किशोरी एवं मौजूद श्रद्धालु भक्तगण*

*औरैया।* नारायण सेवा संस्थान उदयपुर व गोपाल सेवा संस्थान औरैया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन आस्था टीवी प्रवक्ता परम पूज्य राधा स्वरूपा राधा किशोरी जी के कमलपुंज मुखारविंद से कथा को श्रवण कराते हुए किशोरी जी ने बताया ठाकुर जी की कथा को सुनने में सभी को बहुत बड़ा पुण्य मिलता है। बच्चों को कोरा कागज किशोरी जी ने बताते हुए कहा कि अपने बच्चों को संस्कार जरूर दें। बुढ़ापे का सहारा बनाना चाहते हैं , तो संस्कार के जल के बिना वह पेड़ पूर्ण नहीं हो सकता। जैसे पेड़ का जीवन जल है। ऐसे ही बच्चों के लिए संस्कार वह जल है , जो उनके जीवन में एक सुंदर शब्द व्यवस्थित कर जीवन जीने की कला सिखाता है। आगे किशोरी जी ने गुरुकुल की ओर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि विद्या का न अपमान करें। बच्चों को विद्यालयों में विद्या ज्ञान कराकर देश का भविष्य निर्माण किया जा सकता है। भारत देश में महानुभावों को संभालने की जरूरत है। नेता , अभिनेता और प्रणेता सरकार व्यवस्था के जैसे भगवान की व्यवस्था है। परमात्मा के विभाग अलग-अलग हैं। जिसको जो चाहिए वह सब भगवान देने में समर्थवान हैं। उन्होंने तुलसीदास की चौपाई पढ़ते हुए कहा कि , सकल पदारथ है जग माही। कर्म हीन नर पावत नाही।। हमें कर्म करने की आवश्यकता है। परमात्मा फल देने में कहीं भी कमी नहीं करते , जैसे हमारे कर्म है। तदनुसार हमें फल मिलता है। हम अपने माता- पिता की सेवा करेंगे, तो आने वाली पीढ़ी हमारी भी सेवा कर पाएगी। हमने किसी की सेवा नहीं की , तो हम सेवा की आशा भी ना करें। परम पूज्य किशोरी जी ने बताया भगवान द्वारकापुरी गये तो भगवान ने अपने माता- पिता के चरणों में सिर रखकर के प्रणाम किया। अपने से बड़ों को प्रणाम करने वाला हमेशा बलवान व शोभावान होते हैं। अपने से बड़ों को प्रणाम करने में आपको 4 वस्तुओं की प्राप्ति होती है आयु , विद्या , यश और बल। जब पृथ्वी पर पाप बढ़ जाता है तो परमात्मा धरा धाम को छोड़ करके चले जाते हैं , और फिर इस सृष्टि का प्रलय करने के लिए भगवान करवट लेते हैं। भगवान नव सृष्टि का निर्माण करते हैं। कथा के मुख्य यजमान अजीत कुमार अग्रवाल जी , श्री मुकेश कुमार गुप्ता जी , श्री अमित पाठक जी एवं श्री गौरव कुमार पोरवाल एवं स्थानीय व्यवस्था में गोपाल सेवा संस्थान का सहयोग रहा। कथा सुनने के लिए श्रद्धालु भक्तगणों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

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