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औरैया 21 मार्च *ग्राम पंचायतों के आरक्षण में हुई मनमानी लोगों में आक्रोश*

औरैया 21 मार्च *ग्राम पंचायतों के आरक्षण में हुई मनमानी लोगों में आक्रोश*

*बिधूना, औरैया।* विकासखंड अछल्दा में ग्राम पंचायतों के आरक्षण में मनमानी किए जाने के आरोपों की झड़ी लगती जा रही है। सामान्य वर्ग की शून्य जनसंख्या वाली कई ग्राम पंचायतें अनारक्षित कर दी गई है। जबकि सामान्य वर्ग की अधिक जनसंख्या वाली कई ग्राम पंचायत अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं। जिससे खासकर सामान्य वर्ग के लोगो के हक पर सरेआम कुठाराघात होता नजर आया है।
ब्लॉक अछल्दा की ग्राम पंचायतों का इस बार मनमाने तरीके से आरक्षण होने का विकासखंड के लोगों द्वारा आरोप लगाते हुए उक्त आरक्षण निरस्त कर नए तरीके से आरक्षण किए जाने के लिए आपत्ति भी दर्ज कराई जा रही है। अनिल कुमार सिंह धीरेंद्र सिंह मुन्ना सिंह सुखदेव वीरेंद्र सिंह आदि कई लोगों ने मंडल आयुक्त कानपुर व जिलाधिकारी व जिला पंचायत राज अधिकारी औरैया को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि विकासखंड अछल्दा की ग्राम पंचायतों के आरक्षण में संबंधित अधिकारियों द्वारा मनमाना रवैया अपनाया गया है क्योंकि ब्लॉक की दखनाई हसनपुर अहिरान धरमपुर जहूर अली समेत कई ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जिनमें सामान्य वर्ग की जनसंख्या शून्य है , किंतु इस बार के आरक्षण में यह ग्राम पंचायतें अनारक्षित घोषित की गई हैं। वही ग्राम पंचायत बघईपुर भी ऐसी ग्राम पंचायत है , जिसमें सामान्य वर्ग की जनसंख्या नगण्य सी है। इसके बावजूद इस ग्राम पंचायत को भी महिला सामान्य घोषित किया गया है। इसी तरह ग्राम पंचायत शिवपुर वर्ष 2010 में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित थी , जबकि वर्ष 2015 में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रही , वहीं 2021 में पहले घोषित आरक्षण में महिला सामान्य और अब पुनः घोषित आरक्षण में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित की गई है। जिससे सामान्य वर्ग के लोगों के हकों पर सीधा कुठाराघात है। वहीं इस ग्राम पंचायत को अब तक कभी महिला के लिए आरक्षित नहीं किया गया है , जबकि इस ग्राम पंचायत में महिलाओं की संख्या लगभग 50 प्रतिशत है जिससे महिलाओं के हकों पर भी कुठाराघात है। अछल्दा ब्लाक के नए घोषित आरक्षण पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए शिकायतकर्ता बुद्धिजीवियों ने आपत्ति दर्ज कराने के साथ घोषित किया गया आरक्षण निरस्त कर नए सिरे से आरक्षण घोषित किए जाने की मांग की है ताकि लोगों के हकों पर कुठाराघात न हो सके।

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