UncategorizedWorldउत्तर प्रदेशउत्तराखंडराज्यराष्ट्रीयस्थानीय खबरें

औरैया 18 मार्च *किसानों के धान बिक्री का नहीं हुआ भुगतान तो करेंगे आत्महत्या*

औरैया 18 मार्च *किसानों के धान बिक्री का नहीं हुआ भुगतान तो करेंगे आत्महत्या*

*औरैया।* केंद्र व प्रदेश सरकार भले ही किसानों की आय दोगुनी होने की बात कह रही हो, लेकिन हकीकत कुछ हटकर ही है। किसानों ने अपने ओने- पौने दामों में धान को विभिन्न संचालित केंद्रों पर बेचा , लेकिन उनका भुगतान 3 महीने हो जाने के बावजूद भी नहीं हो सका। इसके लिए आखिर शासन और प्रशासन ही जिम्मेदार हैं। किसानों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा की सरकार से हम क्या उम्मीद कर सकते हैं। उपज का दोगुना लाभ देने की बात कहने वाली सरकारें उनकी धान बिक्री का पैसा भी उपलब्ध नहीं करा पा रही है। जिसके चलते उनके सामने अपने परिवार के भरण-पोषण की विकट समस्या खड़ी हो गई है। किसानों ने धान बिक्री का भुगतान कराए जाने के लिए शासन व प्रशासन से गुहार लगाते हुए तहसील दिवस में कमोबेश आधा दर्जन से अधिक इस आशय के शिकायती प्रार्थना पत्र दिए हैं। किसानों ने कहा है कि यदि उनका समय के रहते भुगतान नहीं हुआ तो वह आत्महत्या करने पर मजबूर होंगे।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मौजा कादलपुर गंगदासपुर निवासी मीणा देवी पत्नी सतीश कुमार ने तहसील दिवस में दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि उसने 43 कुंटल 90 किलो धान सराँय महाजन नैफेड केंद्र पर माह नवंबर में बेचा था। लेकिन उसका अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। जिसके चलते वह बच्चों की फीस भी जमा नहीं कर पा रही है , तथा घरेलू खर्चे भी नहीं चल रहे हैं। इसी तरह से कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पढ़ीन निवासी गुलाब सिंह पुत्र मोहर सिंह ने बताया कि उन्होंने गत 12 अक्टूबर 2021 को अपना 49 कुंटल 20 किलो धान नैफेड एजेंसी औरैया में बेचा था। लेकिन उसका अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। इसके अलावा कंप्यूटर पर एक बोरा धान कम दर्शाया गया है। जबकि उसे जो पर्ची प्राप्त हुई है , उस पर पूरा धान अंकित है। इसी तरह से गंगदासपुर कादलपुर औरैया निवासी वीना चौवे पत्नी प्रदीप चौवे ने दिए शिकायती प्रार्थना पत्र में कहा है कि उसने 18 नवंबर को 58 कुंतल तथा 19 नवंबर को 35 कुंतल धान सराँय महाजन नैफेड केंद्र पर बेचा था। अभी तक उसका भुगतान नहीं हो सका है। जिससे उनके सामने परिवार की भरण पोषण की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसी तरह से कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जौरा निवासी अनूप सिंह पुत्र इंद्रपाल सिंह ने दिए शिकायती प्रार्थना पत्र में कहा है कि उन्होंने अपनी कृषि उपज का 37 कुंतल 60 किलो धान उपरोक्त केंद्र पर बेचा था , लेकिन अभी तक उनके धन का भुगतान नहीं हो सका है। उसके पुत्र वधू की बीमारी के चलते हालत खराब है। उन्हें पैसे की अति आवश्यकता है। उपरोक्त किसानों का कहना है कि केंद्र व प्रदेश सरकार भले ही किसानों की आय दोगुनी करने का दंभ भर्ती हो , लेकिन यह सब उल्टा ही प्रतीत होता है। उनकी उपज बिक्री का भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते उन लोगों को वेढ़ब समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं किसानों ने अपनी जुबानी बताया कि यदि समय के रहते उनकी धान उपज बिक्री का समय रहते भुगतान नहीं हुआ तो वह लोग आत्महत्या करने को विवश होंगे। इसके लिए शासन व प्रशासन जिम्मेदार होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button