महाराष्ट्रराज्यराष्ट्रीयस्थानीय खबरें

मुम्बई 14 मार्च*भले ही जाण चली जाये, चूप ना रहू।*

मुम्बई 14 मार्च*भले ही जाण चली जाये, चूप ना रहू।*
जब तक डेवलपर्स विमल शाह, महादलाल मुरजी पटेल और भ्रष्ट अधिकारियों को जेल ना हो । डॉ.राजन माकणीकर

*मुंबई: दि (संवाददाता) डेवलपर्स विमल शाह, महादलाल मुरजी पटेल और कुछ भ्रष्ट अधिकारियों ने मुंबई सरकार की परियोजना में आदर्श से बड़ा घोटाला किया है। इस तरह की गवाही रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक पार्टी के महासचिव डॉ. राजन माकनिकर ने मीडिया को दिया।*

एक प्रेस विज्ञप्ति में, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. माकनिकर और राज्य महासचिव श्रवण गायकवाड़ ने कहा है कि सरकारी परियोजना में एक बड़ा घोटाला डेवलपर विमल शाह, महादलाल मुरजी पटेल और उद्योग सारथी तथा एमआईडीसी पुलिस ठाणे के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से किया गया है। आज भी, 20 साल बाद फ्लैटों के कब्जे और कई को किराए के चेक नहीं दिए गए हैं।

डेवलपर विमल शाह एमआईडीसी के साथ समझौते के अनुसार झोपडपट्टी मुक्त और पारगमन शिविर के लिए आवंटित भूमि का 22.50% वापस करना चाहते थे, लेकिन अभी तक डेवलपर द्वारा भूमि वापस नहीं की गई है। इसलिए, इस जगह को जल्द से जल्द वापस ले जाना चाहिए।

8% जमीन मनोरंजन के आधार के लिए है, डेवलपर ने जमीन दिए बिना आकृती सेंटर पॉईंट वाणिज्यिक भवन बनाकर, जमीन हडप लि है। इस स्थान से आकृती सेंटर पॉईंट के कबजे से मनोरंजन वली जमीन का कब्जा हटा देना चाहिए ।

डेवलपर के अनुसार, 2006 में 107 झोपड़ियों को अयोग्य घोषित किया गया था लेकिन उन्हें केवल कागजों पर ही ध्वस्त कर दिया गया था और फ्लैट पहले ही आवंटित कर दिए गए थे।

हाल ही में, महादलाल 420 मुर्जी पटेल के माध्यम से, गणेशवाडी व डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर नगर में घुसपैठ की और MIDC को जानकारी दि, यह डेवलपर एवं महादलाल मुरजी पटेल और भ्रष्ट अधिकारी की मिलीभगत के कारण है, इसलिए इस मामले की जांच की जरूरत है। येह मांग पँथर डॉ. माकणीकर ने की है।

विमल शाह को बहुत मस्ती चढ गयी है, विमल शहा ने MIDC को धोखा देकर पॉकेट नंबर 2 और 6 का पुनर्वास किए झोपडियो को हटाने से पहले ही एफएसआई का लाभ उठाया है।

यद्यपि सरकार के नियमानुसार प्रत्येक भवन में किंडरगार्टन, सोशल वेलफेयर सेंटर, सोसायटी कार्यालय प्रदान करना अनिवार्य है, लेकिन अधिकांश बिल्डिंग में यह जानबूझकर प्रदान नहीं किया जाता है, जिन भवनों में ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें तुरंत प्रदान किया जाना चाहिए।

अब तक, 250 पात्र झुग्गीवासियों को पिछले 3/4 वर्षों से किराए के चेक नहीं दिए गए हैं। अपनी स्वयं की झोपड़ियों को खाली करने के बाद भी, उन्हें फ्लैट या किराए के चेक नहीं मिले हैं।

डेवलपर ने किराए पर दिए गए और बेचे गए फ्लैटों के लिए subletting और हस्तांतरण शुल्क के MIDC को देकर धोखा दिया है, लेकिन: MIDC ने आज तक कार्रवाई क्यों नहीं की है?

भले ही फ्लैटों का वितरण किया गया है, गौडबेंगल अभी भी यह नहीं समझ पा रहा है कि कुछ फ्लैटों को डेवलपर्स की सूची दि 12/11/2020 से हटा दिया गया है।

सुरक्षा दीवार को नाले पर नहीं बनाया गया है जो लगातार शिकायत करने के बाद भी पॉकेट नंबर 5 में बिल्डिंग नं. 1 और 2 के पास लगातार बह रही है। येह जाणलेवा हो सकता है

निर्माणाधीन जगह पर होटल का निर्माण करके, डेवलपर ने नियमों का उल्लंघन किया है और साबित किया है कि वह कानून से नही डरता नहीं है। वह ऐसा व्यवहार कर रहा है मानो वह विमल शाह के पिता की चल संपत्ति है।
पॉकेट नंबर 9 में एक अधिभोग प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए एक शुद्ध धोखाधड़ी की है जो डेवलपर के एफएसआई भवन में और उसी इमारत में और बी विंग में एक आरक्षित तहखाने के लिए फायर ब्रिगेड से अनुमति प्राप्त किए बिना पूरा कर सकता है।

डेवलपर द्वारा झोपड़ी धारकों की समस्याओं को हल करने के लिए स्थानीय साइट कार्यालय को बंद कर दिया गया है और मूल झोपड़ी धारकों का प्रश्न हल करणे डेवलोपर का ऑफिस ही नाही है,बएमआईडीसी प्रशासन भी आंखें मूंद रहा है।

एक ही फ्लॅट अनेक को बेचा गया है, इस से आर्थिक गैरव्यवहार बहुत जादा हुआ है, डेवलपर विमल शाह, महादलाल मुरजी पटेल, MIDC के भ्रष्ट अधिकारियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया जाना चाहिए। इसमे मुरजी पटेल, उद्योग सारथी के कुछ भ्रष्ट अधिकारी एवं डेवलोपर विमल शहा को जेल होनी चाहीये।

केवल परियोजना के फ्लैट में घुसपैठ कैसे हो सकती है? डेवलपर की FSI में कोई घुसपैठ क्यों नहीं है ?? यह बहुत बड़ी साजिश है। यह घोटाला 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का है। मांग है कि न्यायपालिका के माध्यम से एक समिति बनाकर जांच होनी चाहिए। मुख्यमंत्री, माननीय अगर 30 अप्रैल तक मामला नहीं सुलझा तो आत्मदाह करणे का इशारा डॉ. माकणीकर द्वारा किया गया है।

इसके अलावा, इन शिकायतों के कारण, डॉ. माकनिकर और गायकवाड़ व उनके परिवार का जीवन खतरे में है। डेवलपर्स विमल शाह और महादलाल मुरजी पटेल की ओर फिरौती, चोरी, छेड़छाड़, बलात्कार और इतने पर झूठे आरोपों में उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की जा सकती है। डॉ.माकनिकर ने हमारे प्रतिनिधि के माध्यम से अनुरोध किया है कि केवल डेवलपर्स विमल शाह और महदलाल मुरजी पटेल को जवाबदेह ठहराया जाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button