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बहराइच 14 मार्च*मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मेले” मे जड़ी बूटियों,किचेन मे मसालों भोजन,आयुर्वेदिक दिनचर्या से विभिन्न रोगो से सम्बंधित रोगों के उपचार की महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं

बहराइच 14 मार्च*मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मेले” मे जड़ी बूटियों,किचेन मे मसालों भोजन,आयुर्वेदिक दिनचर्या से विभिन्न रोगो से सम्बंधित रोगों के उपचार की महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं

आज दिनांक 13/03/21 को वरिष्ठ आयुर्वेद विशेषज्ञ डा देवेश कुमार श्रीवास्तव राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय कुण्डासर बहराईच ने दूर से आये मरीजों को जड़ी बूटियों,किचेन मे मसालों भोजन,आयुर्वेदिक दिनचर्या से विभिन्न रोगो से सम्बंधित रोगों के उपचार की महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं

किडनी के सभी रोग इलाज आयुर्वेद मे सम्भव-डा देवेश

जड़ीबूटियाँ किडनी स्टोन को गलाने मे सक्षम-डा देवेश
आयुष (आयुर्वेद) विभाग बहराईच के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डा देवेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दुनिया में केवल आयुर्वेद ही एक ऐसी नायाब चिकित्सा पद्धति है जिससे पूरी दुनिया को स्वस्थ बनाये रखने के साथ मरीज के मर्ज को जड़ से दूर करने में सक्षम है
स्वस्थ मस्त व व्यस्त ही जीवन का लक्ष्य हो-डा देवेश

अनुचित दिनचर्या व खानपान से उदरस्थ दोष हो जाते हैं जिससे शरीर में कई रोग उत्पन्न हो जाते हैं

डा देवेश ने बताया कि दुनिया मे महिलाओं के शरीर की शुध्दि के लिये प्राक्रर्तिक व्यवस्था मासिकधर्म का नियमित आना जरुरी है खानपान के अनियमित सेवन, श्रम कम करने,खून की कमी,गठिया,पीलिया,मैथुन की असंतुष्टि, थकान,भावुकता,शोक, क्रोध,इर्ष्या,असमय भोजन,ठंडी चीजे खाना आदि से माहवारी (पिरियड) अनियमित होकर गर्भाशय रोग उत्त्पन्न हो जाते है
महिलाओं को इससे पेडू (नाभि के नीचे) पर दर्द,कमर दर्द,जांघों मे दर्द स्तनौं मे दर्द,नींद ना आना,थकान,साँस लेने में कष्ट, भूख ना लगना आदि लक्षण दिखते है

डा देवेश ने बताया कि महिलाओं को स्वस्थ बने रहने के लिये- धनात्मक सोंच के साथ अपने आज को खुश रखें, सुबह 4-5 Km भ्रमण, प्रातः खाली पेट 3-4 गिलास पानी पियें, 5-5 तुलसी नीम की पत्ती चबा कर पानी से खायें, योग प्राणायाम मेडिटेशन अवश्य करें, ताजा सन्तुलित भोजन जिसमे हरी सब्जियों की प्रचुर मात्रा में खायें,

“आयुष विभाग के डा देवेश ने निशुल्क हेल्थ हेल्पलाइन 9935377666 जारी की जिसपर कोई भी रोग हो घबरने की जरूरत नही है निशुल्क सलाह ले सकती हैं”

डा देवेश ने बताया कि महिलाओं के गर्भाशय रोग व स्तन गाँठ जो कैन्सर का रूप धारण कर लेता है आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों, किचेन के मसालों, योग प्राणायाम,पंचकर्म, रिलैक्सेसेशन थिरेपी से साधारण व भयंकर रोगों से मुक्ति मिल जाती है जैसे रक्तप्रदर से अधिक खून गिरने से बचाव के लिये चिकित्सक की देखरेख में दूब की घास चावल के धोवन के साथ पीस कर दो चुटकी फिटकरी डाल कर पाँच दिन सेवन करने से आराम होता है भोजन मे सिंघाड़े के आटे की रोटी या हलवा खायें,इसके अलावा रक्तश्राव रोकने के लिये आधा गिलास दही मे आधा गिलास पानी मिलाकर 3gm फिटकरी घोलकर पीने से आराम होता है स्वेतप्रदर(सफेद पानी का श्राव) कमर दर्द मे बबूल की फली,अशोक की छाल,गोंद कूटपीस कर उबाल कर चौथाई बचने पर सुबह शाम खाने के बाद पिये फायदा होगा काँचनार की फली,अशोक की छाल का काढा बन कर पियें,पुदीने की चाय व करेले का रस पीने से भी मासिक धर्म नियमित रहता है गर्भाशय में गर्भ नही ठहरने की समस्या काफी बढ़ रही है इसके लिये 150 gm उड़द की दाल व उड़द की दाल की खीर खाने से पुरूषों के शुक्राणुओं की वृध्ढि होती है और स्त्रियों में संतान प्राप्त की शक्ति बढती है गर्भाशय के कोई भी रोग हो सभी रोगों को तीन मासिक चक्र मे आयुर्वेद से ठीक किया जा सकता है आयुर्वेद सशक्त सम्पूर्ण चिकित्सा पद्धति है जिससे हानिकारक दवाओं से बचाकर पूर्ण रूप से स्वस्थ बनाया जा सकता है

“महिला स्वास्थ सुरक्षा में पुरूषों का भी सहयोग जरुरी”-डा देवेश

डा देवेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया की ज्यादातर महिलाओं के रोग उनकी लापरवाही से बढते है वे अपने प्रति यदि सजग रहें तो रोग होंगे ही नही, महिलायें सहनशीलता की देवी है अपनी बात को वह कहने में संकोच करती है जिससे रोग बढ़ जाते हैं महिलाओं की जागरुकता से उनको बीमार होने से बचाया जा सकता है

मरीजो को देखकर निशुल्क आयुर्वेदिक दवा वितरित की गई और मेलें में डा अशोक सिंह,डा वली,फार्मासीस्ट मोईज अहमद,LT,ANM,व सभी स्टाफ विनोद,राजू व सम्मानित लोग उपस्थित रहे।

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