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अयोध्या 12 मार्च ब्रेकिंग न्यूज़ upaajtak से

[3/12, 8:48 AM] +91 94155 29848: ब्रेकिंग

 

एसपी सिटी की प्रेसवार्ता
अयोध्या।
दोस्त दोस्त न रहा।हत्या के पहले ही दोस्त ने खोद दी थी कब्र। फोन पर कहा। हत्या कर रहा हूं दोस्त की। तैयार रखो कब्र।अयोध्या पुलिस का बड़ा खुलासा।युवा पान मसाला व्यवसाई शुभम चौरसिया की हत्या का पुलिस ने किया खुलासा। मुख्य अभियुक्त सुशांत पांडे व दो सगे भाई समेत छह गिरफ्तार।हत्या में प्रयुक्त कार और मोटरसाइकिल भी बरामद। कल 10 मार्च को थाना महाराजगंज के ऐमी आलापुर में कब्र में मिला था युवा व्यवसाई का शव। दोस्त की पत्नी को आर्थिक सहायता देना पड़ा भारी।दोस्त ने ही कर दी दोस्त की हत्या।अवैध संबंधों के शक में बनाया था हत्या का प्लान। दोस्त की गला दबाकर कर दी हत्या। अयोध्या कोतवाली के उर्दू बाजार का रहने वाला था युवा व्यवसाई शुभम चौरसिया।
[3/12, 8:48 AM] +91 94155 29848: *पूर्व मंत्री आनंद सेन का वाहन सांड से टकराया बाल बाल बचे वाहन हुआ क्षतिग्रस्त,*

पूराकलंदर थाना क्षेत्र के रोडवेज वर्कशाप के पास पूर्व मंत्री व सपा नेता आनंद सेन यादव का वाहन एक सांड से टकरा गया जिससे वह बाल बल बच गए लेकिन बाहन क्षतिग्रस्त हो गया वाहन पर बैठे समर्थकों को कुछ मामूली चोटे आई।
पूर्व मंत्री व सपा नेता आनंद सेन यादव सुल्तानपुर गए थे जहां से गुरुवार की शाम वापस आते समय जैसे पूरा कलंदर थाना क्षेत्र के प्रयागराज हाईवे मार्ग पर रोडवेज वर्कशॉप के पास पहुंचे वैसे एक सांड से वाहन टकरा गया जिससे उनका वाहन क्षतिग्रस्त हो गया लेकिन वह बाल-बाल बच गए वाहन पर बैठे कुछ समर्थकों को मामूली चोटें आई जिनका प्राथमिक उपचार के बाद छोड़ दिया गया।
[3/12, 8:48 AM] +91 94155 29848: ब्रेकिंग

 

अयोध्या।
सोहावल रौनाही थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पड़ाव के निकट वायम जन सेवा केंद्र मोबाइल की दुकान में बीती रात शटर का ताला तोड़कर दुकान में रखा लैपटॉप चोर उठा ले गए
[3/12, 8:48 AM] +91 94155 29848: *पंचायत चुनाव में इस बार चिन्हित लोगों के ही जमा होंगें असलहे*
सोहावल अयोध्या,

पंचायत चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने भी शांतिपूर्ण चुनाव के लिए व्यवस्था बनानी शुरू कर दी है। ताजा फरमान मतदान के दौरान लाइसेंसी हथियारों को जमा कराने का आया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार हथियार सभी के नहीं बल्कि केवल चिन्हित लोगों के ही जमा होंगे। यह बदलाव हाईकोर्ट के आदेश से आया है। चिन्हित लोगों की श्रेणी निर्धारित की गई हैं। जिला स्क्रीनिंग कमेटी ऐसे लोगों के नाम फाइनल करेगी। जिसके बाद उनके हथियार जमा कराये जाएंगे।
शांतिपूर्ण चुनाव के लिए लाइसेंसी हथियारों को थानों में अथवा हथियार विक्रेताओं के पास जमा कराया जाता है। अभी तक लगभग सभी के हथियार जमा कराये जाते थे लेकिन इस बार व्यवस्था बदली हुई है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारी (जिलाधिकारी) तथा सभी एसएसपी को दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। जिसमें बताया गया है कि मौ. आरिफ खां बनाम जिला मजिस्ट्रेट तथा उमाकांत यादव बनाम उ.प्र. राज्य एवं अन्य मामलों में हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश का पालन किया जाना है। आयोग का आदेश है कि जिलाधिकारी और एसएसपी की स्क्रीनिंग कमेटी बैठक करके शस्त्र लाइसेंस धारकों की समीक्षा करेगी। कमेटी आदेश में उल्लेखित श्रेणियों के तहत लाइसेंस धारकों के नाम 15 मार्च तक तय करेगी। इन चिन्हित लोगों को कमेटी हथियार जमा कराने का नोटिस जारी करेगी। इसके बाद चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही लाइसेंसी हथियार जमा कराने का काम शुरू होगा जिसे नामांकन पत्र वापस लेने की तिथि से पहले पूर्ण कर लिया जाएगा। नोटिस जारी होने के पांच दिन के भीतर लाइसेंसधारक को हथियार जमा कराना होगा। हथियार जमा न कराने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जमा हथियारों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था प्रशासन कराएगा तथा परिणाम घोषित होने के एक सप्ताह के बाद वापस कराएगा।
[3/12, 8:48 AM] +91 94155 29848: पत्र सूचना शाखा
(मीडिया सेल, गृह विभाग)
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उ0प्र0

माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में राज्य सरकार ने जारी किए निर्देश

सार्वजनिक सड़कों,गलियों,फुटपाथों, सड़कों के किनारों, लेन आदि पर धार्मिक प्रकृति की किसी भी संरचना के निर्माण पर रोक

1 जनवरी 2011 अथवा उसके बाद के ऐसे निर्माण तत्काल हटाए जाने के निर्देश

1 जनवरी 2011 के पहले के ऐसे निर्माण योजनाबद्ध तरीके से संबंधित धार्मिक संरचना के अनुयायियों द्वारा निजी भूमि पर स्थानांतरित किए जाएंगे

लखनऊः 11 मार्च, 2021

शासन द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि सार्वजनिक सड़कों( राजमार्गों सहित)गलियों, फुटपाथों, सड़क के किनारों, लेन आदि पर धार्मिक प्रकृति की कोई संरचना/ निर्माण की अनुमति कदापि न दी जाए यदि इस प्रकार की कोई संरचना/निर्माण दिनांक 1 जनवरी 2011 अथवा उसके बाद किया गया हो तो उसे तत्काल हटा दिया जाए। शासन द्वारा यह निर्देश भी दिए गए हैं कि इसकी अनुपालन आख्या संबंधित जिलों के जिला अधिकारियों द्वारा संबंधित प्रमुख सचिव/ सचिव को प्रस्तुत की जाएगी तथा वह एक विस्तृत आख्या अगले 2 माह मे मुख्य सचिव को प्रस्तुत करेंगे ।
शासन द्वारा यह निर्देश मा0 उच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में जारी किए गए हैं। प्रदेश के सभी मंडलायुक्त, पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर व लखनऊ, समस्त परीक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/उपमहानिरीक्षक, समस्त जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/ पुलिस अधीक्षक को जारी निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि कोई भी धार्मिक संरचना/अतिक्रमण सार्वजनिक सड़क (राजमार्गों सहित), गलियों, फुटपाथों, सड़क के किनारों, लेन आदि पर दिनांक 1 जनवरी 2011 से पहले किया गया हो तो, उसे योजना बनाकर संबंधित धार्मिक संरचना के अनुयायियों अथवा इसके प्रबंधन के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों द्वारा प्रस्तावित निजी भूमि (जो उनके समुदाय की होगी)पर 6 माह के भीतर स्थानांतरित कर दिया जाएगा अथवा उसे हटा दिया जाएगा। इसकी अनुपालन आख्या भी शासन को प्रस्तुत की जाएगी।
निर्देशों के अनुसार दिनांक 10.06. 2016 या उसके बाद संबंधित तहसीलो/जिलों के जिलाधिकारियों/ उप जिलाधिकारियों तथा क्षेत्राधिकारियों, पुलिस अधीक्षक/ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा जिले के संबंधित अधिकारी, जो सड़कों (राजमार्गों सहित) अनुरक्षण के लिए जिम्मेदार हैं उनको यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि सार्वजनिक सड़कों (राजमार्गों सहित) गलियों, फुटपाथों, लेन आदि पर किसी भी धर्म संप्रदाय जाति वर्ग आदि से संबंधित कोई धार्मिक संरचना /निर्माण कर के अतिक्रमण ना किया जाए। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि इसमें कोई विचलन अथवा अवज्ञा होती है तो इसके लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे इन आदेशों की अवज्ञा जानबूझकर मा0 उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना होगी, जो आपराधिक अवमानना मानी जाएगी।
शासनादेश में कहा गया है कि यह सुनिश्चित करने के लिए योजना बनाई जाए कि सार्वजनिक सड़कों (राजमार्गों सहित) गलियों, फुटपाथों व लेन आदि पर धार्मिक गतिविधियों के कारण निर्वाद यातायात अथवा जनता के आवागमन में कोई बाधा उत्पन्न न हो और ऐसी गतिविधियां अनिवार्य रूप से संबंधित धार्मिक वर्गों के लिए चिन्हित स्थानों अथवा निजी स्थानों पर ही की जाए।
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संपर्कः सूचनाधिकारी, दिनेश कुमार सिंह

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