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पंजाब 08 मार्च*महिलाओं के हित में बने हैं सख्त कानून : तरसेम मंगला

पंजाब 08 मार्च*महिलाओं के हित में बने हैं सख्त कानून : तरसेम मंगला
पीडि़त महिला ले सकती है क्लेम : न्यायाधीश राजपाल रावत
मां-बाप का नाम रोशन करती हैं बेटियां : न्यायाधीश मेघा धारीवाल
अबोहर, 8 मार्च (शर्मा): सुप्रीम कोर्ट द्वारा महिलाओं के हितों की रक्षा करने के लिए लीगल सर्विस अॅर्थारिटी बनाई गई। सरकार महिलाओं के हित में कड़े कानून बना चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने नारी शक्ति के हित में लीगल सर्विस अर्थारिटी को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिये हैं ताकि महिलाओं को जल्द इंसाफ मिल सके। सभी हाईकोर्टों को निर्देश जारी किए हैं। आज नैशनल महिला दिवस आज डीएवी ऑडीटोरियम में मनाया गया। जिसके मुख्य मेहमान सीनियर सैशन जज तरसेम मंगला, सीजीएम लीगल सर्विस अथॉरिटी सैक्ट्री राजपाल रावत, अबोहर सबडिवीजन की न्यायाधीश मैडम मेघा धारीवाल के अलावा डीएवी कॉलेज के प्रिंसीपल राजेश महाजन, लीगल सर्विस अथॉरिटी के मैंबर व लोक अदालत के मैंबर पूर्व एसडीएम बी.एल. सिक्का, देसराज कम्बोज, एडवोकेट अमृतपाल तिन्ना, भैया अजय गिल्होत्रा, डीएवी बी.एड. के प्रिंसीपल उर्मिल सेठी, गोपीचंद आर्य महिला कॉलेज की प्रिंसीपल रेखा सूद हांडा सहित अन्य अतिथि उपस्थित थे। इस दौरान छात्राओं को सम्बोधित करते हुए सीनियर सैशन जज तरसेम मंगला ने बताया कि जो नाबालिग लड़कियों के साथ रेप जैसी घिनोनी हरकतें होते हैं उनकी लड़कियों के हित में सरकार ने अनेकों कानून बनाए हैं। पीडि़ता की पहचान उजागर न हो इसके लिए थानों में महिला कर्मचारी ही उनका बयान ले सकती हैं। इसके अलावा पोस्को एक्ट की धाराओं में बढ़ौतरी की जाती है ताकि अपराध करने वाले आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। उन्होंने छात्राओं की हौंसला अफजाई करते कहा कि भारत एक ऐसा देश जहां महिलाएं अपने हकों के लिए लड़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी से पीछे नहीं हैं। कल्पना चावला, किरण बेदी, मदर टेरेसा जैसी महिलाओं ने अपने हौंसले से देश व समाज का नाम ऊंचा किया।
लीगल सर्विस अर्थारिटी के सैक्ट्री सीजेएम फाजिल्का राजपाल रावत ने सम्बोधित करते बताया कि बच्चियां, महिलाओं पर कोई व्यक्ति अगर अत्याचार करता है तो उनके खिलाफ कोई कार्यवाई करवाना चाहता है तो वह महिला, बच्ची या छात्रा फाजिल्का में हमें दें या अबोहर में बने लीगल क्लीनिक में जाकर प्रार्थना पत्र दें। इसके अलावा अबोहर में सीनियर जज हरप्रीत सिंह को मांगपत्र दे सकते हैं ताकि उनके हक में वकील खड़ा कर इंसाफ दिलाया जा सके। गांवों में अब भी महिलाओं पर जुर्म होते हैं जिन्हें रोकने के लिए सरकार ने कई उपराले किए हैं।
मैडम मेघा धारीवाल ने बताया कि जिन लड़कियों को ससुराल में प्रताडि़त किया जाता है उन लड़कियों को इंसाफ दिलाने के लिए मां-बाप को दर-दर की ठोकरें खाने की जरूरत नहीं है। उन्हें बस एक प्रार्थना पत्र लिखकर लीगल सर्विस अथॉरिटी में देना होगा। उन्हें फ्री वकील उपलब्ध करवाया जायेगा। जो पीडि़ता को न्याय दिलायेगा। उन्होंने बताया कि लड़कियों या महिलाओं को अगर कोई पुरूष परेशान करता है तो उसकी शिकायत की जा सकती है। यदि सुनवाई नहीं होती तो सीधे शिकायत कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश की लड़कियों में काफी उन्नति की है। आज हर क्षेत्र में लड़कियां पुरूषों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर काम कर रही हैं। हर विभाग में महिलाएं सर्विस कर रही हैं। पंजाब पुलिस, आर्मी, न्यायालयों, आदि में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
इस अवसर पर बी.एल. सिक्का, डीएवी स्कूल के प्रिंसीपल राजेश महाजन, एडवोकेट देसराज कम्बोज, एडवोकेट भैया अजय गिल्होत्रा, ने सम्बोधित करते कहा कि हमारे पैरा लीगल मैंबर भी गांव-गांव जाकर लोगों को कानून के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
फोटो:1, उपस्थिति को सम्बोधित करते हुए सीनियर सैसन जज

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