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रायबरेली 03 मार्च *भोजपुरी फिल्म जान लेबू का रिलीज होने से पहले ही सुर्ख़ियों में पुलिस की चौखट तक पहुंचा मामला

रायबरेली 03 मार्च *भोजपुरी फिल्म जान लेबू का रिलीज होने से पहले ही सुर्ख़ियों में पुलिस की चौखट तक पहुंचा मामला

महराजगंज/रायबरेली: जनपद के शिवगढ़ महेश विलास पैलेस में पिछले दिनों अभिनीत की गई भोजपुरी फिल्म जान लेबू का रिलीज होने से पहले ही खासी सुर्खियां बटोर रही है। सुर्खियां बटोरने की वजह फिल्म की पटकथा छायांकन संवाद की बदौलत नहीं है, बल्कि फिल्म निर्माता और कार्यकारी निदेशक तथा कलाकार के बीच पारिश्रमिक भुगतान के विवाद को लेकर मामला अब पुलिस की चौखट तक पहुंच गया है। दोनों पक्ष एक दूसरे के ऊपर आरोप-प्रत्यारोप जड़ रहे हैं। मामला पुलिस तक ही न थम कर मुंबई फिल्म सिटी तक भी पहुंचा है।
आपको बता दें कि, फिल्म निर्माता श्रेय श्रीवास्तव व कार्यकारी निर्माता संतोष वर्मा द्वारा बनाई गई भोजपुरी फिल्म “जान लेबू का” की अधिकांश शूटिंग शिवगढ़ के अत्यंत खूबसूरत महेश विलास पैलेस में संपन्न हुई थी। फिल्म के मुख्य किरदार प्रख्यात भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव निरहुआ थे, और फिल्म में निरहुआ के चाचा का चरित्र स्थानीय गांव रानी खेड़ा के रहने वाले चरित्र अभिनेता दुर्गेश चौहान पुत्र शिव बहादुर सिंह ने निभाई थी।
दुर्गेश चौहान का आरोप है कि, फिल्म निर्माता और कार्यकारी निर्माता ने पारिश्रमिक के रूप में एक रकम निर्धारित की थी, उसमें से उन्हें एक पैसा ना देकर वह बोरा बिस्तर बांध कर फरार हो गए, और फोन के माध्यम से पैसा मांगने पर चार-पांच दिनों तक टालते रहे, इसके बाद जब दुर्गेश चौहान ने देखा, तो वह उन्हें तलाशते लखनऊ के विभिन्न स्थानों जैसे डायमंड रिसार्ट मोहनलालगंज तथा स्कॉर्पियो क्लब भी पहुंचे यहां फिल्म की फाइनल शूटिंग हो रही थी। लेकिन निर्माता और कार्यकारी निर्माता ने उनसे मुलाकात तक नहीं की, और चुपचाप मुंबई वापस लौट गए, तथा उनका फोन भी उठाना बंद कर दिया।
आरोप यह भी है कि, इसके पश्चात भुक्तभोगी ने 2 दिन पूर्व प्रोड्यूसर श्रेय श्रीवास्तव से व्हाट्सएप पर बात करने का प्रयास किया, तो वह गाली गलौज पर उतर आए, और अभद्रता दिखाते हुए इसके जवाब में जब दुर्गेश चौहान ने कानूनी कार्यवाही किए जाने की बात कही, तो श्रेय श्रीवास्तव ने उनका व्हाट्सएप नंबर भी ब्लॉक कर दिया। दुर्गेश चौहान ने मामले की सूचना स्थानीय शिवगढ़ थाने में जब की, तो वहां के थाना प्रभारी ने यह कहकर की यह मामला फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा है, वह मुंबई जाकर अपनी बात कहें।
इस पर दुर्गेश चौहान का कहना था कि, क्योंकि निर्माता श्रेय श्रीवास्तव वाराणसी जिले के रहने वाले हैं और खुशी क्रिएशन एंड कम्युनिकेशन के नाम से मुंबई में ऑफिस खोल कर रहते हैं। किंतु थानेदार ने उन्हें कोई तहरीर यहां दर्ज करने से मना कर दिया। उसके बाद दुर्गेश चौहान ने पुलिस अधीक्षक की चौखट पर जाकर शिकायत दर्ज कराई। मामला यहीं नहीं रुका। दुर्गेश चौहान ने फिल्म क्राफ्ट फेडरेशन में भी लिखित शिकायत पत्र भेज कर पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया है, तथा मांग की है कि, उन्हें उनका बकाया दिलाया जाए। समाचार लिखने तक दुर्गेश चौहान का कहना है कि, अभी तक श्रेय श्रीवास्तव या संतोष वर्मा ने बकाया पारिश्रमिक भुगतान करने के लिए कोई संपर्क उनसे नहीं किया है। लेकिन मामले में वह चुप नहीं बैठेंगे और अपना हक लेकर ही रहेंगे।
वहीं दूसरी ओर संतोष वर्मा और श्रेय श्रीवास्तव से दूरभाष के द्वारा संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

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