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मुम्बई 18 फरवरी*पार्टी और कैबिनेट से “नॉट रीचेबल” नेता को निष्कासित करें।

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    *पूजा चव्हाण के मामले में, डेमोक्रॅटिक RPI के डॉ. माकणीकर की मांग*

मुंबई: दि (संवाददाता) पूजा चव्हाण की आत्महत्या के बाद राज्य में बंजारा समुदाय उतने आक्रामक नहीं हुए, जितने होने चाहिए। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रॅटिक) मौत की सजा, आत्महत्या और हत्या के लिए सड़कों पर उतरनेकीं जाणकारी राष्ट्रीय महासचिव डॉ. माकणीकर द्वारा दि गयी।

डेमोक्रॅटिक आरपीआय नेशनल यूथ सेक्रेटरी और बंजारा लीडर विजय चव्हाण, बंजारा सेल महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष भाई शिवा राठौड़, प्रदेश महासचिव कैप्टन श्रवण गायकवाड़, प्रदेश अध्यक्ष हरिभाऊ कांबले, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय और प्रवक्ता वसंत कांबले के देखभाली में, डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख कनिष्क कांबले के मार्गदर्शन मे राष्ट्रीय महासचिव डॉ. राजन माकणीकर द्वारा पूजा चव्हाण को न्यायदान की मांग की जा रही है।

बीड जिले की पूजा चव्हाण की पुणे में एक ऊंची कॉलोनी में संदिग्ध हालत में मौत हो गई। बंजारा समुदाय को अपना न्याय पाने के लिए सड़कों पर उतरना चाहिए, येह अपील रिपाई डेमोक्रेटिक महासचिव पैंथर डॉ. राजन माकणीकर ने इसे बंजारा समुदाय के लिए किया है।

हर भारत की बेटी हमारी बहिण है, आरपीआई डेमोक्रेटिक बुरी नजर से देखनेवालो की आँखें खोलने की क्षमता रखते है, हमारी माँ और बहनें असुरक्षित होगी तो हम सरकार को उखाड़ फेंक देंगे, और इस मंत्री को पार्टी और मंत्री की पद से निकालना चाहीये येह भी पैंथर डॉ. मकरानीकर कहते हैं।

इस मामले में सक्षम माने जाने वाले एक बड़े मंत्री का नाम जोड़ा जा रहा है। भालचंद्र नेमाडे ने बंजारा समुदाय के बारे में एक अपमानजनक लेख लिखा, एक ऐसा रवैया जिसका पार्टी की ओर से सार्वजनिक रूप से विरोध किया गया था। पैंथर डॉ. राजन माकणीकर ने यह भी उम्मीद की कि समाज को बिना किसी राजनीतिक ईर्ष्या के न्याय के लिए सड़कों पर उतरना चाहिए।

 

पूजा चव्हाण ने 7 फरवरी को आत्महत्या कर ली थी। वह अंग्रेजी शिखने लिए पुणे में रह रही थी। उसने तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। विपक्षी समूहों ने सत्ता मे बैठे नेतावो की खुर्ची ढिली कर दि है। इस मामले की 11 कथित ऑडियो क्लिप वायरल होने के बावजूद जांच धीमी क्यों है?

जांच एजेंसी को निष्पक्ष रूप से और बिना किसी राजनीतिक दबाव के पड़ताल करना चाहिए और सख्ती से यह बताना चाहिए कि आरोपी कौन है।
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया-डेमोक्रेटिक हमेशा खानाबदोश जातियों और जनजातियों के संरक्षण के लिए खड़ा हुआ है। और आगे भी रहेगा. इस मामले मे उचित कारवाई न हुयी तो राज्य मे डेमोक्रॅटिक आरपीआय बंजारा युवा नेते विजय चव्हाण व प्रदेशाध्यक्ष भाई शिव राठोड के माध्यम से आंदोलन होगा, येह जाणकारी महासचीव पँथर डॉ राजन माकणीकर ने दी।

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