UncategorizedWorldउत्तर प्रदेशउत्तराखंडराजनीतिराज्यराष्ट्रीयस्थानीय खबरें

औरैया 16 फरवरी ब्रेकिंग न्यूज़ upaajtak से

[2/16, 3:10 PM] +91 97600 95606: *यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत में ब्लॉक प्रमुख का आरक्षण लिस्ट शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इसे लेकर शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया. सोशल मीडिया पर वायरल लिस्ट को लेकर अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार सिंह ने स्थिति साफ की है. उन्होंने बताया कि फर्जी लिस्ट वायरल हो रही है. इसकी जांच होगी. उन्होंने कहा कि ब्लॉक प्रमुखों के आरक्षण जिला अधिकारी अपने स्तर पर करेंगे*
*आपको बता दें कि सरकार की तरफ से अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार सिंह ने शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्षों का आरक्षण घोषित किया था. उन्होंने जिले में आरक्षित होने वाले ब्लॉकों की संख्या तय कर दी थी. उन्होंने उस वक्त कहा था कि ब्लॉक पदों पर आरक्षण जिलाधिकारी अपने स्तर पर आरक्षित कर 2 और 3 मार्च तक जारी करेंगे. लेकिन शनिवार को ब्लॉक प्रमुखों की एक फर्जी आरक्षण सूची जारी हो गई. इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया. खुद सरकार को इसे लेकर सफाई देनी पड़ी. प्रशासन ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी*
[2/16, 3:10 PM] +91 97600 95606: *सुहैल देव महाराज जयन्ती समारोह -* आज दिनांक 16 फरवरी 2021 को बसंत पंचमी तथा सुहेल देव महाराज की जयंती के उपलक्ष में जिलाधिकारी महोदय औरैया श्री सुनील कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक महोदया औरैया श्रीमती अपर्णा गौतम, अपर जिलाधिकारी महोदय, मुख्य विकास अधिकारी महोदय, तथा उप जिलाधिकारी महोदय औरैया द्वारा मां सरस्वती, सुहेल देव महाराज ,राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा आजादी के दौरान शहीद होने वाले लोगों को शहीद पार्क औरैया में पुष्प चढ़ाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तत्पश्चात पुलिस अधीक्षक महोदया द्वारा स्कूली बच्चों को को उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सिविल सर्विसेज की तैयारी करने के लिए अभ्युदय योजना के बारे जानकारी प्रदान की गई कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी महोदय तथा पुलिस अधीक्षक महोदया द्वारा स्कूली बच्चों को मिष्ठान वितरित किए गए।
[2/16, 3:10 PM] +91 97600 95606: अनारक्षित जिला पंचायत सीट से भाजपा के कई दिग्गज करेंगे दावेदारी।
डेरापुर कानपुर देहात। विगत कई वर्षों से जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सपाइयों का कब्जा रहा है। कभी इसके पहले कांग्रेसका कब्जा भी रहा है। 90 के दशक में प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार के समय निर्वाचित पंडित राम नारायण तिवारी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद से बीजेपी ने लोकतंत्र की हत्या कर हटा दिया था और राजेंद्र सिंह चौहान को अध्यक्ष घोषित कर दिया था। वहीं तमाम कांग्रेसी जेल भरो आंदोलन के माध्यम से जेल भी गए थे। इसके बाद धीरे धीरे मुलायम सिंह की सरकार और अखिलेश की सरकार में सपा काबिज रही जिसमें कन्हैयालाल कठेरिया मिथिलेश यादव उर्मिला यादव व वर्तमान में राम सिंह यादव भी काबिज रहे । अब एन केन प्रकारेण वर्तमान में केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है अब उसे जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट अपने खाते में कर लेने के लिए पूरी ताकत लगाए हैं। कानपुर देहात की सीट परिसीमन के आधार पर इस बार अनारक्षित भी है। इसमें सामान्य जाति का ही व्यक्ति दावेदारी के साथ लड़ेगा और पुरजोर जीतने का प्रयास करेगा। मालूम हो पंचायती प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ विवेक दुबे जी हैं जो कभी डेरापुर से ब्लॉक प्रमुख भी रहे और इस समय इस सीट पर उनकी पत्नी ही है। जनता की सेवा में पैसे की शोहरत और डिग्री कॉलेजों के प्रबंध समिति में अपने और अपने परिवार के लोगों को जरूर जोडे हैं। कभी यह सपा के दिग्गज नेताओं में गिने जाते थे। अब जब प्रदेश में सपा का वर्चस्व कम हुआ तो भाजपा में पहुंचकर दिग्गज नेताओं में गिने जाने लगे सहयोग से जिला पंचायत सामान्य सीट होने से चुनाव भी लड़ेंगे और अध्यक्ष की दावेदारी भी करें। हालांकि इस सीट के लिए शायद पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल देव अग्निहोत्री बब्बन शर्मा रामजी गुप्ता राजेंद्र सिंह चौहान अथवा कोई गुप्त नाम भी बीजेपी की तरफ से आ सकता है। हालांकि परसीमन का कार्य अच्छा हुआ है मतदाताओं को इस पर कोई एतराज नहीं है लेकिन शायद अन्य पार्टियों की तरह भाजपा की साफ-सुथरी छवि अब अन्य पार्टियों की तरह है। शायद भाजपा के कार्यकर्ता जो जमीनी है और पुराने हैं उनको किनारे कर दिया है अन्य पार्टियों से आए उन लोगों को तरजीह दी जा रही है जो संपन्नता के साथ गणेश परिक्रमा और खिदमदारी में आगे हैं। राजनीति में लोगों का ऐसा मानना है कि किसी भी पार्टी में ईमानदार और पार्टी के लिए जीवन भर खून पसीना एक करने वाले लोगों का कोई स्थान नहीं है। अर्थशास्त्र में एक कहावत भी है खोटा सिक्का अच्छे सिक्के को चलन से बाहर कर देता है शायद ऐसी स्थिति पार्टियों में भी बन गई है और अच्छे ईमानदार जुझारू और जीवन भर समर्पण की भावना से काम करने वाले लोग राजनीति से किनारा काटने लगे हैं। जिससे राजनीति में एनकेन प्रकार से धन जोड़ने वाले ऊंचे नेताओं की सेवा करने वाले व न्याय अन्याय को न मानकर किसी तरह अपने को अच्छा दर्शाकर पद पाने में सब कुछ साम दाम दंड भेद से आ रहे हैं। और ऐसे लोगों के आने से लोकतंत्र तो चलता रहेगा लेकिन देश और समाज को कोई सही दिशा शायद नहीं मिलेगी। इसलिए पार्टियों को ईमानदार कर्मठ और जीवन भर पार्टी के प्रति आस्थावान लोगों को ही प्राथमिकता देनी चाहिए शायद यह जनता के दिल की ही आवाज है। जिससे आम जनता को शांति मिल सके और सरकार के धन का उचित प्रयोग हो सके। वरना जनता जहां ठगती रहेगी और पार्टी व सरकार का न कोई आदर्श होगा इसमें आया राम और गयाराम की कहानी चलती रहेगी। शायद इस पर पार्टियां कुछ चिंतन और मनन करके उचित कदम उठाएंगी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button