July 4, 2022

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लखनऊ 03 जून*अपर मुख्य सचिव के आदेश अनुसार यदि चयन वेतन निर्धारण के लिए यदि शिक्षकों को विकल्प दिया जाए तो दूर हो सकती है वेतन विसंगति*

लखनऊ 03 जून*अपर मुख्य सचिव के आदेश अनुसार यदि चयन वेतन निर्धारण के लिए यदि शिक्षकों को विकल्प दिया जाए तो दूर हो सकती है वेतन विसंगति*

*यूपी, लखनऊ* राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ मंडल लखनऊ द्वारा वित्त एवं लेखा अधिकारी लखनऊ को कई बार वेतन विसंगति के बारे में आगाह करने के बावजूद नहीं ध्यान दे रहे लेखा अधिकारी महोदय और हर बार ऊपर से मार्गदर्शन मांगने के बहाने करके कई वर्षों से लंबित हैं शिक्षकों के अनियमित चयन वेतनमान के मामले।
अब शिक्षकों के चयन वेतन मान प्रक्रिया में एक लंबा खेल सामने आया है, इसकी शिकायत मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक पीएन सिंह से राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से की गयी है। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक ने जांच शिकायत का संज्ञान लेकर जांच कराने की बात भी कही है। ये समस्या राजधानी के कई सौ शिक्षकों की है।

ये है पूरा मामला
फ़रवरी 2019 में नियुक्त अध्यापक जिनको वर्ष 2019 चयन वेतनमान देय है । चयन वेतनमान के पश्चात उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि बिना विकल्प लिए जनवरी कर दी गयी है । इससे उनका वेतन जुलाई 2009 में नियुक्त और जुलाई , अक्टूबर और दिसंबर 2009 में चयन वेतनमान प्राप्त अध्यापको से कम हो रहा है। जिस कारण (जनवरी से जून) में नियुक्त अध्यापक का वेतन उनको चयन वेतनमान मिलने के पश्चात उनसे कनिष्ठ ( जून से दिसंबर) में नियुक्त अध्यापक से कम प्राप्त हो रहा है। विभागीय लापरवाही के ​चलते शिक्षक मानसिक रूप से तनाव में हैं, इस संबंध में विभाग वित्त लेखाधिकारी नागेश त्रिपाठी बताया गया लेकिन उन्होंने भी मामले को अनदेखा कर दिया है। वेतन विसंगति के इस तरह के कई मामले 2006 और 2007 के भी हैं जिन्हें अधिकारियों ने जानबूझकर लंबित कर रखा है ताकि शिक्षक परेशान होकर एन केन प्रकारेण समझौता करे। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का हाल इतना बुरा है कि वित्त एवं लेखा अधिकारी के द्वारा शिक्षकों के एनपीएस खातों को खुलवाने, न्यू पेंशन के तहत अभी तक बहुत से पुराने शिक्षकों को प्रान किट आवंटित नहीं की गई है जिसे आधिकांश शिक्षक ना तो ओल्ड पेंशन स्कीम में आते हैं ना ही नई पेंशन स्कीम आप आ रहे हैं। शिक्षकों द्वारा कई बार एनपीएस फॉर्म भरकर देने के बावजूद उसे खो दिया जाता है और फॉर्म जमा करने की कोई रिसीविंग भी नहीं दी जाती।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ मंडल इकाई ने इन समस्याओं का ध्यान एक बार पुनः वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा लखनऊ को दिलाया तथा बेसिक शिक्षा विभाग के बीएसए के प्रतिनिधि वरिष्ठ खंड शिक्षा अधिकारी रामनारायण यादव को इस समस्या का ज्ञापन दे अपनी बात कही।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ लखनऊ मंडल के अध्यक्ष महेश मिश्रा ने जल्द ही मांग पत्र के रूप में मंडली सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक को शिक्षकों की समस्या से अवगत कराने की बात कही, जिसे शीघ्र शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया जा सके।
ज्ञापन देने की प्रक्रिया में महेश मिश्रा ,रीना त्रिपाठी, आशीष मिश्रा,अनुराग राठौर, रुचि अरोड़ा रेनू त्रिपाठी, विकास त्रिवेदी शिक्षक प्रतिनिधी उपस्थित रहे।