July 5, 2022

UPAAJTAK

TEZ KHABAR

ब्रेकिंग रायबरेली 04 जून 21*जनई गांव में सुविख्यात श्रीसीतारामन मंदिर स्थल व बड़ेगांव रसेहता का प्राचीन शिवालय के अब बहुरेंगे दिन

जनई गांव में सुविख्यात श्रीसीतारामन मंदिर स्थल व बड़ेगांव रसेहता का प्राचीन शिवालय के अब बहुरेंगे दिन

 

 

महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र के जनई गांव में सुविख्यात श्रीसीतारामन मंदिर स्थल और सदार तहसील के बड़ेगांव मजरे रसेहता स्थित प्राचीन शिवालय के दिन अब बहुरेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ द्वारा दोनों मंदिरों के इतिहास की जानकारी होने पर उन्होंने संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी और राजस्व विभाग से तहसीलदार एके शुक्ला की सयुक्त टीम को मौके पर भेजकर दोनों स्थलों का विधिवत निरीक्षण करवाया है। लखनऊ के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव के नेतृत्व में आई विशेषज्ञों की टीम ने मंदिर स्थल परिसर और आस पास के क्षेत्रों की नाप जोखकर करके सुंदरीकरण का खाका खींचने की तैयारी प्रारंभ कर दी है।

आपको बता दें कि, जनई गांव में सीतारामन का प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर स्थित है। जन श्रुति के अनुसार महाभारत काल में राजा जन्मजय द्वारा यहां पर विशाल नाग यज्ञ कराया गया था। इसके लिए हवन कुंड की भी स्थापना की गई थी। ग्रामीणों का दावा है कि, मंदिर परिसर से मिले पचासी बीघे की झील में हवन कुंड के अवशेष अभी भी पाए जाते हैं। कालांतर में इस स्थान पर राजा जन्मेजय द्वारा तीन विशाल मंदिर भी निर्माण कराए गए थे।

यह भी लोगों का कहना है कि, मुगल शासक औरंगजेब के शासनकाल में इस मंदिर की भव्यता और प्रसिद्धि के चलते मुगल शासक ने सेना भेजकर इन सभी मंदिरों को ध्वस्त कर दिया था। बाद में चंदापुर रियासत द्वारा इसी स्थल पर नए सिरे से मंदिर बनाए गए थे। जिनमें सीताराममन मंदिर के साथ-साथ शिवजी का मंदिर भी था। मंदिर में सुंदर मूर्तियों की स्थापना के साथ-साथ मुस्लिम सेना द्वारा खंडित की गई मूर्तियों को भी सहेज कर रखा गया था। बाद में देख रेख के अभाव में धीरे-धीरे यह मंदिर जीण हो गए इसके अलावा राजा चंदापुर द्वारा बड़ा गांव रसेहता में भी शिव जी का भव्य मंदिर बनवाया गया था। वह भी देख रेख के अभाव में जर्जर हो गया है।

इन दोनों स्थानों के लिए पूर्व विधायक राजाराम त्यागी, रामलाल अकेला, पूर्व mlc राजा राकेश प्रताप सिंह तथा वर्तमान विधायक राम नरेश रावत समय समय पर शासन को पत्र लिखकर स्थलों को भव्यता करते हुए पर्यटन स्थल घोषित किए जाने की मांग की थी। हाल ही में चंदापुर रियासत के वंशज राजा कौशलेंद्र सिंह बड़े राजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर दोनों स्थानों के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व को बताते हुए दोनों स्थानों को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग की थी।

इसी क्रम में क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव अपने साथ तकनीकी विशेषज्ञों की टीम के साथ तहसील पहुंचे और SDM सविता यादव तथा तहसीलदार आर के शुक्ला से मुलाकात की। SDM के निर्देश पर तहसीलदार आर के शुक्ला ने क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक श्रीकांत पांडेय और हल्का लेखपाल शिव कंठ गुप्ता चकबंदी लेखपाल के साथ मौके का भ्रमण करवाया। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी ने बताया कि, वह दोनों स्थलों का भ्रमण करके जायजा ले लिया है। तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा दोनों स्थानों पर प्रस्तावित मंदिरों के मॉडल बनाकर शासन को भेजे जाएंगे। शासन द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद दोनों मंदिर और आसपास के क्षेत्र का विकास कर के इन्हें पर्यटन स्थल के रूप में घोषित किया जाएगा

You may have missed