July 4, 2022

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ब्रेकिंग मुंबई 23 मई 21**मामले की जांच नहीं हुई तो आत्मदाह तय*

*मामले की जांच नहीं हुई तो आत्मदाह तय*

 

*मुंबई: दि (संवाददाता) स्लम पुनर्वास परियोजना में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का भ्रष्ट्राचार किया गया हैं। इस मामले की जांचं ना किये जाणे पर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रॅटिक के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. राजन माकणीकर आत्मदाह करणे पर तय है।*

 

 

ईस परियोजना में, मूल झोपड़ी के मालिक को अयोग्य घोषित कर दिया और डेवलोपर विमल शाह की पत्नी सगे संबंधी तथा स्टाफ को योग्य घोषित किया गया, जब की आज भी कुछ झुग्गी वाशीयो को किराए के चेक या फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया है। तत्कालीन एमआईडीसी अधिकारियों की वंशावली की जांच की जानी चाहिए और विमल शाह को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

 

 

 

महादलाल मुर्जी पटेल, डेवलोपर विमल शाह और तत्कालीन एमआईडीसी अधिकारियों से पूछताछ कर उनकी प्रॉपर्टी जब्त कर लिया जाए और होटल का लाइसेंस रद्द कर परियोजना को जमीन सौंप दी जाए।

 

 

यह पता लगाना अनिवार्य है कि जिस स्थान पर बच्चों के खेल का मैदान उपलब्ध कराया गया है, उस स्थान पर आकृति सेंटर प्वाइंट भवन कैसे और किसके अनुमति से बनाया गया था, भवन को गिराने और विकासकर्ता विमल शाह और तत्कालीन एमआईडीसी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करना अनिवार्य है।

 

 

किस अधिकारी ने बिना परियोजना पूर्ण किये भवन की बिक्री के लिए विकासकर्ता को ओसी देकर परियोजना को खतम किया, इसकी जांच करें और विकासकर्ता विमल शाह महादलाल मुरजी पटेल के साथ तत्कालीन अधिकारी की संपत्ति को जब्त कर लें।

 

 

विकासकर्ता विमल शाह ने अस्थायी रूप से एमआईडीसी से भूमि का अनुरोध किया और उसे वापस नहीं किया।

ऐसे में इस महाठग विमल शाह और सरकारी परियोजनाओं की चोरी पर आंख मूंदकर जगह पर अवैध निर्माण बनवाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करना जरूरी है.

 

 

 

ईस मामले में 420 महादलाल मुरजी पटेल को फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव आयोग और सरकार को धोखा देने के आरोप में माननीय न्यायालय द्वारा दोषी ठहराया गया है। मुरजी कांजी पटेल के सभी खातों और संपत्तियों को जांच के बाद सील कर ऊसको हवालात की हवा खाणे भेज दे इस और अन्य परियोजना से संबंधित प्रश्न लेकरं अंनशन कर रहे है, मात्र अंनशन से कुछ ना हुआ तो आत्मदाह तक करणे की तैयारी है ऐसे डॉ राजन माकणीकर ने प्रसार माध्यम को बताया।