July 5, 2022

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बहराइच 13 जून*चहलारी नरेश बलभद्र सिंह का 163वां बलिदान दिवस मनाया गया

बहराइच 13 जून*चहलारी नरेश बलभद्र सिंह का 163वां बलिदान दिवस मनाया गया

सदियों तक अमर रहेगी चहलारी नरेश की वीरगाथा
बलिदान दिवस पर बलभद्र सिंह की वीरता को नमन
सेनानी भवन सभागार में बलिदान दिवस पर दी गई श्रद्धांजलि
बहराइच। 1857वीं स्वतंत्रता संग्राम के महानायक चहलारी नरेश बलभद्र सिंह का 163वां बलिदान दिवस राजा बलभद्र सिंह महिला उत्थान सोसाइटी के तत्वावधान में स्थानीय सेनानी भवन सभागार में मनाया गया। जिसमें वक्ताओं ने चहलारी नरेश की वीरगाथा का गुणगान करते हुए उन्हें देश का एक महान सपूत बताते हुए स्वतंत्रता आन्दोलन में उनके महान योगदान को याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोण्डा नरेश देवीबख्श सिंह के वशंज माधवराज सिंह ने किया। जबकि संचालन चहलारी नरेश बलभद्र सिंह के उत्तराधिकारी आदित्यभान सिंह ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कवि लक्ष्मीकांत मृदुल ने कहा कि हम गौरान्वित है कि ब्रिटिश हुकूमत की चूले हिलाने वाले महान सेनानी बलभद्र सिंह जिले के निवासी है। उन्होंने कहा कि बलभद्र सिंह चहलारी नरेश दुश्मन हित काल का भेष दुनिया ने देखा था शान, आरियो ने भी कहा बलवान। विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए पूर्व विधायक रामसागर राव ने कहा कि अंगे्रजों के साथ संघर्श में जिले के 600 सैनिक शहीद हुए थे। महान सेनानी चहलारी नरेश को शत-शत नमन। मुख्य वक्ता कर्मवीर सिंह ने चहलारी नरेश की वीरता पर बोलते हुए कहा कि लंदन टाइम्स के पत्रकार सर विलियिम रसेल व ब्रिटिश सेनापति होपग्रांट ने चहलारी नरेश बलभद्र सिंह की वीरता की भूरि-भूरिं प्रशंसा की है। महादेवा में दो दर्जन से अधिक राजाओं में 18 वर्ष के चहलारी नरेश ने ही अवध के संयुक्त सैन्य अभियान के प्रमुख होने का वीड़ा उठाया। सेनानी उत्तराािधकारी संगठन के प्रदेश महासचिव रमेश मिश्रा ने बताया कि चहलारीघाट पुल पर मूर्ति अनावरण के प्लेटफार्म का निर्माण अंतिम चरण पर है। संरक्षक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि अ बवह समय आ गया है कि बहराइच के जन मानस द्वारा चहलारीघाट पुल का नामकरण महाराजा बलभद्र सिंह के नाम पर हो। यह आवाज सरकार तक पहुंचायी जाये। अपर जिला सूचना अधिकारी गुलाम वारिस सिद्दीकी व लेखाकार सभाकान्त दूबे ने भी चहलारी नरेश को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी वीरता का गुणगान किया। अंत मे अध्यक्षीय सम्बोधन में माधवराज सिंह ने कहा कि सरकार सभी भूले बिसरे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की खोज व परिजनों को सम्मान देने का कार्य कर रही है। जो स्वागतयोग्य है। कार्यक्रम के दौरान विशेश्वरनाथ अवस्थी,अगम सिंह, अंश सिंह, पुष्कर सिंह, इनायत अली सहित तमाम लोग मौजूद रहे।