July 7, 2022

UPAAJTAK

TEZ KHABAR

गोण्डा15जून*कर्नलगंज ब्लाक स्थित सरकारी गोदाम से बेचे गए धान के बीज ही निकले खराब,शिकायत अनुसुनी*

गोण्डा15जून*कर्नलगंज ब्लाक स्थित सरकारी गोदाम से बेचे गए धान के बीज ही निकले खराब,शिकायत अनुसुनी*

(विभागीय जिम्मेदार अधिकारियों कर्मचारियों की सांठ गांठ से धान का खराब,सड़ा बीज देकर किसानों के साथ धोखाधड़ी करने और काफी पैमाने पर फर्जीवाड़े का है मामला )
कर्नलगंज (गोंडा) । तहसील मुख्यालय के विकासखंड कर्नलगंज स्थित सरकारी बीज गोदाम के बिक्री केन्द्र से धान के खराब,सड़े बीजों के बिक्री किये जाने का भ्रष्टाचरित एवं‌ किसानों के साथ धोखाधड़ी करने का हैरत अंगेज मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ताजा मामला विकासखंंड परिसर में स्थित राजकीय बीज भंडार कर्नलगंज से संबंधित है जहां से बीज खरीदकर किसान बोआई व रोपाई करते हैं। यहां गोदाम से ही सटा एडीओ एजी का कार्यालय भी है। उक्त बीजभंडार केंद्र से इसी विकासखंड के इन्दर पुत्र पाटनदीन एक गरीब किसान द्वारा द्वारा एक हफ्ते पूर्व धान का छह किलोग्राम बीज 37 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से दो सौ बाईस रूपये मे खुला खरीदा गया था, जिसके साथ आधार कार्ड,बैंक खाता पासबुक,खतौनी की फोटोकाफी भी मौजूद कर्मचारियों द्वारा लिया गया था। बीज खरीद कर ले जाने के बाद किसान द्वारा बीज बोने से पूर्व उसमें अंकुरण करने हेतु भिगो कर रखने के बाद उनमें अंकुरण नही हुआ। जिससे उक्त धान बीज के खराब एवं सड़ा होने की जानकारी होने पर उसके साथ हुई धोखाधड़ी मालूम होते ही पीड़ित किसान के होश उड़ गये। दो दिनों तक पीड़ित किसान को मौजूद कर्मचारियों द्वारा कभी अधिकारी के ना होने और कभी अधिकारी के लखनऊ से आने जाने के कारण देर से आयेंगे कहकर कार्यालय का चक्कर लगवाने के बाद भी जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों के ना मिलने से उसकी समस्या की सुनवाई नही हो सकी जिससे त्रस्त होकर पीड़ित किसान ने उक्त संबंध में जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध उचित सख्त वैधानिक कार्यवाही करने और क्षतिपूर्ति दिलाये जाने की गुहार लगायी है।जबकि पीड़ित किसान का कहना है जब वह अपनी समस्या लेकर बीज गोदाम पर गया तो वहां उसके अलावा और भी कई किसान मौजूद थे जो ज्यादा धान बीज खरीदकर ले गये थे वह भी बीज के खराब होने की शिकायत करने आये थे। विदित हो कि विभागीय भ्रष्ट,मनमानी कार्यप्रणाली से खराब धान बीजों के बिक्रय से अनेकों किसानों को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन अफसर जानबूझकर शिकायतों की अनदेखी कर मामले को दबाने में जुटे हैं। जानकारों का कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच करा ली जाए तो गड़बड़ का दायरा बहुत बड़ा निकल सकता है। विदित हो कि इस बीज भंडार केंद्र से संबंधित बीज में गड़बड़ी होने के साथ ही खरीद करने वाले सभी किसानों के बजाय फर्जीवाड़ा कर दूसरे लोगों के बैंक खातों में अनुदान राशि भेजे जाने, सब्सिडी युक्त बीजों को पात्र किसानों को ना देकर बाजार में बिक्री कर देने, किसान सम्माननिधि की काफी धनराशि वास्तविक किसानों के बजाय फर्जी अपात्र लोगों के खातों में भेजे जाने की शिकायतें भी आम हैं। जिसकी गहन जांच होने से काफी पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हो सकता है।