July 7, 2022

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गोण्डा 28 मई*एसडीएम ने ग्राम प्रधान को दी अश्लील गाली

गोण्डा 28 मई*एसडीएम ने ग्राम प्रधान को दी अश्लील गाली

*उपजिलाधिकारी कर्नलगंज शत्रुघ्न पाठक द्वारा एक ग्रामप्रधान को अश्लील गाली देकर अभद्रता करने का वीडियो हुआ वायरल।*
@ जनप्रतिनिधि/प्रधान से अभद्र अमर्यादित व्यवहार व गाली देते हुए अपमानित करने से एसडीएम की पदीय गरिमा पर प्रश्नचिन्ह लगने के साथ ही तानाशाहीपूर्ण रवैया उजागर, ग्रामीणों में रोष @

*कर्नलगंज/गोंडा।* अपने कारनामों से चर्चित रहने वाली तहसील कर्नलगंज में कार्यरत मौजूदा उपजिलाधिकारी शत्रुघ्न पाठक द्वारा तहसील क्षेत्र के एक नवनिर्वाचित ग्रामप्रधान को अश्लील गाली देते हुए सार्वजनिक तौर पर अपमानित कर अभद्रता करने का वीडियो वायरल हुआ है। जो जनपद के कर्मठ कहे जाने वाले डीएम श्री शाही को आईना दिखाते हुए चुनौती‌ साबित होने के साथ ही समूचे सिस्टम पर सवालिया प्रश्नचिन्ह लगा रहा है।
विदित हो कि विगत कुछ माह पूर्व तहसील कर्नलगंज में नयी तैनाती पर आये उपजिलाधिकारी शत्रुघ्न पाठक प्रशासनिक अनुभव के अभाव और पद गरिमा के विपरीत निरंकुश कार्यप्रणाली एवं तीखी अभद्र भाषाशैली अशिष्ट व्यवहार के चलते सुर्खियों में हैं। मामला कर्नलगंज तहसील क्षेत्र के थाना कटराबाजार के ग्राम छतौरा से संबंधित है। जहां निजी भूमि से मिट्टी निकाल कर सामाजिक कार्य हेतु रास्ते की मरम्मत करा रहे नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान को कुछ राजनैतिक लोगों के इशारे पर द्वेषवश बिना किसी शिकायत के 23 मई रविवार को शाम को गांव में पहुंच कर उपजिलाधिकारी द्वारा तानाशाही पूर्ण रवैया अख्तियार कर अपमानित करके पिटाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर ग्राम प्रधान को हवालात में बंद कर चालान करने के मामले में वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में उपजिलाधिकारी शत्रुघ्न पाठक द्वारा अपने पद का बेजा इस्तेमाल कर पदीय गरिमा के विपरीत कार्य करके ग्रामसभा के एक सम्मानित पदधारक ग्रामप्रधान मुहम्मद उमर को गाली देते हुए अशोभनीय साले …??? शब्द का प्रयोग कर अपमानजनक अश्लील अभद्र उत्तेजक भाषा का प्रयोग किया जाना और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाना स्पष्ट सुनाई और दिखाई पड़ रहा है। वीडियो मेंं उपजिलाधिकारी का काफी तल्ख अंदाज भी नजर आ रहा है। इस वीडियो में एसडीएम पाठक नवनिर्वाचित ग्रामप्रधान के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते दिख व सुनाई दे रहे हैं। एसडीएम प्रधान से कह रहे हैं कि मुझे तमाशा दिखाने को कह रहा है! अभी इसके मिट्टी की ट्राली को सीज कर रहा हूं।
सामने आया यह वीडियो 23 मई 2021 दिन रविवार की शाम का है।जो एसडीएम द्वारा ग्रामप्रधान को निजी भूमि से मिट्टी निकलवाकर ग्रामीणों के आग्रह पर सामाजिक कार्य हेतु रास्ते को सही कराने पर परमीशन मांगे जाने और प्रधान तथा ग्रामीणों की अनसुनी कर किसी दबाव में द्वेषवश तानाशाही रवैया अख्तियार कर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई करने से जुड़ा बताया जाता है। वहीं उक्त संबंध में ग्राम के विपिन पांडेय, कन्हैया पांडेय,रमेश आदि अनेकों ग्रामीणों का कहना है गांव में एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति के यहां लड़की की शादी थी और गांव में आने जाने के रास्ते पर पानी भरा होने से हम लोगों ने प्रधान से कहा कि गांव में आने जाने का कोई रास्ता सही नहीं है तब लोगों के कहने पर प्रधान निजी भूमि से मिट्टी खुदवा कर रास्ता सही करा रहे थे तभी बगैर किसी शिकायत के पुलिस के साथ एसडीएम साहब पहुंच कर प्रधान को ट्रेक्टर ट्राली सहित पकड़ ले गए और थाने में बंद कर दिए। मालूम हो कि इसके पूर्व भी उपजिलाधिकारी शत्रुघ्न पाठक अपने अभद्र भाषाशैली और तानाशाही पूर्ण निरंकुश कार्यप्रणाली एवं उत्तेजना के वशीभूत होकर अमर्यादित व्यवहार करते देखे,सुने जा चुके हैं जिससे लोगों में काफी आक्रोश है। उपजिलाधिकारी के ऐसे अभद्र कार्यशैली से जहां इनकी प्रशासनिक अनुभव क्षमता के साथ ही समूचे सिस्टम पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है वहीं प्रदेश के उच्च प्रतिष्ठित जिम्मेदार पद की गरिमा भी धूमिल हो रही है। ऐसे में गंभीर विचारणीय प्रदशर्न यह है कि जिले के तेजतर्रार कहे जाने वाले डीएम मार्कण्डेय शाही की दृष्टि इन पर कब पड़ेगी और इन पर अंकुश लगाते हुए कार्रवाई कब होगी। जबकि दूसरे तरफ पीड़ित प्रधान के काफी भयभीत हो सहमे होने से उसका कार्य काल कितना कांटों भरा होगा यह अनुमान लगाना मुश्किल है।जिसका कारण राजनैतिक द्वेषभावना प्रशासनिक दबाव होना प्रतीत होने के वजह से सरल ग्राम प्रधान का उत्पीड़न होना लग रहा है जो लोकतांत्रिक दृष्टि से अनुचित एवं शर्मशार करने वाला कृत्य है।