December 8, 2022

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गोण्डा 25 मई*सीएम के जिले में दौरे के बावजूद दबंगों की दबंगई जारी,कर्नलगंज तहसील में न्याय की आस में घंटों भटकते रहे पीड़ित*

गोण्डा 25 मई*सीएम के जिले में दौरे के बावजूद दबंगों की दबंगई जारी,कर्नलगंज तहसील में न्याय की आस में घंटों भटकते रहे पीड़ित*
# तहसील में जिम्मेदार अधिकारियों की नामौजूदगी के चलते नहीं हो सकी सुनवाई, मुख्यमंत्री के दौरे में बताये गये व्यस्त# @ पुलिस की मिलीभगत से स्थगनादेश के बाद भी दबंग कर रहे अवैध निर्माण@ #……………………… *कर्नलगंज/गोण्डा*- जिले में एक ओर जहाँ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगमन हो रहा था वहीं दूसरी ओर थाना कोतवाली कर्नलगंज क्षेत्र के भंभुआ चौकी अन्तर्गत ग्राम कैथोली मेंं एक असहाय पीड़ित परिवार के विवादित भूमि पर दबंगो द्वारा दबंगई व पैसे के बल पर न्यायालय के स्थगनादेश की अवहेलना कर बेखौफ होकर प्रश्नगत भूमि पर जबरन अवैध निर्माण कर कब्जा किया जा रहा था यहां कोर्ट का आदेश भी कोई मायने नहीं रखता ॥ जिसका ताजा उदाहरण 24 मई सोमवार को ग्राम कैथोली भंभुआ चौकी का सामने आया है जिसमें पीड़ित दृगपाल एवं फूलमती के अनुसार अधिकारियों को संबोधित प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि विवादित भूमि आबादी स्थित ग्राम कैथौली के संबंध में माननीय दीवानी न्यायालय पर दृगपाल बनाम चंद्रपाल के दायर मुकदमे में न्यायालय द्वारा उभयपक्षों को सुनकर वर्षों पहले से स्थगनादेश पारित है जिस पर विपक्षीगण चंद्रपाल व मुन्ना पुत्रगण राजाराम निवासी कैथोली उपरोक्त दबंगई के बल पर स्थगनादेश की अवहेलना करके अवैध निर्माण कर कब्जा कर रहे हैं जिसकी सूचना चौकी थाने पर देने के बावजूद विपक्षी के प्रभाव में कोई सुनवाई नहीं की गई,जबकि पूर्व में पीड़ित ने जिले के समस्त उच्चाधिकारियों को दीवानी न्यायालय के आदेश के बारे में उल्लेख करके अवैध निर्माण रोकने हेतु किये निवेदन में उपजिलाधिकारी, प्रभारी निरीक्षक कर्नलगंज व पुलिस अधीक्षक महोदय गोंडा आदि सक्षम अधिकारियों द्वारा पूर्व में दिए गए आदेश/निर्देश को पुलिस चौकी भंभुआ,थाने की पुलिस द्वारा दरकिनार करते हुए विपक्षीगण से अनुचित लाभ लेकर खुलेआम निर्माण करने की छूट दे दी गई उसी के फलस्वरूप दीवानी आदेश दिनांक 13/4/2016 को संबंधित चौकी, थाने की पुलिस द्वारा स्वयं प्रभावहीन करार देते हुए विपक्षीगण द्वारा दिए गए फर्जी कागजात को गलत आधार बनाकर प्रार्थीगण को यह कहकर भगा दिया गया कि जहां जो करना है वहां जाकर करो निर्माण नहीं रुकेगा !! और निर्माण चलता रहा जिस पर पीड़ित पुलिस के कई चक्कर लगाने के बाद मजबूर होकर उक्त अवैध निर्माण को शीघ्र रोकने और दीवानी न्यायालय के स्थगनादेश का अनुपालन कराते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग कर न्याय की आस में अधिकारियों को प्रार्थनापत्र देने तहसील कर्नलगंज आये थे जहां कई घंटों भटकने के बाद किसी भी अधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी तब काफी व्यथित होकर मालूम करने पर पता चला कि योगी जी के गोंडा दौरे में सभी अधिकारी व्यस्त हैं ॥बताते चलें कि दबंगों का कहर पहले भी देखने को मिला है जहां पूर्व में भी उक्त भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे को अधिकारियों द्वारा रोका गया था इसके बावजूद दबंगई के बल पर पुन: अवैध निर्माण कर कब्जा किये जाने से पुलिस की कार्यप्रणाली और भूमिका सवालिया घेरे मे है॥ वहीं आपात स्थिति में तहसील कर्नलगंज में किसी प्रभारी अधिकारी के मौजूद न होने के चलते पीड़ितों को न्याय की आस में घंटों दर-दर भटकने से तहसील प्रशासन की उदासीनता व निरंकुश कार्यप्रणाली उजागर हो रही है जबकि अभी शनिवार को ही उपजिलाधिकारी कर्नलगंज का तानाशाहीपूर्ण अमर्यादित रवैया सामने आ चुका है जो सुर्खियों मे है ॥आखिर इन बेलगाम अधिकारियों पर लगाम कब लगेगी व पीड़ितों को न्याय कब मिलेगा ??